Lamentations · chapter 3 · verse 20
Lamentations 3:20 in Hindi
मैं उन्हीं पर सोचता रहता हूँ, इस से मेरा प्राण ढला जाता है।
Maim unheem par sochataa rahataa hoon, is se meraa praan dhalaa jaataa hai.
Lamentations 3:20 in English
- King James Version (KJV)
- My soul hath [them] still in remembrance, and is humbled in me.
- World English Bible (WEB)
- My soul still remembers them, and is bowed down within me.
- American Standard Version (ASV)
- My soul hath them still in remembrance, and is bowed down within me.
- Bible in Basic English (BBE)
- My soul still keeps the memory of them; and is bent down in me.
- Darby Translation (DBY)
- My soul hath [them] constantly in remembrance, and is humbled in me.
- Webster's Bible (WBS)
- My soul hath [them] still in remembrance, and is humbled in me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Remember well, and bow down doth my soul in me.
Read in context
- 18इसलिऐ मैं ने कहा, मेरा बल नाश हुआ, और मेरी आश जो यहोवा पर थी, वह टूट गई है।
- 19मेरा दु:ख और मारा मारा फिरना, मेरा नागदौने और- और विष का पीना स्मरण कर!
- 20मैं उन्हीं पर सोचता रहता हूँ, इस से मेरा प्राण ढला जाता है।
- 21परन्तु मैं यह स्मरण करता हूँ, इसीलिये मुझे आशा हैे
- 22हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरूणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है।
Cross references
- Psalm 42:11 भजन संहिता 42:11हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर भरोसा रख; क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है, मैं फिर उसका धन्यवाद करूंगा।।
- Psalm 42:5–6 भजन संहिता 42:5–6हे मेरे प्राण, तू क्यों गिरा जाता है? और तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर आशा लगाए रह; क्योंकि मैं उसके दर्शन से उद्धार पाकर फिर उसका धन्यवाद करूंगा।। हे मेरे परमेश्वर; मेरा प्राण मेरे भीतर गिरा जाता है, इसलिये मैं यर्दन के पास के देश से और हर्मोन के पहाड़ों और मिसगार की पहाड़ी के ऊपर से तुझे स्मरण करता हूं।
- Psalm 43:5 भजन संहिता 43:5हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर भरोसा रख, क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है; मैं फिर उसका धन्यवाद करूंगा।।
- Job 21:6 अय्यूब 21:6जब मैं स्मरण करता तब मैं घबरा जाता हूँ, और मेरी देह में कंपकंपी लगती है।
- Psalm 44:25 भजन संहिता 44:25हमारा प्राण मिट्टी से लग गया; हमारा पेट भूमि से सट गया है।
- Psalm 146:8 भजन संहिता 146:8यहोवा अन्धों को आंखें देता है। यहोवा झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है; यहोवा धर्मियों से प्रेम रखता है।