Genesis · chapter 6 · verse 11
Genesis 6:11 in Hindi
उस समय पृथ्वी परमेश्वर की दृष्टि में बिगड़ गई थी, और उपद्रव से भर गई थी।
Us samay pruthvee parameshvar kee drushti mem bigad gaee thee, aur upadrav se bhar gaee thee.
Genesis 6:11 in English
- King James Version (KJV)
- The earth also was corrupt before God, and the earth was filled with violence.
- World English Bible (WEB)
- The earth was corrupt before God, and the earth was filled with violence.
- American Standard Version (ASV)
- And the earth was corrupt before God, and the earth was filled with violence.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the earth was evil in God's eyes and full of violent ways.
- Darby Translation (DBY)
- And the earth was corrupt before God, and the earth was full of violence.
- Webster's Bible (WBS)
- The earth also was corrupt before God; and the earth was filled with violence.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the earth is corrupt before God, and the earth is filled [with] violence.
Read in context
- 9नूह की वंशावली यह है। नूह धर्मी पुरूष और अपने समय के लोगों में खरा था, और नूह परमेश्वर ही के साथ साथ चलता रहा।
- 10और नूह से, शेम, और हाम, और येपेत नाम, तीन पुत्रा उत्पन्न हुए।
- 11उस समय पृथ्वी परमेश्वर की दृष्टि में बिगड़ गई थी, और उपद्रव से भर गई थी।
- 12और परमेश्वर ने पृथ्वी पर जो दृष्टि की तो क्या देखा, कि वह बिगड़ी हुई है; क्योंकि सब प्राणियों ने पृथ्वी पर अपनी अपनी चाल चलन बिगाड़ ली थी।
- 13तब परमेश्वर ने नूह से कहा, सब प्राणियों के अन्त करने का प्रश्न मेरे साम्हने आ गया है; क्योंकि उनके कारण पृथ्वी उपद्रव से भर गई है, इसलिये मै उनको पृथ्वी समेत नाश कर डालूंगा।
Cross references
- Ezekiel 8:17 यहेजकेल 8:17तब उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू ने यह देखा? क्या यहूदा के घराने के लिये घृणित कामों का करना जो वे यहां करते हैं छोटी बात है? उन्होंने अपने देश को उपद्रव से भर दिया, और फिर यहां आकर मुझे रिस दिलाते हैं। वरन वे डाली को अपनी नाक के आगे लिए रहते हैं।
- Hosea 4:1–2 होशे 4:1–2हे इस्राएलियों, यहोवा का वचन सुनो; इस देश के निवासियों के साथ यहोवा का मुक मा है। इस दंश में न तो कुछ सच्चाई है, न कुछ करूणा और न कुछ परमेश्वर का ज्ञान ही है। यहां शाप देने, झूठ बोलने, वध करने, चुराने, और व्यभिचार करने को छोड़ कुछ नहीं होता; वे व्यवस्था की सीमा को लांघकर कुकर्म करते हैं और खून ही खून होता रहता है।
- Habakkuk 2:8 हबक्कूक 2:8और क्या तू उन से लूटा न जाएगा? तू ने बहुत सी जातियों को लूट लिया है, सो सब बचे हुए लोग तुझे भी लूट लेंगे। इसका कारण मनुष्यों की हत्या, और वह अपद्रव भी जो तू ने इस देश और राजधानी और इसके सब रहनेवालों पर किया है।।
- Romans 3:19 रोमियों 3:19हम जानते हैं, कि व्यवस्था जो कुछ कहती है उन्हीं से कहती है, जो व्यवस्था के आधीन हैं: इसलिये कि हर एक मुंह बन्द किया जाए, और सारा संसार परमेश्वर के दण्ड के योग्य ठहरे।
- Romans 2:13 रोमियों 2:13(क्योंकि परमेश्वर के यहां व्यवस्था के सुननेवाले धर्मी नहीं, पर व्यवस्था पर चलनेवाले धर्मी ठहराए जाएंगे।
- Ezekiel 28:16 यहेजकेल 28:16परन्तु लेन- देन की बहुतायत के कारण तू उपद्रव से भरकर पापी हो गया; इसी से मैं ने तुझे अपवित्रा जानकर परमेश्वर के पर्वत पर से उतारा, और हे छानेवाले करूब मैं ने तुझे आग सरीखे चमकनेवाले मण्यिों के बीच से नाश किया है।
- Isaiah 60:18 यशायाह 60:18तेरे देश में फिर कभी उपद्रव और तेरे सिवानों के भीतर उत्पात वा अन्धेर की चर्चा न सुनाई पड़ेगी; परन्तु तू अपनी शहरपनाह का नाम उद्धार और अपने फाटकों का नाम यश रखेगी।
- Psalm 11:5 भजन संहिता 11:5यहोवा धर्मीं को परखता है, परन्तु वह उन से जो दुष्ट हैं और उपद्रव से प्रीति रखते हैं अपनी आत्मा में घृणा करता है।
- Jeremiah 6:7 यिर्मयाह 6:7जैसा कूएं में से नित्य नया जल निकला करता है, वैसा ही इस नगर में से नित्य नई बुराई निकलती है; इस में उत्पात और उपद्रव का कोलाहल मचा रहता है; चोट और मारपीट मेरे देखने में निरन्तर आती है।
- Psalm 55:9 भजन संहिता 55:9हे प्रभु, उनको सत्यानाश कर, और उनकी भाषा में गड़बड़ी डाल दे; क्योंकि मैं ने नगर में उपद्रव और झगड़ा देखा है।
- Psalm 140:11 भजन संहिता 140:11बकवादी पृथ्वी पर स्थिर नहीं होने का; उपद्रवी पुरूष को गिराने के लिये बुराई उसका पीछा करेगी।।
- Habakkuk 1:2 हबक्कूक 1:2हे यहोवा मैं कब तक तेरी दोहाई देता रहूंगा, और तू न सुनेगा? मैं कब तक तेरे सम्मुख "उपद्रव", "उपद्रव" चिल्लाता रहूंगा? क्या तू उद्धार नहीं करेगा?