Mark · chapter 1 · verse 23
Mark 1:23 in Hindi
और उसी समय, उन की सभा के घर में एक मनुष्य था, जिस में एक अशुद्ध आत्मा थी।
Aur usee samay, un kee sabhaa ke ghar mem ek manushy thaa, jis mem ek ashuddh aatmaa thee.
Mark 1:23 in English
- King James Version (KJV)
- And there was in their synagogue a man with an unclean spirit; and he cried out,
- World English Bible (WEB)
- Immediately there was in their synagogue a man with an unclean spirit, and he cried out,
- American Standard Version (ASV)
- And straightway there was in their synagogue a man with an unclean spirit; and he cried out,
- Bible in Basic English (BBE)
- And there was in their Synagogue a man with an unclean spirit; and he gave a cry,
- Darby Translation (DBY)
- And there was in their synagogue a man [possessed] by an unclean spirit, and he cried out
- Webster's Bible (WBS)
- And there was in their synagogue a man with an unclean spirit; and he cried out,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And there was in their synagogue a man with an unclean spirit, and he cried out,
Read in context
- 21और वे कफरनहूम में आए, और वह तुरन्त सब्त के दिन सभा के घर में जाकर उपदेश करने लगा।
- 22और लोग उसके उपदेश से चकित हुए; क्योंकि वह उन्हें शास्त्रियों की नाईं नहीं, परन्तु अधिकारी की नाई उपदेश देता था।
- 23और उसी समय, उन की सभा के घर में एक मनुष्य था, जिस में एक अशुद्ध आत्मा थी।
- 24उस ने चिल्लाकर कहा, हे यीशु नासरी, हमें तुझ से क्या काम? क्या तू हमें नाश करने आया है? मैं तुझे जानता हूं, तू कौन है? परमेश्वर का पवित्रा जन!
- 25यीशु ने उसे डांटकर कहा, चुप रह; और उस में से निकल जा।
Cross references
- Mark 9:25 मरकुस 9:25जब यीशु ने देखा, कि लोग दौड़कर भीड़ लगा रहे हैं, तो उस ने अशुद़्ध आत्म को यह कहकर डांटा, कि हे गूंगी और बहिरी आत्मा, मैं तुझे आज्ञा देता हूं, उस में से निकल आ, और उस में फिर कभी प्रवेश न कर।
- Mark 5:2 मरकुस 5:2और जब वह नाव पर से उतरा तो तुरन्त एक मनुष्य जिस में अशुद्ध आत्मा थी कब्रों से निकलकर उसे मिला।
- Mark 1:34 मरकुस 1:34और उस ने बहुतों को जो नाना प्रकार की बीमारियों से दुखी थे, चंगा किया; और बहुत से दुष्टात्माओं को निकाला; और दुष्टात्माओं को बोलने न दिया, क्योंकि वे उसे पहचानती थीं।।
- Luke 4:33–37 लूका 4:33–37आराधनालय में एक मनुष्य था, जिस में अशुद्ध आत्मा थी। वह ऊंचे शब्द से चिल्ला उठा, हे यीशु नासरी, हमें तुझ से क्या काम? क्या तू हमें नाश करने आया है? मैं तुझे जानता हूं तू कौन है? तू परमेश्वर का पवित्रा जन है। यीशु ने उसे डांटकर कहा, चुप रह: और उस में से निकल जा: तब दुष्टात्मा उसे बीच में पटककर बिना हानि पहुंचाए उस में से निकल गई। इस पर सब को अचम्भा हुआ, और वे आपस में बातें करके कहने लगे, यह कैसा वचन है? कि वह अधिकार और सामर्थ के साथ अशुद्ध आत्माओं को आज्ञा देता है, और वे निकल जाती हैं। सो चारों ओर हर जगह उस की धूम मच गई।।
- Matthew 12:43 मत्ती 12:43जब अशुद्ध आत्मा मनुष्य में से निकल जाती है, तो सूखी जगहों में विश्राम ढूंढ़ती फिरती है, और पाती नहीं।
- Mark 7:25 मरकुस 7:25और तुरन्त एक स्त्री जिस की छोटी बेटी में अशुद्ध आत्मा थी, उस की चर्चा सुन कर आई, और उसके पांवों पर गिरी।