Luke · chapter 16 · verse 8
Luke 16:8 in Hindi
स्वामी ने उस अधर्मी भण्डारी को सराहा, कि उस ने चतुराई से काम किया है; क्योंकि इस संसार के लोग अपने समय के लोगों के साथ रीति व्यवहारों में ज्योति के लोगों से अधिक चतुर हैं।
Svaamee ne us adharmee bhandaaree ko saraahaa, ki us ne chaturaaee se kaam kiyaa hai; kyonki is sansaar ke log apane samay ke logom ke saath reeti vyavahaarom mem jyoti ke logom se adhik chatur hain.
Luke 16:8 in English
- King James Version (KJV)
- And the lord commended the unjust steward, because he had done wisely: for the children of this world are in their generation wiser than the children of light.
- World English Bible (WEB)
- “His lord commended the dishonest manager because he had done wisely, for the children of this world are, in their own generation, wiser than the children of the light.
- American Standard Version (ASV)
- And his lord commended the unrighteous steward because he had done wisely: for the sons of this world are for their own generation wiser than the sons of the light.
- Bible in Basic English (BBE)
- And his lord was pleased with the false servant, because he had been wise; for the sons of this world are wiser in relation to their generation than the sons of light.
- Darby Translation (DBY)
- And the lord praised the unrighteous steward because he had done prudently. For the sons of this world are, for their own generation, more prudent than the sons of light.
- Webster's Bible (WBS)
- And the lord commended the unjust steward, because he had done wisely: for the children of this world are in their generation wiser than the children of light.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And the lord commended the unrighteous steward that he did prudently, because the sons of this age are more prudent than the sons of the light, in respect to their generation.
Read in context
- 6उस ने कहा, सौ मन तेल; तब उस ने उस से कहा, कि अपनी खाता-बही ले और बैठकर तुरन्त पचास लिख दे।
- 7फिर दूसरे से पूछा; तुझ पर क्या आता है? उस ने कहा, सौ मन गेहूं; तब उस ने उस से कहा; अपनी खाता-बही लेकर अस्सी लिख दे।
- 8स्वामी ने उस अधर्मी भण्डारी को सराहा, कि उस ने चतुराई से काम किया है; क्योंकि इस संसार के लोग अपने समय के लोगों के साथ रीति व्यवहारों में ज्योति के लोगों से अधिक चतुर हैं।
- 9और मैं तुम से कहता हूं, कि अधर्म के धन से अपने लिये मित्र बना लो; ताकि जब वह जाता रहे, तो वे तुम्हें अनन्त निवासों में ले लें।
- 10जो थोड़े से थोड़े में सच्चा है, वह बहुत में भी सच्चा है: और जो थोड़े से थोड़े में अधर्मी है, वह बहुत में भी अधर्मी है।
Cross references
- 1 Thessalonians 5:5 1 थिस्सलुनीकियों 5:5क्योंकि तुम सब ज्योति की सन्तान, और दिन की सन्तान हो, हम न रात के हैं, न अन्धकार के हैं।
- Ephesians 5:8 इफिसियों 5:8क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान की नाई चलो।
- 1 John 3:10 1 यूहन्ना 3:10इसी से परमेश्वर की सन्तान, और शैतान की सन्तान जाने जाते हैं; जो कोई धर्म के काम नहीं करता, वह परमेश्वर से नहीं, और न वह, जो अपने भाई से प्रेम नहीं रखता।
- Proverbs 6:6–8 नीतिवचन 6:6–8हे आलसी, च्यूंटियों के पास जा; उनके काम पर ध्यान दे, और बुद्धिमान हो। उनके न तो कोई न्यायी होता है, न प्रधान, और न प्रभुता करनेवाला, तौभी वे अपना आहार धूपकाल में संचय करती हैं, और कटनी के समय अपनी भोजनवस्तु बटोरती हैं।
- 1 Corinthians 3:18 1 कुरिन्थियों 3:18कोई अपन आप को धोखा न दे: यदि तुम में से कोई इस संसार में अपने आप को ज्ञानी समझे, तो मूर्ख बने; कि ज्ञानी हो जाए।
- Luke 16:10 लूका 16:10जो थोड़े से थोड़े में सच्चा है, वह बहुत में भी सच्चा है: और जो थोड़े से थोड़े में अधर्मी है, वह बहुत में भी अधर्मी है।
- John 12:36 यूहन्ना 12:36जब तक ज्योति तुम्हारे साथ है, ज्योति पर विश्वास करो कि तुम ज्योति के सन्तान होओ।। ये बातें कहकर यीशु चला गया और उन से छिपा रहा।
- Exodus 1:10 निर्गमन 1:10इसलिये आओ, हम उनके साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करें, कहीं ऐसा न हो कि जब वे बहुत बढ़ जाएं, और यदि संग्राम का समय आ पड़े, तो हमारे बैरियों से मिलकर हम से लड़ें और इस देश से निकल जाएं।
- Luke 16:4 लूका 16:4मैं समझ गया, कि क्या करूंगा: ताकि जब मैं भण्डारी के काम से छुड़ाया जाऊं तो लोग मुझे अपने घरों में ले लें।
- Psalm 49:10–19 भजन संहिता 49:10–19क्योंकि देखने में आता है, कि बुद्धिमान भी मरते हैं, और मूर्ख और पशु सरीखे मनुष्य भी दोनों नाश होते हैं, और अपनी सम्पत्ति औरों के लिये छोड़ जाते हैं। वे मन ही मन यह सोचते हैं, कि उनका घर सदा स्थिर रहेगा, और उनके निवास पीढ़ी से पीढ़ी तक बने रहेंगे; इसलिये वे अपनी अपनी भूमि का नाम अपने अपने नाम पर रखते हैं। परन्तु मनुष्य प्रतिष्ठा पाकर भी स्थिर नहीं रहता, वह पशुओं के समान होता है, जो मर मिटते हैं।। उनकी यह चाल उनकी मूर्खता है, तौभी उनके बाद लोग उनकी बातों से प्रसन्न होते हैं। वे अधोलोक की मानों भेड़- बकरियां ठहराए गए हैं; मृत्यु उनका गड़ेरिया ठहरी; और बिहान को सीधे लोग उन पर प्रभुता करेंगे; और उनका सुन्दर रूप अधोलोक का कौर हो जाएगा और उनका कोई आधार न रहेगा। परन्तु परमेश्वर मेरे प्राण को अधोलोक के वश से छुड़ा लेगा, क्योंकि वही मुझे ग्रहण कर अपनाएगा।। जब कोई धनी हो जाए और उसके घर का विभव बढ़ जाए, तब तू भय न खाना। क्योंकि वह मर कर कुछ भी साथ न ले जाएगा; न उसका विभव उसके साथ कब्र में जाएगा। चाहे वह जीते जी अपने आप को धन्य कहता रहे, (जब तू अपनी भलाई करता है, तब वे लोग तेरी प्रशंसा करते हैं) तौभी वह अपने पुरखाओं के समाज में मिलाया जाएगा, जो कभी उजियाला न देखेंगे।
- Psalm 17:14 भजन संहिता 17:14अपना हाथ बढ़ाकर हे यहोवा, मुझे मनुष्यों से बचा, अर्थात् संसारी मनुष्यों से जिनका भाग इसी जीवन में है, और जिनका पेट तू अपने भण्डार से भरता है। वे बालबच्चों से सन्तुष्ट हैं; और शेष सम्पति अपने बच्चों के लिये छोड़ जाते हैं।।
- Genesis 3:1 उत्पत्ति 3:1यहोवा परमेश्वर ने जितने बनैले पशु बनाए थे, उन सब में सर्प धूर्त था, और उस ने स्त्री से कहा, क्या सच है, कि परमेश्वर ने कहा, कि तुम इस बाटिका के किसी वृक्ष का फल न खाना?