Job · chapter 17 · verse 7
Job 17:7 in Hindi
खेद के मारे मेरी आंखों में घुंघलापन छा गया है, और मेरे सब अंग छाया की नाई हो गए हैं।
Khed ke maare meree aankhom mem ghunghalaapan chhaa gayaa hai, aur mere sab ang chhaayaa kee naaee ho gae hain.
Job 17:7 in English
- King James Version (KJV)
- Mine eye also is dim by reason of sorrow, and all my members [are] as a shadow.
- World English Bible (WEB)
- My eye also is dim by reason of sorrow. All my members are as a shadow.
- American Standard Version (ASV)
- Mine eye also is dim by reason of sorrow, And all my members are as a shadow.
- Bible in Basic English (BBE)
- My eyes have become dark because of my pain, and all my body is wasted to a shade.
- Darby Translation (DBY)
- And mine eye is dim by reason of grief, and all my members are as a shadow.
- Webster's Bible (WBS)
- My eye also is dim by reason of sorrow, and all my members [are] as a shade.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And dim from sorrow is mine eye, And my members as a shadow all of them.
Read in context
- 5जो अपने मित्रों को चुगली खाकर लूटा देता, उसके लड़कों की आंखें रह जाएंगी।
- 6उस ने ऐसा किया कि सब लोग मेरी उपमा देते हैं; और लोग मेरे मुंह पर थूकते हैं।
- 7खेद के मारे मेरी आंखों में घुंघलापन छा गया है, और मेरे सब अंग छाया की नाई हो गए हैं।
- 8इसे देखकर सीधे लोग चकित होते हैं, और जो निदष हैं, वह भक्तिहीन के विरूद्ध उभरते हैं।
- 9तौभी धम लोग अपना मार्ग पकड़े रहेंगे, और शुठ्ठ काम करनेवाले सामर्थ्य पर सामर्थ्य पाते जाएंगे।
Cross references
- Psalm 6:7 भजन संहिता 6:7मेरी आंखें शोक से बैठी जाती हैं, और मेरे सब सतानेवालों के कारण वे धुन्धला गई हैं।।
- Job 16:16 अय्यूब 16:16रोते रोते मेरा मुंह सूज गया है, और मेरी आंखों पर घोर अन्धकार छा गया है;
- Psalm 31:9–10 भजन संहिता 31:9–10हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर क्योंकि मैं संकट में हूं; मेरी आंखे वरन मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं। मेरा जीवन शोक के मारे और मेरी अवस्था कराहते कराहते घट चली है; मेरा बल मेरे अधर्म के कारण जाता रह, ओर मेरी हडि्डयां घुल गई।।
- Job 16:8 अय्यूब 16:8और उस ने जो मेरे शरीर को सुखा डाला है, वह मेरे विरूद्ध साक्षी ठहरा है, और मेरा दुबलापन मेरे विरूद्ध खड़ा होकर मेरे साम्हने साक्षी देता है।
- Ecclesiastes 6:12 सभोपदेशक 6:12क्योंकि मनुष्य के क्षणिक व्यर्थ जीवन में जो वह परछाई की नाई बिताता है कौन जानता है कि उसके लिये अच्छा क्या है? क्योंकि मनुष्य को कौन बता सकता है कि उसके बाद दुनिया में क्या होगा?
- Lamentations 5:17 विलापगीत 5:17इस कारण हमारा हृदय निर्बल हो गया है, इन्हीं बातों से हमारी आंखें धुंधली पड़ गई हैं,
- Psalm 109:23 भजन संहिता 109:23मैं ढलती हुई छाया की नाई जाता रहा हूं; मैं टिड्डी के समान उड़ा दिया गया हूं।