Genesis · chapter 49 · verse 33
Genesis 49:33 in Hindi
यह आज्ञा जब याकूब अपने पुत्रों को दे चुका, तब अपने पांव खाट पर समेट प्राण छोड़े, और अपने लोगों में जा मिला।
Yah aajnyaa jab yaakoob apane putrom ko de chukaa, tab apane paanv khaat par samet praan chhode, aur apane logom mem jaa milaa.
Genesis 49:33 in English
- King James Version (KJV)
- And when Jacob had made an end of commanding his sons, he gathered up his feet into the bed, and yielded up the ghost, and was gathered unto his people.
- World English Bible (WEB)
- When Jacob finished charging his sons, he gathered up his feet into the bed, breathed his last breath, and was gathered to his people.
- American Standard Version (ASV)
- And when Jacob made an end of charging his sons, he gathered up his feet into the bed, and yielded up the ghost, and was gathered unto his people.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when Jacob had come to the end of these words to his sons, stretching himself on his bed, he gave up his spirit, and went the way of his people.
- Darby Translation (DBY)
- And when Jacob had made an end of commanding his sons, he gathered his feet into the bed, and expired, and was gathered to his peoples.
- Webster's Bible (WBS)
- And when Jacob had made an end of commanding his sons, he drew his feet into the bed, and expired, and was gathered to his people.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jacob finisheth commanding his sons, and gathereth up his feet unto the bed, and expireth, and is gathered unto his people.
Read in context
- 31वहां इब्राहीम और उसकी पत्नी सारा को मिट्टी दी गई; और वहीं इसहाक और उसकी पत्नी रिबका को भी मिट्टी दी गई; और वहीं मैं ने लिआ: को भी मिट्टी दी।
- 32वह भूमि और उस में की गुफा हित्तियों के हाथ से मोल ली गई।
- 33यह आज्ञा जब याकूब अपने पुत्रों को दे चुका, तब अपने पांव खाट पर समेट प्राण छोड़े, और अपने लोगों में जा मिला।
Cross references
- Genesis 49:29 उत्पत्ति 49:29तब उस ने यह कहकर उनको आज्ञा दी, कि मैं अपने लोगों के साथ मिलने पर हूं: इसलिये मुझे हित्ती एप्रोन की भूमिवाली गुफा में मेरे बापदादों के साथ मिट्टी देना,
- Genesis 25:8 उत्पत्ति 25:8और इब्राहीम का दीर्घायु होने के कारण अर्थात् पूरे बुढ़ापे की अवस्था में प्राण छूट गया।
- Genesis 35:29 उत्पत्ति 35:29और इसहाक का प्राण छूट गया, और वह मर गया, और वह बूढ़ा और पूरी आयु का होकर अपने लोगों में जा मिला: और उसके पुत्रा एसाव और याकूब ने उसको मिट्टी दी।।
- Genesis 25:17 उत्पत्ति 25:17इश्माएल की सारी अवस्था एक सौ सैंतीस वर्ष की हुई: तब उसके प्राण छूट गए, और वह अपने लोगों में जा मिला।
- Hebrews 12:23 इब्रानियों 12:23और लाखों स्वर्गदूतों और उन पहिलौठों की साधारण सभा और कलीसिया जिन के नाम स्वर्ग में लिखे हुए हैं: और सब के न्यायी परमेश्वर के पास, और सिद्ध किए हुए धर्मियों की आत्माओं।
- Genesis 49:24–26 उत्पत्ति 49:24–26पर उसका धनुष दृढ़ रहा, और उसकी बांह और हाथ याकूब के उसी शक्तिमान ईश्वर के हाथों के द्वारा फुर्तीले हुए, जिसके पास से वह चरवाहा आएगा, जो इस्राएल का पत्थर भी ठहरेगा।। यह तेरे पिता के उस ईश्वर का काम है, जो तेरी सहायता करेगा, उस सर्वशक्तिमान को जो तुझे ऊपर से आकाश में की आशीषें, और नीचे से गहिरे जल में की आशीषें, और स्तनों, और गर्भ की आशीषें देगा।। तेरे पिता के आशीर्वाद मेरे पितरों के आशीर्वाद से अधिक बढ़ गए हैं और सनातन पहाड़ियों की मन- चाही वस्तुओं की नाई बने रहेंगे: वे यूसुफ के सिर पर, जो अपने भाइयों में से न्यारा हुआ, उसी के सिर के मुकुट पर फूले फलेंगे।।
- Genesis 15:5 उत्पत्ति 15:5और उस ने उसको बाहर ले जाके कहा, आकाश की ओर दृष्टि करके तारागण को गिन, क्या तू उनको गिन सकता है? फिर उस ने उस से कहा, तेरा वंश ऐसा ही होगा।
- Hebrews 11:13–16 इब्रानियों 11:13–16ये सब विश्वास ही की दशा में मरे; और उन्हों ने प्रतिज्ञा की हुई वस्तुएं नहीं पाई; पर उन्हें दूर से देखकर आनन्दित हुए और मान लिया, कि हम पृथ्वी पर परदेशी और बाहरी हैं। जो ऐसी ऐसी बातें कहते हैं, वे प्रगट करते हैं, कि स्वदेश की खोज में हैं। और जिस देश से वे निकल आए थे, यदि उस की सुधि करते तो उन्हें लौट जाने का अवसर था। पर वे एक उत्तम अर्थात् स्वर्गीय देश के अभिलाषी हैं, इसी लिये परमेश्वर उन का परमेश्वर कहलाने में उन से नहीं लजाता, सो उस ने उन के लिये एक नगर तैयार किया है।।
- Ecclesiastes 12:7 सभोपदेशक 12:7जब मिट्टी ज्यों की त्यों मिट्टी में मिल जाएगी, और आत्मा परमेश्वर के पास जिस ने उसे दिया लौट जाएगी।
- Job 14:10 अय्यूब 14:10परन्तु पुरूष मर जाता, और पड़ा रहता है; जब उसका प्राण छूट गया, तब वह कहां रहा?
- Isaiah 57:1–2 यशायाह 57:1–2धर्मी जन नाश होता है, और कोई इस बात की चिन्ता नहीं करता; भक्त मनुष्य उठा लिए जाते हैं, परन्तु कोई नहीं सोचता। धर्मी जन इसलिये उठा लिया गया कि आनेवाली आपत्ति से बच जाए, वह शान्ति को पहुंचता है; जो सीधी चाल चलता है वह अपनी खाट पर विश्राम करता है।।
- Acts 7:15 प्रेरितों के काम 7:15तब याकूब मिसर में गया; और वहां वह और हमारे बाप दादे मर गए।