Genesis · chapter 45 · verse 24
Genesis 45:24 in Hindi
और उस ने अपने भाइयों को विदा किया, और वे चल दिए; और उस ने उन से कहा, मार्ग में कहीं झगड़ा न करना।
Aur us ne apane bhaaiyom ko vidaa kiyaa, aur ve chal die; aur us ne un se kahaa, maarg mem kaheem jhagadaa na karanaa.
Genesis 45:24 in English
- King James Version (KJV)
- So he sent his brethren away, and they departed: and he said unto them, See that ye fall not out by the way.
- World English Bible (WEB)
- So he sent his brothers away, and they departed. He said to them, “See that you don’t quarrel on the way.”
- American Standard Version (ASV)
- So he sent his brethren away, and they departed: and he said unto them, See that ye fall not out by the way.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he sent his brothers on their way, and said to them, See that you have no argument on the road.
- Darby Translation (DBY)
- And he sent his brethren away, and they departed. And he said to them, Do not quarrel on the way.
- Webster's Bible (WBS)
- So he sent his brethren away, and they departed: and he said to them, See that ye contend not by the way.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he sendeth his brethren away, and they go; and he saith unto them, 'Be not angry in the way.'
Read in context
- 22उन में से एक एक जन को तो उस ने एक एक जोड़ा वस्त्रा भी दिया; और बिन्यामीन को तीन सौ रूपे के टुकडे और पांच जोड़े वस्त्रा दिए।
- 23और अपने पिता के पास उस ने जो भेजा वह यह है, अर्थात् मि की अच्छी वस्तुओं से लदे हुए दस गदहे, और अन्न और रोटी और उसके पिता के मार्ग के लिये भोजनवस्तु से लदी हुई दस गदहियां।
- 24और उस ने अपने भाइयों को विदा किया, और वे चल दिए; और उस ने उन से कहा, मार्ग में कहीं झगड़ा न करना।
- 25मि से चलकर वे कनान देश में अपने पिता याकूब के पास पहुचे।
- 26और उस से यह वर्णन किया, कि यूसुफ अब तक जीवित है, और सारे मि देश पर प्रभुता वही करता है। पर उस ने उनकी प्रतीति न की, और वह अपने आपे में न रहा।
Cross references
- 1 Thessalonians 5:13 1 थिस्सलुनीकियों 5:13और उन के काम के कारण प्रेम के साथ उन को बहुत ही आदर के योग्य समझो: आपस में मेल- मिलाप से रहो।
- Colossians 3:12–13 कुलुस्सियों 3:12–13इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्रा और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
- Ephesians 4:31–32 इफिसियों 4:31–32सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए। और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।।
- Psalm 133:1–3 भजन संहिता 133:1–3देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें! यह तो उस उत्तम तेल के समान है, जो हारून के सिर पर डाला गया था, और उसकी दाढ़ी पर बहकर, उसके वस्त्रा की छोर तक पहुंच गया। वह हेर्मोन् की उस ओस के समान है, जो सिरयोन के पहाड़ों पर गिरती है! यहोवा ने तो वहीं सदा के जीवन की आशीष ठहराई है।।
- Philippians 2:2–5 फिलिप्पियों 2:2–5तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो। विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्ता करे। जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो।
- John 13:34–35 यूहन्ना 13:34–35मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दुसरे से प्रेम रखो। यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो।।
- Genesis 42:21–22 उत्पत्ति 42:21–22और जब वे उनको खा गई तब यह मालूम नहीं होता था कि वे उनको खा गई हैं, क्योंकि वे पहिले की नाई जैसी की तैसी कुडौल रहीं। तब मैं जाग उठा। फिर मैं ने दूसरा स्वप्न देखा, कि एक ही डंठी में सात अच्छी अच्छी और अन्न से भरी हुई बालें निकलीं।
- Genesis 37:22 उत्पत्ति 37:22फिर रूबेन ने उन से कहा, लोहू मत बहाओ, उसको जंगल के इस गड़हे में डाल दो, और उस पर हाथ मत उठाओ। वह उसको उनके हाथ से छुड़ाकर पिता के पास फिर पहुंचाना चाहता था।