Job · chapter 11 · verse 12
Job 11:12 in Hindi
पनन्तु मनुष्य छूछा और निर्बुध्दि होता है; क्योंकि मनुष्य जन्म ही से जंगली गदहे के बच्चे के समान होता है।
Panantu manushy chhoochhaa aur nirbudhdi hotaa hai; kyonki manushy janm hee se jangalee gadahe ke bachche ke samaan hotaa hai.
Job 11:12 in English
- King James Version (KJV)
- For vain man would be wise, though man be born [like] a wild ass’s colt.
- World English Bible (WEB)
- An empty-headed man becomes wise when a man is born as a wild donkey’s colt.
- American Standard Version (ASV)
- But vain man is void of understanding, Yea, man is born [as] a wild ass’s colt.
- Bible in Basic English (BBE)
- And so a hollow-minded man will get wisdom, when a young ass of the field gets teaching.
- Darby Translation (DBY)
- Yet a senseless man will make bold, though man be born [like] the foal of a wild ass.
- Webster's Bible (WBS)
- For vain man would be wise, though man is born [like] a wild ass's colt.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And empty man is bold, And the colt of a wild ass man is born.
Read in context
- 10जब ईश्वर बीच से गुजरकर बन्द कर दे और अदालत में बुलाए, तो कौन उसको रोक सकता है।
- 11क्योंकि वह पाखणडी मनुष्यों का भेद जानता है, और अनर्थ काम को बिना सोच विचार किए भी जान लेता है।
- 12पनन्तु मनुष्य छूछा और निर्बुध्दि होता है; क्योंकि मनुष्य जन्म ही से जंगली गदहे के बच्चे के समान होता है।
- 13यदि तू अपना मन शुठ्ठ करे, और ईश्वर की ओर अपने हाथ फैलाए,
- 14और जो कोई अनर्थ काम तुझ से होता हो उसे दूर करे, और अपने डेरों में कोई कुटिलता न रहने दे,
Cross references
- Job 39:5–8 अय्यूब 39:5–8किस ने बनैले गदहे को स्वाधीन करके छोड़ दिया है? किस ने उसके बन्धन खोले हैं? उसका घर मैं ने निर्जल देश को, और उसका निवास लोनिया भूमि को ठहराया है। वह नगर के कोलाहल पर हंसता, और हांकनेवाले की हांक सुनता भी नहीं। पहाड़ों पर जो कुछ मिलता है उसे वह चरता वह सब भांति की हरियाली ढूंढ़ता फिरता है।
- James 2:20 याकूब 2:20पर हे निकम्मे मनुष्य क्या तू यह भी नहीं जानता, कि कर्म बिना विश्वास व्यर्थ है?
- Psalm 73:22 भजन संहिता 73:22मैं तो पशु सरीखा था, और समझता न था, मैं तेरे संग रहकर भी, पशु बन गया था।
- Ecclesiastes 3:18 सभोपदेशक 3:18मैं ने मन में कहा कि यह इसलिये होता है कि परमेश्वर मनुष्यों को जांचे और कि वे देख सकें कि वे पशु- समान हैं।
- Jeremiah 2:24 यिर्मयाह 2:24जंगल में पली हुई जंगली गदही जो कामातुर होकर वायु सूंधती फिरती है तब कौन उसे वश में कर सकता है? जितने उसको ढूंढ़ते हैं वे व्यर्थ परिश्रम न करें; क्योंकि वे उसे उसकीतिु में पाएंगे।
- James 3:13–17 याकूब 3:13–17तुम में ज्ञानवान और समझदार कौन है? जो ऐसा हो वह अपने कामों को अच्छे चालचलन से उस नम्रता सहित प्रगट करे जो ज्ञान से उत्पन्न होती है। पर यदि तुम अपने अपने मन में कड़वी डाह और विरोध रखते हो, तो सत्य के विरोध में घमण्ड न करना, और न तो झूठ बोलना। यह ज्ञान वह नहीं, जो ऊपर से उतरता है बरन सांसारिक, और शारीरिक, और शैतानी है। इसलिये कि जहां डाह और विरोध होता है, वहां बखेड़ा और हर प्रकार का दुष्कर्म भी होता है। पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्रा होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है।
- Psalm 92:6 भजन संहिता 92:6पशु समान मनुष्य इसको नहीं समझता, और मूर्ख इसका विचार नहीं करता:
- Job 6:5 अय्यूब 6:5जब बनैले गदहे को घास मिलती, तब क्या वह रेंकता है? और बैल चारा पाकर क्या डकारता है?
- Psalm 62:9–10 भजन संहिता 62:9–10सचमुच नीच लोग तो अस्थाई, और बड़े लोग मिथ्या ही हैं; तौल में वे हलके निकलते हैं; वे सब के सब सांस से भी हलके हैं। अन्धेर करने पर भरोसा मत रखो, और लूट पाट करने पर मत फूलो; चाहे धन सम्पति बढ़े, तौभी उस पर मन न लगाना।।
- Proverbs 30:2–4 नीतिवचन 30:2–4निश्चय मैं पशु सरीखा हूं, वरन मनुष्य कहलाने के योग्य भी नहीं; और मनुष्य की समझ मुझ में नहीं है। न मैं ने बुद्धि प्राप्त की है, और न परमपवित्रा का ज्ञान मुझे मिला है। कौन स्वर्ग में चढ़कर फिर उतर अया? किस ने वायु को अपनी मुट्ठी में बटोर रखा है? किस ने महासागर को अपने वस्त्रा में बान्ध लिया है? किस ने पृथ्वी के सिवनों को ठहराया है? उसका नाम क्या है? और उसके पुत्रा का नाम क्या है? यदि तू जानता हो तो बता!
- Ephesians 2:3 इफिसियों 2:3इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।
- Job 12:2–3 अय्यूब 12:2–3निेसन्देह मनुष्य तो तुम ही हो और जब तुम मरोगे तब बुध्दि भी जाती रहेगी। परन्तु तुम्हारी नाई मुझ में भी समझ है, मैं तुम लोगों से कुछ तीचा नहीं हूँ कौन ऐसा है जो ऐसी बातें न जानता हो?