Proverbs · chapter 14 · verse 10
Proverbs 14:10 in Hindi
मन अपना ही दु:ख जानता है, और परदेशी उसके आनन्द में हाथ नहीं डाल सकता।
Man apanaa hee du:kh jaanataa hai, aur paradeshee usake aanand mem haath naheem daal sakataa.
Proverbs 14:10 in English
- King James Version (KJV)
- The heart knoweth his own bitterness; and a stranger doth not intermeddle with his joy.
- World English Bible (WEB)
- The heart knows its own bitterness and joy; he will not share these with a stranger.
- American Standard Version (ASV)
- The heart knoweth its own bitterness; And a stranger doth not intermeddle with its joy.
- Bible in Basic English (BBE)
- No one has knowledge of a man's grief but himself; and a strange person has no part in his joy.
- Darby Translation (DBY)
- The heart knoweth its own bitterness, and a stranger doth not intermeddle with its joy.
- Webster's Bible (WBS)
- The heart knoweth its own bitterness; and a stranger doth not intermeddle with its joy.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The heart knoweth its own bitterness, And with its joy a stranger doth not intermeddle.
Read in context
- 8चतुर की बुद्धि अपनी चाल का जानना है, परन्तु मूर्खों की मूढ़ता छल करना है।
- 9मूढ़ लोग दोषी होने को ठट्ठा जानते हैं, परन्तु सीधे लोगों के बीच अनुग्रह होता है।
- 10मन अपना ही दु:ख जानता है, और परदेशी उसके आनन्द में हाथ नहीं डाल सकता।
- 11दुष्टों को घर विनाश हो जाता है, परन्तु सीधे लोगों के तम्बू में आबादी होती है।
- 12ऐसा मार्ग है, जो मनुष्य को ठीक देख पड़ता है, परन्तु उसके अन्त में मृत्यु ही मिलती है।
Cross references
- Philippians 4:7 फिलिप्पियों 4:7तब परमेश्वर की शान्ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी।।
- Proverbs 18:14 नीतिवचन 18:14रोग में मनुष्य अपनी आत्मा से सम्भलता है; परन्तु जब आत्मा हार जाती है तब इसे कौन सह सकता है?
- John 14:18 यूहन्ना 14:18मैं तुम्हें अनाथ न छोडूंगा, मैं तुम्हारे पास आता हूं।
- Proverbs 15:13 नीतिवचन 15:13मन आनन्दित होने से मुख पर भी प्रसन्नता छा जाती है, परन्तु मन के दु:ख से आत्मा निराश होती है।
- Revelation 2:17 प्रकाशितवाक्य 2:17जिस के कान हों, वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है; जो जय पाए, उस को मैं गुप्त मन्ना में से दूंगा, और उसे एक श्वेत पत्थर भी दूंगा; और उस पत्थर पर एक नाम लिखा हुआ होगा, जिसे उसके पानेवाले के सिवाय और कोई न जानेगा।।
- Job 10:1 अय्यूब 10:1मेरा प्राण जीवित रहने से उकताता है; मैं स्वतंत्राता पूर्वक कुड़कुड़ाऊंगा; और मैं अपने मन की कड़वाहट के मारे बातें करूंगा।
- 1 Peter 1:8 1 पतरस 1:8उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास करके ऐसे आनन्दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है।
- 2 Kings 4:27 2 राजा 4:27वह पहाड़ पर परमेश्वर के भक्त के पास पहुंची, और उसके पांव पकड़ने लगी, तब गेहजी उसके पास गया, कि उसे धक्का देकर हटाए, परन्तु परमेश्वर के भक्त ने कहा, उसे छोड़ दे, उसका मन रयाकुल है; परन्तु यहोवा ने मुझ को नहीं बताया, छिपा ही रखा है।
- Mark 14:33–34 मरकुस 14:33–34और वह पतरस और याकूब और यूहन्ना को अपने साथ ले गया: और बहुत ही अधीर, और व्याकुल होने लगा। और उन से कहा; मेरा मन बहुत उदास है, यहां तक कि मैं मरने पर हूं: तुम यहां ठहरो, और जागते रहो।
- John 12:27 यूहन्ना 12:27जब मेरा जी व्याकुल हो रहा है। इसलिये अब मैं क्या कहूं? हे पिता, मुझे इस घड़ी से बचा? परन्तु मैं इसी कारण इस घड़ी को पहुंचा हूं।
- Psalm 25:14 भजन संहिता 25:14यहोवा के भेद को वही जानते हैं जो उस से डरते हैं, और वह अपनी वाचा उन पर प्रगट करेगा।
- 1 Samuel 1:10 1 शमूएल 1:10और यह मन में व्याकुल होकर यहोवा से प्रार्थना करने और बिलख बिलखकर रोने लगी।