Jeremiah · chapter 20 · verse 18
Jeremiah 20:18 in Hindi
मैं क्यों उत्पात और शोक भोगने के लिये जन्मा और कि अपने जीवन में परिश्रम और दुेचा देखूं, और उपने दिन नामधराई में व्यतीत करूं?
Maim kyom utpaat aur shok bhogane ke liye janmaa aur ki apane jeevan mem parishram aur duేchaa dekhoom, aur upane din naamadharaaee mem vyateet karoom?
Jeremiah 20:18 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore came I forth out of the womb to see labour and sorrow, that my days should be consumed with shame?
- World English Bible (WEB)
- Why did I come out of the womb to see labor and sorrow, that my days should be consumed with shame?
- American Standard Version (ASV)
- Wherefore came I forth out of the womb to see labor and sorrow, that my days should be consumed with shame?
- Bible in Basic English (BBE)
- Why did I come from my mother's body to see pain and sorrow, so that my days might be wasted with shame?
- Darby Translation (DBY)
- Wherefore came I forth from the womb to see labour and sorrow, that my days should be consumed in shame?
- Webster's Bible (WBS)
- Why was I brought into the world to see labor and sorrow, that my days should be consumed with shame?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Why [is] this? from the womb I have come out, To see labour and sorrow, Yea, consumed in shame are my days!
Read in context
- 16उस जन की दशा उन नगरों की सी हो जिन्हें यहोवा ने बिन दया ढा दिया; उसे सवेरे तो चिल्लाहट और दोपहर को युठ्ठ की ललकार सुनाई दिया करे,
- 17क्योंकि उस ने मुझे गर्भ ही में न मार डाला कि मेरी माता का गर्भाशय ही मेरी क़ब्र होती, और मैं उसी में सदा पड़ा रहता।
- 18मैं क्यों उत्पात और शोक भोगने के लिये जन्मा और कि अपने जीवन में परिश्रम और दुेचा देखूं, और उपने दिन नामधराई में व्यतीत करूं?
Cross references
- Job 3:20 अय्यूब 3:20दु:खियों को उजियाला, और उदास मनवालों को जीवन क्यों दिया जाता है?
- Lamentations 3:1 विलापगीत 3:1उसके रोष की छड़ी से दु:ख भोगनेवाला पुरूष मैं ही हूं;
- Job 14:1 अय्यूब 14:1मनुष्य जो स्त्री से उत्मन्न होता है, वह थेड़े दिनों का और दुख से भरा रहता है।
- 1 Peter 4:14–16 1 पतरस 4:14–16फिर यदि मसीह के नाम के लिये तुम्हारी निन्दा की जाती है, तो धन्य हो; क्योंकि महिमा का आत्मा, जो परमेश्वर का आत्मा है, तुम पर छाया करता है। तुम में से कोई व्यक्ति हत्यारा या चोर, या कुकर्मी होने, या पराए काम में हाथ डालने के कारण दुख न पाए। पर यदि मसीही होने के कारण दुख पाए, तो लज्जित न हो, पर इस बात के लिये परमेश्वर की महिमा करे।
- Psalm 69:19 भजन संहिता 69:19मेरी नामधराई और लज्जा और अनादर को तू जानता है: मेरे सब द्रोही तेरे साम्हने हैं।
- 1 Corinthians 4:9–13 1 कुरिन्थियों 4:9–13मेरी समझ में परमेश्वर ने हम प्ररितों को सब के बाद उन लोगों की नाई ठहराया है, जिन की मृत्यु की आज्ञा हो चुकी हो; क्योंकि हम जगत और स्वर्गदूतों और मनुष्यों के लिये तमाशा ठहरे हैं। हम मसीह के लिये मूर्ख है; परन्तु तुम मसीह में बुद्धिमान हो: हम निर्बल हैं परन्तु तुम बलवान हो: तुम आदर पाते हो, परन्तु हम निरादर होते हैं। हम इस घड़ी तक भूखे- प्यासे और नंगे हैं, और घूसे खाते हैं और मारे मारे फिरते हैं; और अपने ही हाथों के काम करके परिश्रम करते हैं। लोग बुरा कहते हैं, हम आशीष देते हैं; वे सताते हैं, हम सहते हैं। वे बदना करते हैं, हम बिनती करते हैं: हम आज तक जगत के कूड़े और सब वस्तुओं की खुरचन की नाई ठहरे हैं।।
- Psalm 90:9–10 भजन संहिता 90:9–10क्योंकि हमारे सब दिन तेरे क्रोध में बीत जाते हैं, हम अपने वर्ष शब्द की नाई बिताते हैं। हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं।
- Job 14:13 अय्यूब 14:13भला होता कि तू मुझे अधोलोक में छिपा लेता, और जब तक तेरा कोप ठंढा न हो जाए तब तक मुझे छिपाए रखता, और मेरे लिये समय नियुक्त करके फिर मेरी सुधि लेता।
- Hebrews 13:13 इब्रानियों 13:13सो आओ उस की निन्दा अपने ऊपर लिए हुए छावनी के बाहर उसके पास निकल चलें।
- Hebrews 12:2 इब्रानियों 12:2और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करनेवाले यीशु की ओर से ताकते रहें; जिस ने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्जा की कुछ चिन्ता न करके, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दहिने जा बैठा।
- 2 Timothy 1:12 2 तीमुथियुस 1:12इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस की मैं ने प्रतीति की है, जानता हूं; और मुझे निश्चय है, कि वह मेरी थाती की उस दिन तक रखवाली कर सकता है।
- Isaiah 1:6 यशायाह 1:6नख से सिर तक कहीं भी कुछ आरोग्यता नहीं, केवल चोट और कोड़े की मार के चिन्ह और सड़े हुए घाव हैं जो न दबाये गए, न बान्धे गए, न तेल लगाकर नरमाये गए हैं।।