Luke · chapter 5 · verse 21
Luke 5:21 in Hindi
तब शास्त्री और फरीसी विवाद करने लगे, कि यह कौन है, जो परमेश्वर की निन्दा करता है? परमेश्वर का छोड़ कौन पापों की क्षमा कर सकता है?
Tab shaastree aur phareesee vivaad karane lage, ki yah kaun hai, jo parameshvar kee nindaa karataa hai? Parameshvar kaa chhod kaun paapom kee kshamaa kar sakataa hai?
Luke 5:21 in English
- King James Version (KJV)
- And the scribes and the Pharisees began to reason, saying, Who is this which speaketh blasphemies? Who can forgive sins, but God alone?
- World English Bible (WEB)
- The scribes and the Pharisees began to reason, saying, “Who is this who speaks blasphemies? Who can forgive sins, but God alone?”
- American Standard Version (ASV)
- And the scribes and the Pharisees began to reason, saying, Who is this that speaketh blasphemies? Who can forgive sins, but God alone?
- Bible in Basic English (BBE)
- And the scribes and Pharisees were having an argument, saying, Who is this, who has no respect for God? who is able to give forgiveness for sins, but God only?
- Darby Translation (DBY)
- And the scribes and the Pharisees began to reason [in their minds], saying, Who is this who speaks blasphemies? Who is able to forgive sins but God alone?
- Webster's Bible (WBS)
- And the scribes and the Pharisees began to reason, saying, Who is this who speaketh blasphemies? Who can forgive sins but God alone?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the scribes and the Pharisees began to reason, saying, 'Who is this that doth speak evil words? who is able to forgive sins, except God only?'
Read in context
- 19और जब भीड़ के कारण उसे भीतर न ले जा सके तो उन्हों ने कोठे पर चढ़ कर और खप्रैल हटाकर, उसे खाट समेत बीच में यीशु के साम्हने उतरा दिया।
- 20उस ने उन का विश्वास देखकर उस से कहा; हे मनुष्य, तेरे पाप क्षमा हुए।
- 21तब शास्त्री और फरीसी विवाद करने लगे, कि यह कौन है, जो परमेश्वर की निन्दा करता है? परमेश्वर का छोड़ कौन पापों की क्षमा कर सकता है?
- 22यीशु ने उन के मन की बातें जानकर, उन से कहा कि तुम अपने मनों में क्या विवाद कर रहे हो?
- 23सहज क्या है? क्या यह कहना, कि तेरे पाप क्षमा हुए, या यह कहना कि उठ, और चल फिर?
Cross references
- Isaiah 43:25 यशायाह 43:25मैं वही हूं जो अपने नाम के निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूं और तेरे पापों को स्मरण न करूंगा।
- Mark 2:6–7 मरकुस 2:6–7तब कई एक शास्त्री जो वहां बैठे थे, अपने अपने मन में विचार करने लगे। कि यह मनुष्य क्यों ऐसा कहता है? यह तो परमेश्वर की निन्दा करता है, परमेश्वर को छोड़ और कोन पाप क्षमा कर सकता है?
- John 10:33 यूहन्ना 10:33यहूदियों ने उस को उत्तर दिया, कि भले काम के लिये हम तुझे पत्थरवाह नहीं करते, परन्तु परमेश्वर की निन्दा के कारण और इसलिये कि तू मनुष्य होकर अपने आप को परमेश्वर बनाता है।
- Luke 7:49 लूका 7:49तब जो लोग उसके साथ भोजन करने बैठे थे, वे अपने अपने मन में सोचने लगे, यह कौन है जो पापों को भी क्षमा करता है?
- Acts 6:11–13 प्रेरितों के काम 6:11–13इस पर उन्हो ने कई लोगों को उभारा जो कहने लगे, कि हम ने इस मूसा और परमेश्वर के विरोध में निन्दा की बातें कहते सुना है। और लोगों और प्राचीनों और शास्त्रियों को भड़काकर चढ़ आए और उसे पकड़कर महासभा में ले आए। और झूठे गवाह खड़े किए, जिन्हों ने कहा कि यह मनुष्य इस पवित्रा स्थान और व्यवस्था के विरोध में बोलना नहीं छोड़ता।
- Psalm 32:5 भजन संहिता 32:5जब मैं ने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया, और कहा, मैं यहोवा के साम्हने अपने अपराधों को मान लूंगा; तब तू ने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया।।
- Romans 8:33 रोमियों 8:33परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उनको धर्मी ठहरानेवाला है।
- Daniel 9:9 दानिय्येल 9:9परन्तु, यद्यपि हम अपने परमेश्वर प्रभु से फिर गए, तौभी तू दयासागर और क्षमा की खानि है।
- Matthew 26:65 मत्ती 26:65तब महायाजक ने अपने वस्त्रा फाड़कर कहा, इस ने परमेश्वर की निन्दा की है, अब हमें गवाहों का क्या प्रयोजन?
- Exodus 34:6–7 निर्गमन 34:6–7और यहोवा उसके साम्हने होकर यों प्रचार करता हुआ चला, कि यहोवा, यहोवा, ईश्वर दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करूणामय और सत्य, हजारों पीढ़ियों तब निरन्तर करूणा करनेवाला, अधर्म और अपराध और पाप का क्षमा करनेवाला है, परन्तु दोषी को वह किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा, वह पितरों के अधर्म का दण्ड उनके बेटों वरन पोतों और परपोतों को भी देनेवाला है।
- Isaiah 1:18 यशायाह 1:18यहोवा कहता है, आओ, हम आपस में वादविवाद करें: तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम की नाईं उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे।
- Daniel 9:19 दानिय्येल 9:19हे प्रभु, सुन ले; हे प्रभु, पाप क्षमा कर; हे प्रभु, ध्यान देकर जो करता है उसे कर, विलम्ब न कर; हे मेरे परमेश्वर, तेरा नगर और तेरी प्रजा तेरी ही कहलाती है; इसलिये अपने नाम के निमित्त ऐसा ही कर।।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- scribes · G1122γραμματεύς grammateús
- and · G2532καί kaí
- Pharisees · G5330Φαρισαῖος Pharisaîos
- began · G756ἄρχομαι árchomai
- reason · G1260διαλογίζομαι dialogízomai
- saying · G3004λέγω légō
- Who · G5101τίς tís
- is · G2076ἐστί estí
- this · G3778οὗτος hoûtos
- which · G3739ὅς hós
- speaketh · G2980λαλέω laléō
- blasphemies · G988βλασφημία blasphēmía
- Who · G5101τίς tís
- can · G1410δύναμαι dýnamai
- forgive · G863ἀφίημι aphíēmi
- sins · G266ἁμαρτία hamartía
- but · G3361μή mḗ
- God · G2316θεός theós
- alone · G3441μόνος mónos