Genesis · chapter 42 · verse 21
Genesis 42:21 in Hindi
और जब वे उनको खा गई तब यह मालूम नहीं होता था कि वे उनको खा गई हैं, क्योंकि वे पहिले की नाई जैसी की तैसी कुडौल रहीं। तब मैं जाग उठा।
Aur jab ve unako khaa gaee tab yah maaloom naheem hotaa thaa ki ve unako khaa gaee haim, kyonki ve pahile kee naaee jaisee kee taisee kudaul raheen. Tab maim jaag uthaa.
Genesis 42:21 in English
- King James Version (KJV)
- And they said one to another, We [are] verily guilty concerning our brother, in that we saw the anguish of his soul, when he besought us, and we would not hear; therefore is this distress come upon us.
- World English Bible (WEB)
- They said to one another, “We are certainly guilty concerning our brother, in that we saw the distress of his soul, when he begged us, and we wouldn’t listen. Therefore this distress has come upon us.”
- American Standard Version (ASV)
- And they said one to another, We are verily guilty concerning our brother, in that we saw the distress of his soul, when he besought us, and we would not hear; therefore is this distress come upon us.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they said to one another, Truly, we did wrong to our brother, for we saw his grief of mind, and we did not give ear to his prayers; that is why this trouble has come on us.
- Darby Translation (DBY)
- Then they said one to another, We are indeed guilty concerning our brother, whose anguish of soul we saw when he besought us, and we did not hearken; therefore this distress is come upon us.
- Webster's Bible (WBS)
- And they said one to another, We [are] verily guilty concerning our brother, in that we saw the anguish of his soul, when he besought us, and we would not hear; therefore is this distress come upon us.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And they say one unto another, 'Verily we [are] guilty concerning our brother, because we saw the distress of his soul, in his making supplication unto us, and we did not hearken: therefore hath this distress come upon us.'
Read in context
- 19फिर, क्या देखा, कि उनके पीछे सात और गायें निकली, जो दुबली, और बहुत कुरूप, और दुर्बल हैं; मै ने तो सारे मि देश में ऐसी कुडौल गायें कभी नहीं देखीं।
- 20और इन दुर्बल और कुडौल गायों ने उन पहली सातों मोटी मोटी गायों को खा लिया।
- 21और जब वे उनको खा गई तब यह मालूम नहीं होता था कि वे उनको खा गई हैं, क्योंकि वे पहिले की नाई जैसी की तैसी कुडौल रहीं। तब मैं जाग उठा।
- 22फिर मैं ने दूसरा स्वप्न देखा, कि एक ही डंठी में सात अच्छी अच्छी और अन्न से भरी हुई बालें निकलीं।
- 23फिर, क्या देखता हूं, कि उनके पीछे और सात बालें छूछी छूछी और पतली और पुरवाई से मुरझाई हुई निकलीं।
Cross references
- Hosea 5:15 होशे 5:15जब तक वे अपने को अपराधी मानकर मेरे दर्शन के खोजी न होंगे तब तक मैं अपने स्थान को लौटूंगा, और जब वे संकट में पड़ेंगे, तब जी लगाकर मुझे ढूंढ़ने लगेंगे।।
- Genesis 37:23–28 उत्पत्ति 37:23–28सो ऐसा हुआ, कि जब यूसुफ अपने भाइयों के पास पहुंचा तब उन्हों ने उसका रंगबिरंगा अंगरखा, जिसे वह पहिने हुए था, उतार लिया। और यूसुफ को उठाकर गड़हे में डाल दिया: वह गड़हा तो सूखा था और उस में कुछ जल न था। तब वे रोटी खाने को बैठ गए: और आंखे उठाकर क्या देखा, कि इश्माएलियों का एक दल ऊंटो पर सुगन्धद्रव्य, बलसान, और गन्धरस लादे हुए, गिलाद से मि को चला जा रहा है। तब यहूदा ने अपने भाइयों से कहा, अपने भाई को घात करने और उसका खून छिपाने से क्या लाभ होगा? आओ, हम उसे इश्माएलियों के हाथ बेच डालें, और अपना हाथ उस पर न उठाएं, क्योंकि वह हमारा भाई और हमारी हड्डी और मांस है, सो उसके भाइयों ने उसकी बात मान ली। तब मिद्यानी व्यापारी उधर से होकर उनके पास पहुंचे: सो यूसुफ के भाइयों ने उसको उस गड़हे में से खींचके बाहर निकाला, और इश्माएलियों के हाथ चांदी के बीस टुकड़ों में बेच दिया: और वे यूसुफ को मि में ले गए।
- Job 36:8–9 अय्यूब 36:8–9ओर चाहे वे बेड़ियों में जकड़े जाएं और दु:ख की रस्सियों से बान्धे जाए, तौभी ईश्वर उन पर उनके काम, और उनका यह अपराध प्रगट करता है, कि उन्हों ने गर्व किया है।
- Mark 9:43–45 मरकुस 9:43–45यदि तेरा हाथ तुझे ठोकर खिलाए तो उसे काट डाल टुण्डा होकर जीवन में प्रवेश करना, तेरे लिये इस से भला है कि दो हाथ रहते हुए नरक के बीच उस आग में डाला जाए जो कभी बुझने की नहीं। . और यदि तेरा पांव तुझे ठोकर खिलाए तो उसे काट डाल।
- Matthew 27:3–4 मत्ती 27:3–4जब उसके पकड़वानेवाले यहूदा ने देखा कि वह दोषी ठहराया गया है तो वह पछताया और वे तीस चान्दी के सिक्के महायाजकों और पुरनियों के पास फेर लाया। और कहा, मैं ने निर्दोषी को घात के लिये पकड़वाकर पाप किया है? उन्हों ने कहा, हमें क्या? तू ही जान।
- 1 John 1:9 1 यूहन्ना 1:9यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।
- 1 Kings 17:18 1 राजा 17:18तब वह एलिरयाह से कहने लगी, हे परमेश्वर के जन! मेरा तुझ से क्या काम? क्या तू इसलिये मेरे यहां आया है कि मेरे बेटे की मृत्यु का कारण हो और मेरे पाप का स्मरण दिलाए?
- Proverbs 21:13 नीतिवचन 21:13जो कंगाल की दोहाई पर कान न दे, वह आप पुकारेगा और उसकी सुनी न जाएगी।
- 2 Samuel 12:13 2 शमूएल 12:13तब दाऊद ने नातान से कहा, मैं ने यहोवा के विरूद्ध पाप किया है। नातान ने दाऊद से कहा, यहोवा ने तेरे पाप को दूर किया है।; तू न मरेगा।
- Matthew 7:2 मत्ती 7:2क्योंकि जिस प्रकार तुम दोष लगाते हो, उसी प्रकार तुम पर भी दोष लगाया जाएगा; और जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा।
- Acts 19:18 प्रेरितों के काम 19:18और जिन्हों ने विश्वास किया था, उन में से बहुतेरों ने आकर अपने अपने कामों को मान लिया और प्रगट किया।
- Genesis 41:9 उत्पत्ति 41:9तब पिलानेहारों का प्रधान फिरौन से बोल उठा, कि मेरे अपराध आज मुझे स्मरण आए:
Original words (Hebrew)
- said · H559אָמַר ʼâmar
- one · H376אִישׁ ʼîysh
- another · H251אָח ʼâch
- verily · H61אֲבָל ʼăbâl
- guilty · H818אָשֵׁם ʼâshêm
- brother · H251אָח ʼâch
- that · H834אֲשֶׁר ʼăsher
- saw · H7200רָאָה râʼâh
- anguish · H6869צָרָה tsârâh
- soul · H5315נֶפֶשׁ nephesh
- besought · H2603חָנַן chânan
- hear · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- distress · H6869צָרָה tsârâh
- come · H935בּוֹא bôwʼ