Genesis · chapter 41 · verse 30
Genesis 41:30 in Hindi
उनके पश्चात् सात वर्ष अकाल के आयेंगे, और सारे मि देश में लोग इस सारी उपज को भूल जायेंगे; और अकाल से देश का नाश होगा।
Unake pashchaat saat varsh akaal ke aayenge, aur saare mi desh mem log is saaree upaj ko bhool jaayenge; aur akaal se desh kaa naash hogaa.
Genesis 41:30 in English
- King James Version (KJV)
- And there shall arise after them seven years of famine; and all the plenty shall be forgotten in the land of Egypt; and the famine shall consume the land;
- World English Bible (WEB)
- Seven years of famine will arise after them, and all the plenty will be forgotten in the land of Egypt. The famine will consume the land,
- American Standard Version (ASV)
- and there shall arise after them seven years of famine; and all the plenty shall be forgotten in the land of Egypt; and the famine shall consume the land;
- Bible in Basic English (BBE)
- And after that will come seven years when there will not be enough food; and the memory of the good years will go from men's minds; and the land will be made waste by the bad years;
- Darby Translation (DBY)
- And there will arise after them seven years of famine; and all the plenty will be forgotten in the land of Egypt, and the famine will waste away the land.
- Webster's Bible (WBS)
- And there shall arise after them seven years of famine; and all the plenty shall be forgotten in the land of Egypt; and the famine shall consume the land;
- Young's Literal Translation (YLT)
- and seven years of famine have arisen after them, and all the plenty is forgotten in the land of Egypt, and the famine hath finished the land,
Read in context
- 28यह वही बात है, जो मैं फिरौन से कह चुका हूं, कि परमेश्वर जो काम किया चाहता है, उसे उस ने फिरौन को दिखाया है।
- 29सुन, सारे मि देश में सात वर्ष तो बहुतायत की उपज के होंगे।
- 30उनके पश्चात् सात वर्ष अकाल के आयेंगे, और सारे मि देश में लोग इस सारी उपज को भूल जायेंगे; और अकाल से देश का नाश होगा।
- 31और सुकाल (बहुतायत की उपज) देश में फिर स्मरण न रहेगा क्योंकि अकाल अत्यन्त भयंकर होगा।
- 32और फिरौन ने जो यह स्वप्न दो बार देखा है इसका भेद यही है, कि यह बात परमेश्वर की ओर से नियुक्त हो चुकी है, और परमेश्वर इसे शीघ्र ही पूरा करेगा।
Cross references
- Genesis 41:54 उत्पत्ति 41:54और यूसुफ के कहने के अनुसार सात वर्षों के लिये अकाल आरम्भ हो गया। और सब देशों में अकाल पड़ने लगा; परन्तु सारे मि देश में अन्न था।
- Genesis 47:13 उत्पत्ति 47:13और उस सारे देश में खाने को कुछ न रहा; क्योंकि अकाल बहुत भारी था, और अकाल के कारण मि और कनान दोनों देश नाश हो गए।
- Psalm 105:16 भजन संहिता 105:16फिर उस ने उस देश में अकाल भेजा, और अन्न के सब आधार को दूर कर दिया।
- James 5:17 याकूब 5:17एलिय्याह भी तो हमारे समान दुख-सुख भोगी मनुष्य था; और उस ने गिड़िगड़ा कर प्रार्थना की; कि मेंह न बरसे; और साढ़े तीन वर्ष तक भूमि पर मेंह नहीं बरसा।
- 2 Samuel 24:13 2 शमूएल 24:13सो गाद ने दाऊद के पास जाकर इसका समाचार दिया, और उस से पूछा, क्या तेरे देश में सात वर्ष का अकाल पड़े? वा तीन महीने तक तेरे शत्रु तेरा पीछा करते रहें और तू उन से भागता रहे? वा तेरे देश में तीन दिन तक मरी फैली रहे? अब सोच विचार कर, कि मैं अपने भेजनेवाले को क्या उत्तर दूं।
- Isaiah 65:16 यशायाह 65:16तब सारे देश में जो कोई अपने को धन्य कहेगा वह सच्चे परमेश्वर का नाम लेकर अपने को धन्य कहेगा, और जो कोई देश में शपथ खाए वह सच्चे परमेश्वर के नाम से शपथ खाएगा; क्योंकि पिछला कष्ट दूर हो गया और वह मेरी आंखों से छिप गया है।।
- 1 Kings 17:1 1 राजा 17:1और तिशबी एलिरयाह जो गिलाद के पर:सियों में से था उस ने अहाब से कहा, इस्राएल का परमेश्वा यहोवा जिसके सम्मुख मैं उपस्थ्ति रहता हूँ, उसके जीवन की शपथ इन वष में मेरे बिना कहे, न तो मेंह बरसेगा, और न ओस पड़ेगी।
- 2 Kings 8:1 2 राजा 8:1जिस स्त्री के बेटे को एलीशा ने जिलाया था, उस से उस ने कहा था कि अपने घराने समेत यहां से जाकर जहां कहीं तू रह सके वहां रह; क्योंकि यहोवा की इच्छा है कि अकाल पड़े, और वह इस देश में सात वर्ष तक बना रहेगा।
- Genesis 41:56 उत्पत्ति 41:56सो जब अकाल सारी पृथ्वी पर फैल गया, और मि देश में काल का भयंकर रूप हो गया, तब यूसुफ सब भण्डारों को खोल खोलके मिस्त्रियों के हाथ अन्न बेचने लगा।
- Luke 4:25 लूका 4:25और मैं तुम से सच कहता हूं, कि एलिरयाह के दिनों में जब साढ़े तीन वर्ष तक आकाश बन्द रहा, यहां तक कि सारे देश में बड़ा आकाल पड़ा, तो इस्राएल में बहुत सी विधवाएं थीं।
- Genesis 41:21 उत्पत्ति 41:21और जब वे उनको खा गई तब यह मालूम नहीं होता था कि वे उनको खा गई हैं, क्योंकि वे पहिले की नाई जैसी की तैसी कुडौल रहीं। तब मैं जाग उठा।
- Proverbs 31:7 नीतिवचन 31:7जिस से वे पीकर अपनी दरिद्रता को भूल जाएं और अपने कठिन श्रम फिर स्मरण न करें।
Original words (Hebrew)
- arise · H6965קוּם qûwm
- them · H310אַחַר ʼachar
- seven · H7651שֶׁבַע shebaʻ
- years · H8141שָׁנֶה shâneh
- famine · H7458רָעָב râʻâb
- plenty · H7647שָׂבָע sâbâʻ
- forgotten · H7911שָׁכַח shâkach
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- famine · H7458רָעָב râʻâb
- consume · H3615כָּלָה kâlâh
- land · H776אֶרֶץ ʼerets