Luke · chapter 5 · verse 22
Luke 5:22 in Hindi
यीशु ने उन के मन की बातें जानकर, उन से कहा कि तुम अपने मनों में क्या विवाद कर रहे हो?
Yeeshu ne un ke man kee baatem jaanakar, un se kahaa ki tum apane manom mem kyaa vivaad kar rahe ho?
Luke 5:22 in English
- King James Version (KJV)
- But when Jesus perceived their thoughts, he answering said unto them, What reason ye in your hearts?
- World English Bible (WEB)
- But Jesus, perceiving their thoughts, answered them, “Why are you reasoning so in your hearts?
- American Standard Version (ASV)
- But Jesus perceiving their reasonings, answered and said unto them, Why reason ye in your hearts?
- Bible in Basic English (BBE)
- But Jesus, who had knowledge of their thoughts, said to them, Why are you reasoning in your hearts?
- Darby Translation (DBY)
- But Jesus, knowing their reasonings, answering said to them, Why reason ye in your hearts?
- Webster's Bible (WBS)
- But when Jesus perceived their thoughts, he answering, said to them, What reason ye in your hearts?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jesus having known their reasonings, answering, said unto them, 'What reason ye in your hearts?
Read in context
- 20उस ने उन का विश्वास देखकर उस से कहा; हे मनुष्य, तेरे पाप क्षमा हुए।
- 21तब शास्त्री और फरीसी विवाद करने लगे, कि यह कौन है, जो परमेश्वर की निन्दा करता है? परमेश्वर का छोड़ कौन पापों की क्षमा कर सकता है?
- 22यीशु ने उन के मन की बातें जानकर, उन से कहा कि तुम अपने मनों में क्या विवाद कर रहे हो?
- 23सहज क्या है? क्या यह कहना, कि तेरे पाप क्षमा हुए, या यह कहना कि उठ, और चल फिर?
- 24परन्तु इसलिये कि तुम जानो कि मनुष्य के पुत्रा को पृथ्वी पर पाप क्षमा करने का भी अधिकार है (उस ने उस झोले के मारे हुए से कहा), मैं तुझ से कहता हूं, उठ और अपनी खाट उठाकर अपने घर चला जा।
Cross references
- Matthew 9:4 मत्ती 9:4यीशु ने उन के मन की बातें मालूम करके कहा, कि तुम लोग अपने अपने मन में बुरा विचार क्यों कर रहे हो?
- Mark 8:17 मरकुस 8:17यह जानकर यीशु ने उन से कहा; तुम क्यों आपस में विचार कर रहे हो कि हमारे पास रोटी नहीं? क्या अब तक नहीं जानते और नहीं समझते?
- Luke 24:38 लूका 24:38उस ने उन से कहा; क्यों घबराते हो? और तुम्हारे मन में क्यों सन्देह उठते हैं?
- Acts 5:3 प्रेरितों के काम 5:3ुपरन्तु पतरस ने कहा; हे हनन्याह! शैतान ने तेरे मन में यह बात क्यों डाली है कि तू पवित्रा आत्मा से झूठ बोले, और भूमि के दाम में से कुछ रख छोड़े?
- Matthew 12:25 मत्ती 12:25उस ने उन के मन की बात जानकर उन से कहा; जिस किसी राज्य में फूट होती है, वह उजड़ जाता है, और कोई नगर या घराना जिस में फूट होती है, बना न रहेगा।
- Revelation 2:23 प्रकाशितवाक्य 2:23और मैं उसके बच्चों को मार डालंूगा; और तब सब कलीसियाएं जान लेंगी कि हृदय और मन का परखनेवाला मैं ही हूं: और मैं तुम में से हर एक को उसके कामों के अनुसार बदला दूंगा।
- Psalm 139:2 भजन संहिता 139:2तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है।
- Isaiah 66:18 यशायाह 66:18क्योंकि मैं उनके काम और उनकी कल्पनाएं, दोनों अच्छी रीति से जानता हूं। और वह समय आता है जब मैं सारी जातियों और भिन्न भिन्न भाषा बोलने वालों को इकट्ठा करूंगा; और वे आकर मेरी महिमा देखेंगे।
- Hebrews 4:12 इब्रानियों 4:12क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग करके, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है।
- Ezekiel 38:10 यहेजकेल 38:10परमेश्वर यहोवा यों कहता है, उस दिन तेरे मन में ऐसी ऐसी बातें आएंगी कि तू एक बुरी युक्ति भी निकालेगा;
- Proverbs 15:26 नीतिवचन 15:26बुरी कल्पनाएं यहोवा को घिनौनी लगती हैं, परन्तु शुद्ध जन के वचन मनभावने हैं।
- 1 Chronicles 28:9 1 इतिहास 28:9और हे मेरे पुत्रा सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा।