Genesis · chapter 16 · verse 6
Genesis 16:6 in Hindi
अब्राम ने सारै से कहा, देख तेरी लौंडी तेरे वश में है: जैसा तुझे भला लगे वैसा ही उसके साथ कर। सो सारै उसको दु:ख देने लगी और वह उसके साम्हने से भाग गई।
Abraam ne saarai se kahaa, dekh teree laundee tere vash mem hai: jaisaa tujhe bhalaa lage vaisaa hee usake saath kar. So saarai usako du:kh dene lagee aur vah usake saamhane se bhaag gaee.
Genesis 16:6 in English
- King James Version (KJV)
- But Abram said unto Sarai, Behold, thy maid [is] in thy hand; do to her as it pleaseth thee. And when Sarai dealt hardly with her, she fled from her face.
- World English Bible (WEB)
- But Abram said to Sarai, “Behold, your maid is in your hand. Do to her whatever is good in your eyes.” Sarai dealt harshly with her, and she fled from her face.
- American Standard Version (ASV)
- But Abram said unto Sarai, Behold, thy maid is in thy hand; do to her that which is good in thine eyes. And Sarai dealt hardly with her, and she fled from her face.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Abram said, The woman is in your power; do with her whatever seems good to you. And Sarai was cruel to her, so that she went running away from her.
- Darby Translation (DBY)
- And Abram said to Sarai, Behold, thy maidservant is in thy hand: do to her what is good in thine eyes. And Sarai oppressed her; and she fled from her face.
- Webster's Bible (WBS)
- But Abram said to Sarai, Behold, thy maid [is] in thy hand; do to her as it pleaseth thee. And when Sarai dealt hardly with her, she fled from her face.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Abram saith unto Sarai, 'Lo, thine handmaid [is] in thine hand, do to her that which is good in thine eyes;' and Sarai afflicted her, and she fleeth from her presence.
Read in context
- 4और वह हाजिरा के पास गया, और वह गर्भवती हुई और जब उस ने जाना कि वह गर्भवती है तब वह अपनी स्वामिनी को अपनी दृष्टि में तुच्छ समझने लगी।
- 5तब सारै ने अब्राम से कहा, जो मुझ पर उपद्रव हुआ सो तेरे ही सिर पर हो: मैं ने तो अपनी लौंडी को तेरी पत्नी कर दिया; पर जब उस ने जाना कि वह गर्भवती है, तब वह मुझे तुच्छ समझने लगी, सो यहोवा मेरे और तेरे बीच में न्याय करे।
- 6अब्राम ने सारै से कहा, देख तेरी लौंडी तेरे वश में है: जैसा तुझे भला लगे वैसा ही उसके साथ कर। सो सारै उसको दु:ख देने लगी और वह उसके साम्हने से भाग गई।
- 7तब यहोवा के दूत ने उसके जंगल में शूर के मार्ग पर जल के एक सोते के पास पाकर कहा,
- 8हे सारै की लौंडी हाजिरा, तू कहां से आती और कहां को जाती है? उस ने कहा, मैं अपनी स्वामिनी सारै के साम्हने से भग आई हूं।
Cross references
- Jeremiah 38:5 यिर्मयाह 38:5सिदकिरयाह राजा ने कहा, सुनो, वह तो तुम्हारे वश में हे; क्योंकि ऐसा नहीं हो सकता कि राजा तुम्हारे विरूद्व कुछ कर सके।
- Psalm 106:41–42 भजन संहिता 106:41–42तब उस ने उनको अन्यजातियों के वश में कर दिया, और उनके बैरियो ने उन पर प्रभुता की। उनके शत्रुओं ने उन पर अन्धेर किया, और वे उनके हाथ तले दब गए।
- Job 2:6 अय्यूब 2:6यहोवा ने शैतान से कहा, सुन, वह तेरे हाथ में है, केवल उसका प्राण छोड़ देना।
- Proverbs 29:19 नीतिवचन 29:19दास बातों ही के द्वारा सुधारा नहीं जाता, क्योंकि वह समझदार भी नहीं मानता।
- Proverbs 14:29 नीतिवचन 14:29जो विलम्ब से क्रोध करनेवाला है वह बड़ा समझवाला है, परन्तु जो अधीर है, वह मूढ़ता की बढ़ती करता है।
- Genesis 24:10 उत्पत्ति 24:10तब वह दास अपने स्वामी के ऊंटो में से दस ऊंट छंाटकर उसके सब उत्तम उत्तम पदार्थों में से कुछ कुछ लेकर चला: और मसोपोटामिया में नाहोर के नगर के पास पहुंचा।
- Exodus 2:15 निर्गमन 2:15जब फिरौन ने यह बात सुनी तब मूसा को घात करने की युक्ति की। तब मूसा फिरौन के साम्हने से भागा, और मिद्यान देश में जाकर रहने लगा; और वह वहां एक कुएं के पास बैठ गया।
- Genesis 13:8–9 उत्पत्ति 13:8–9तब अब्राम लूत से कहने लगा, मेरे और तेरे बीच, और मेरे और तेरे चरवाहों के बीच में झगड़ा न होने पाए; क्योंकि हम लोग भाई बन्धु हैं। क्या सारा देश तेरे साम्हने नहीं? सो मुझ से अलग हो, यदि तू बाईं ओर जाए तो मैं दहिनी ओर जाऊंगा; और यदि तू दहिनी ओर जाए तो मैं बाईं ओर जाऊंगा।
- Ecclesiastes 10:4 सभोपदेशक 10:4यदि हाकिम का क्रोध तुझ पर भड़के, तो अपना स्थान न छोड़ना, क्योंकि धीरज धरने से बड़े बड़े पाप रूकते हैं।।
- 1 Peter 3:7 1 पतरस 3:7वैसे ही हे पतियों, तुम भी बुद्धिमानी से पत्नियों के साथ जीवन निर्वाह करो और स्त्री को निर्बल पात्रा जानकर उसका आदर करो, यह समझकर कि हम दोनों जीवन के वरदान के वारिस हैं, जिस से तुम्हारी प्रार्थनाएं रूक न जाएं।।
- Proverbs 27:8 नीतिवचन 27:8स्थान छोड़कर घूमनेवाला मनुष्य उस चिड़िया के समान है, जो घोंसला छोड़कर उड़ती फिरती है।
- Proverbs 15:1 नीतिवचन 15:1कोमल उत्तर सुनने से जलजलाहट ठण्डी होती है, परन्तु कटुवचन से क्रोध धधक उठता है।