Job · chapter 39 · verse 8
Job 39:8 in Hindi
पहाड़ों पर जो कुछ मिलता है उसे वह चरता वह सब भांति की हरियाली ढूंढ़ता फिरता है।
Pahaadom par jo kuchh milataa hai use vah charataa vah sab bhaanti kee hariyaalee dhoondhataa phirataa hai.
Job 39:8 in English
- King James Version (KJV)
- The range of the mountains [is] his pasture, and he searcheth after every green thing.
- World English Bible (WEB)
- The range of the mountains is his pasture. He searches after every green thing.
- American Standard Version (ASV)
- The range of the mountains is his pasture, And he searcheth after every green thing.
- Bible in Basic English (BBE)
- He goes looking for his grass-lands in the mountains, searching out every green thing.
- Darby Translation (DBY)
- The range of the mountains is his pasture, and he searcheth after every green thing.
- Webster's Bible (WBS)
- The range of the mountains [is] his pasture, and he searcheth after every green thing.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The range of mountains [is] his pasture, And after every green thing he seeketh.
Read in context
- 6उसका घर मैं ने निर्जल देश को, और उसका निवास लोनिया भूमि को ठहराया है।
- 7वह नगर के कोलाहल पर हंसता, और हांकनेवाले की हांक सुनता भी नहीं।
- 8पहाड़ों पर जो कुछ मिलता है उसे वह चरता वह सब भांति की हरियाली ढूंढ़ता फिरता है।
- 9क्या जंगली सांढ़ तेरा काम करने को प्रसन्न होगा? क्या वह तेरी चरनी के पास रहेगा?
- 10क्या तू जंगली सांढ़ को रस्से से बान्धकर रेघारियों में चला सकता है? क्या वह नालों में तेरे पीछे पीछे हेंगा फेरेगा?
Cross references
- Psalm 104:27–28 भजन संहिता 104:27–28इन सब को तेरा ही आसरा है, कि तू उनका आहार समय पर दिया करे। तू उन्हें देता हे, वे चुन लेते हैं; तू अपनी मुट्ठी खोलता है और वे उत्तम पदार्थों से तृप्त होते हैं।
- Psalm 145:15–16 भजन संहिता 145:15–16सभों की आंखें तेरी ओर लगी रहती हैं, और तू उनको आहार समय पर देता है। तू अपनी मुट्ठी खोलकर, सब प्राणियों को आहार से तृप्त करता है।
- Job 40:20–22 अय्यूब 40:20–22निश्चय पहाड़ों पर उसका चारा मिलता है, जहां और सब वनपशु कालोल करते हैं। वह छतनार वृक्षों के तले नरकटों की आड़ में और कीच पर लेटा करता है छतनार वृक्ष उस पर छाया करते हैं, वह नाले के बेंत के वृक्षों से घिरा रहता है।
- Genesis 1:29–30 उत्पत्ति 1:29–30फिर परमेश्वर ने उन से कहा, सुनो, जितने बीजवाले छोटे छोटे पेड़ सारी पृथ्वी के ऊपर हैं और जितने वृक्षों में बीजवाले फल होते हैं, वे सब मैं ने तुम को दिए हैं; वे तुम्हारे भोजन के लिये हैं: और जितने पृथ्वी के पशु, और आकाश के पक्षी, और पृथ्वी पर रेंगनेवाले जन्तु हैं, जिन में जीवन के प्राण हैं, उन सब के खाने के लिये मैं ने सब हरे हरे छोटे पेड़ दिए हैं; और वैसा ही हो गया।
- Job 40:15 अय्यूब 40:15उस जलगज को देख, जिसको मैं ने तेरे साथ बनाया है, वह बैल की नाई घास खाता है।