Genesis · chapter 27 · verse 24
Genesis 27:24 in Hindi
और उस ने पूछा, क्या तू सचमुच मेरा पुत्रा एसाव है? उस ने कहा मैं हूं।
Aur us ne poochhaa, kyaa too sachamuch meraa putraa esaav hai? Us ne kahaa maim hoon.
Genesis 27:24 in English
- King James Version (KJV)
- And he said, [Art] thou my very son Esau? And he said, I [am].
- World English Bible (WEB)
- He said, “Are you really my son Esau?” He said, “I am.”
- American Standard Version (ASV)
- And he said, Art thou my very son Esau? And he said, I am.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said, Are you truly my son Esau? And he said, I am.
- Darby Translation (DBY)
- And he said, Art thou really my son Esau? And he said, It is I.
- Webster's Bible (WBS)
- And he said, [Art] thou my very son Esau? And he said, I [am].
- Young's Literal Translation (YLT)
- and saith, 'Thou art he — my son Esau?' and he saith, 'I [am].'
Read in context
- 22तब याकूब अपने पिता इसहाक के निकट गया, और उस ने उसको टटोलकर कहा, बोल तो याकूब का सा है, पर हाथ एसाव ही के से जान पड़ते हैं।
- 23और उस ने उसको नहीं चीन्हा, क्योंकि उसके हाथ उसके भाई के से रोंआर थे।
- 24और उस ने पूछा, क्या तू सचमुच मेरा पुत्रा एसाव है? उस ने कहा मैं हूं।
- 25तब उस ने कहा, भोजन को मेरे निकट ले आ, कि मैं, अपने पुत्रा के अहेर के मांस में से खाकर, तुझे जी से आशीर्वाद दूं। तब वह उसको उसके निकट ले आया, और उस ने खाया; और वह उसके पास दाखमधु भी लाया, और उस ने पिया।
- 26तब उसके पिता इसहाक ने उस से कहा, हे मेरे पुत्रा निकट आकर मुझे चूम।
Cross references
- Colossians 3:9 कुलुस्सियों 3:9एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्व को उसके कामों समेत उतार डाला है।
- Proverbs 12:22 नीतिवचन 12:22झूठों से यहोवा को घृणा आती है परन्तु जो विश्वास से काम करते हैं, उन से वह प्रसन्न होता है।
- Ephesians 4:25 इफिसियों 4:25इस कारण झूठ बोलना छोड़कर हर एक अपने पड़ोसी से सच बोले, क्योंकि हम आपस में एक दूसरे के अंग हैं।
- Romans 3:7–8 रोमियों 3:7–8यदि मेरे झूठ के कारण परमेश्वर की सच्चाई उस को महिमा के लिये अधिक करके प्रगट हुई, तो फिर क्यों पापी की नाई मैं दण्ड के योग्य ठहराया जाता हूं? और हम क्यों बुराई न करें, कि भलाई निकले? जब हम पर यही दोष लगाया भी जाता है, और कितने कहते हैं? कि इन का यही कहना है: परन्तु ऐसों का दोषी ठहराना ठीक है।।
- 1 Samuel 27:10 1 शमूएल 27:10आकीश ने पूछा, आज तुम ने चढ़ाई तोनहीं की? दाऊद ने कहा, हां, यहूदा यरहमेलियों और केनियों की दक्खिन दिशा में।
- 1 Samuel 21:13 1 शमूएल 21:13तब वह उनके साम्हने दूसरी चाल चली, और उनके हाथ में पड़कर बौड़हा, अर्थात पागल बन गया; और फाटक के किवाडों पर लकीरें खींचते, और अपनी लार अपनी दाढ़ी पर बहाने लगा।
- Zechariah 8:16 जकर्याह 8:16जो जो काम तुम्हें करना चाहिये, वे ये हैं: एक दूसरे के साथ सत्य बोला करना, अपनी कचहरियों में सच्चाई का और मेलमिलाप की नीति का न्याय करना,
- 1 Samuel 21:2 1 शमूएल 21:2दाऊद ने अहीमेलेक याजक से कहा, राजा ने मुझे एक काम करने की आज्ञा देकर मुझ से कहा, जिस काम को मैं तुझे भेजता, और जो आज्ञा मैं तुझे देता हूं, वह किसी पर प्रकट न होने पाए; और मैं ने जवानों को फलाने स्थान पर जाने को समझाया है।
- Job 15:5 अय्यूब 15:5तू अपने मुंह से अपना अधर्म प्रगट करता है, और धूर्त्त लोगों के बोलने की रीति पर बोलता है।
- Proverbs 30:8 नीतिवचन 30:8अर्थात व्यर्थ और झूठी बात मुझ से दूर रख; मुझे न तो निर्धन कर और न धनी बना; प्रतिदिन की रोटी मुझे खिलाया कर।
- Proverbs 12:19 नीतिवचन 12:19सच्चाई सदा बनी रहेगी, परन्तु झूढ पल ही भर का होता है।
- Job 13:7–8 अय्यूब 13:7–8क्या तुम ईश्वर के निमित्त टेढ़ी बातें कहोगे, और उसके पक्ष में कपट से बोलोगे? क्या तुम उसका पक्षपात करोगे? और ईश्वर के लिये मुक मा चलाओगे।