Job · chapter 9 · verse 3
Job 9:3 in Hindi
चाहे वह उस से मुक़ मा लड़ना भी चाहे तौभी मनुष्य हजार बातों में से एक का भी उत्तर न दे सकेगा।
Chaahe vah us se muk maa ladanaa bhee chaahe taubhee manushy hajaar baatom mem se ek kaa bhee uttar na de sakegaa.
Job 9:3 in English
- King James Version (KJV)
- If he will contend with him, he cannot answer him one of a thousand.
- World English Bible (WEB)
- If he is pleased to contend with him, he can’t answer him one time in a thousand.
- American Standard Version (ASV)
- If he be pleased to contend with him, He cannot answer him one of a thousand.
- Bible in Basic English (BBE)
- If a man was desiring to go to law with him, he would not be able to give him an answer to one out of a thousand questions.
- Darby Translation (DBY)
- If he shall choose to strive with him, he cannot answer him one thing of a thousand.
- Webster's Bible (WBS)
- If he will contend with him, he cannot answer him one of a thousand.
- Young's Literal Translation (YLT)
- If he delight to strive with Him — He doth not answer him one of a thousand.
Read in context
- 1तब अरयूब ने कहा,
- 2मैं निश्चय जानता हूं, कि बात ऐसी ही है; परन्तु मनुष्य ईश्वर की दृष्टि में क्योंकर धम ठहर सकता है?
- 3चाहे वह उस से मुक़ मा लड़ना भी चाहे तौभी मनुष्य हजार बातों में से एक का भी उत्तर न दे सकेगा।
- 4वह बुध्दिमान और अति सामथ हैे उसके विरोध में हठ करके कौन कभी प्रबल हुआ है?
- 5वह तो पर्वतों को अचानक हटा देता है और उन्हें पता भी नहीं लगता, वह क्रोध में आकर उन्हें उलट पुलट कर देता है।
Cross references
- Job 10:2 अय्यूब 10:2मै ईश्वर से कहूंगा, मुझे दोषी न ठहरा; मुझे बता दे, कि तू किस कारण मूझ से मुक़ मा लड़ता है?
- Job 40:2 अय्यूब 40:2क्या जो बकवास करता है वह सर्वशक्तिमान से झगड़ा करे? जो ईश्वर से विवाद करता है वह इसका उत्तर दे।
- 1 John 3:20 1 यूहन्ना 3:20क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है।
- Job 9:20 अय्यूब 9:20चाहे मैं निदष ही क्यों न हूँ, परन्तु अपने ही मुंह से दोषी ठहरूंगा; खरा होने पर भी वह मुझे कुटिल ठहराएगा।
- Job 33:13 अय्यूब 33:13तू उस से क्यों झगड़ता है? क्योंकि वह अपनी किसी बात का लेखा नहीं देता।
- Romans 9:20 रोमियों 9:20हे मनुष्य, भला तू कौन है, जो परमेश्वर का साम्हना करता है? क्या गढ़ी हुई वस्तु गढ़नेवाले से कह सकती है कि तू ने मुझे ऐसा क्यों बनाया है?
- Psalm 40:12 भजन संहिता 40:12क्योंकि मैं अनगिनत बुराइयों से घिरा हुआ हूं; मेरे अधर्म के कामों ने मुझे आ पकड़ा और मैं दृष्टि नहीं उठा सकता; वे गिनती में मेरे सिर के बालों से भी अधिक हैं; इसलिये मेरा हृदय टूट गया।।
- Job 31:35–37 अय्यूब 31:35–37भला होता कि मेरा कोई सुननेवाला होता! (सर्वशक्तिमान अभी मेरा त्याय चुकाए! देखो मेरा दस्तखत यही है)। भला होता कि जो शिकायतनामा मेरे मु ई ने लिखा है वह मेरे पास होता! निश्चय मैं उसको अपने कन्धे पर उठाए फिरता; और सुन्दर पगड़ी जानकर अपने सिर में बान्धे रहता। मैं उसको अपने पग पग का हिसाब देता; मैं उसके निकट प्रधान की नाई निडर जाता।
- Psalm 19:12 भजन संहिता 19:12अपनी भूलचूक को कौन समझ सकता है? मेरे गुप्त पापों से तू मुझे पवित्रा कर।
- Isaiah 57:15–16 यशायाह 57:15–16क्योंकि जो महान और उत्तम और सदैव स्थिर रहता, और जिसका नाम पवित्रा है, वह यों कहता है, मैं ऊंचे पर और पवित्रा स्थान में निवास करता हूं, और उसके संग भी रहता हूं, जो खेदित और नम्र हैं, कि, नम्र लोगों के हृदय और खेदित लोगों के मन को हर्षित करूं। मैं सदा मुक मा न लड़ता रहूंगा, न सर्वदा क्रोधित रहूंगा; क्योंकि आत्मा मेरे बनाए हुए हैं और जीव मेरे साम्हने मूर्च्छित हो जाते हैं।
- 1 John 1:8 1 यूहन्ना 1:8यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं: और हम में सत्य नहीं।
- Job 23:3–7 अय्यूब 23:3–7भला होता, कि मैं जानता कि वह कहां मिल सकता है, तब मैं उसके विराजने के स्थान तक जा सकता! मैं उसके साम्हने अपना मुक़ मा पेश करता, और बहुत से प्रमाण देता। मैं जान लेता कि वह मुझ से उत्तर में क्या कह सकता है, और जो कुछ वह मुझ से कहता वह मैं समझ लेता। क्या वह अपना बड़ा बल दिखाकर मुझ से मुक़ मा लड़ता? नहीं, वह मुझ पर ध्यान देता। सज्जन उस से विवाद कर सकते, और इस रीति मैं अपने न्यायी के हाथ से सदा के लिये छूट जाता।