Mark · chapter 10 · verse 1
Mark 10:1 in Hindi
फिर वह वहां से उठकर यहूदिया के सिवानों में और यरदन के पार आया, और भीड़ उसके पास फिर इकट्ठी हो गई, और वह अपनी रीति के अनुसार उन्हें फिर उपदेश देने लगा।
Phir vah vahaam se uthakar yahoodiyaa ke sivaanom mem aur yaradan ke paar aayaa, aur bheed usake paas phir ikatthee ho gaee, aur vah apanee reeti ke anusaar unhem phir upadesh dene lagaa.
Mark 10:1 in English
- King James Version (KJV)
- And he arose from thence, and cometh into the coasts of Judæa by the farther side of Jordan: and the people resort unto him again; and, as he was wont, he taught them again.
- World English Bible (WEB)
- He arose from there and came into the borders of Judea and beyond the Jordan. Multitudes came together to him again. As he usually did, he was again teaching them.
- American Standard Version (ASV)
- And he arose from thence, and cometh into the borders of Judæa and beyond the Jordan: and multitudes come together unto him again; and, as he was wont, he taught them again.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he got up, and went into the country of Judaea on the other side of Jordan: and great numbers of people came together to him again; and, as was his way, he gave them teaching.
- Darby Translation (DBY)
- And rising up thence he comes into the coasts of Judaea, and the other side of the Jordan. And again crowds come together to him, and, as he was accustomed, again he taught them.
- Webster's Bible (WBS)
- And he arose from thence, and cometh into the borders of Judea, by the further side of Jordan: and the people resort to him again; and, as he was accustomed, he taught them again.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And having risen thence, he doth come to the coasts of Judea, through the other side of the Jordan, and again do multitudes come together unto him, and, as he had been accustomed, again he was teaching them.
Read in context
- 1फिर वह वहां से उठकर यहूदिया के सिवानों में और यरदन के पार आया, और भीड़ उसके पास फिर इकट्ठी हो गई, और वह अपनी रीति के अनुसार उन्हें फिर उपदेश देने लगा।
- 2तब फरीसियों ने उसके पास आकर उस की परीक्षा करने को उस से पूछा, क्या यह उचित है, कि पुरूष अपनी पत्नी को त्यागे?
- 3उस ने उन को उत्तर दिया, कि मूसा ने तुम्हें क्या आज्ञा दी है?
Cross references
- John 10:40 यूहन्ना 10:40फिर वह यरदन के पार उस स्थान पर चला गया, जहां यूहन्ना पहिले बपतिस्मा दिया करता था, और वहीं रहा।
- Mark 6:34 मरकुस 6:34उस ने निकलकर बड़ी भीड़ देखी, और उन पर तरस खाया, क्योंकि वे उन भेड़ों के समान थे, जिन का कोई रखवाला न हो; और वह उन्हें बहुत सी बातें सिखाने लगा।
- Matthew 4:23 मत्ती 4:23और यीशु सारे गलील में फिरता हुआ उन की सभाओं में उपदेश करता और राज्य का सुसमाचार प्रचार करता, और लोगों की हर प्रकार की बीमारी और दुर्बलता को दूर करता रहा।
- Mark 4:2 मरकुस 4:2और वह उन्हें दृष्टान्तों में बहुत सी बातें सिखाने लगेा, और अपने उपदेश में उन से कहा।
- Mark 2:13 मरकुस 2:13वह फिर निकलकर झील के किनारे गया, और सारी भीड़ उसके पास आई, और वह उन्हें उपदेश देने लगा।
- Jeremiah 32:33 यिर्मयाह 32:33उन्होंने मेरी ओर मुंह नहीं वरन पीठ ही फेर दी है; यद्यपि मैं उन्हें बड़े यत्न से सिखाता आया हूँ, तौभी उन्होंने मेरी शिक्षा को नहीं माना।
- Mark 6:6 मरकुस 6:6और उस ने उन के अविश्वास पर आश्चर्य किया और चारों ओर से गावों में उपदेश करता फिरा।।
- John 11:7 यूहन्ना 11:7फिर इस के बाद उस ने चेलों से कहा, कि आओ, हम फिर यहूदिया को चलें।
- John 18:20 यूहन्ना 18:20यीशु ने उस को उत्तर दिया, कि मैं ने जागत से खोलकर बातें की; मैं ने सभाओं और आराधनालय में जहां सब यहूदी इकट्ठे हुआ करते हैं सदा उपदेश किया और गुप्त में कुछ भी नहीं कहा।
- Matthew 19:1–12 मत्ती 19:1–12जब यीशु ये बातें कह चुका, तो गलील से चला गया; और यहूदिया के देश में यरदन के पार आया। और बड़ी भीड़ उसके पीछे हो ली, और उस ने उन्हें वहां चंगा किया।। तब फरीसी उस की परीक्षा करने के लिये पास आकर कहने लगे, क्या हर एक कारण से अपनी पत्नी को त्यागना उचित है? उस ने उत्तर दिया, क्या तुम ने नहीं पढ़ा, कि जिस ने उन्हें बनाया, उस ने आरम्भ से नर और नारी बनाकर कहा। कि इस कारण मनुष्य अपने माता पिता से अलग होकर अपनी पत्नी के साथ रहेगा और वे दोनों एक तन होंगे? सो व अब दो नहीं, परन्तु एक तन हैं: इसलिये जिसे परमेश्वर ने जोड़ा है, उसे मनुष्य अलग न करे। उन्हों ने उस से कहा, फिर मूसा ने क्यों यह ठहराया, कि त्यागपत्रा देकर उसे छोड़ दे? उस ने उन से कहा, मूसा ने तुम्हारे मन की कठोरता के कारण तुम्हें अपनी पत्नी को छोड़ देने की आज्ञा दी, परन्तु आरम्भ में ऐसा नहीं था। और मैं तुम से कहता हूं, कि जो कोई व्यभिचार को छोड़ और किसी कारण से अपनी पत्नी को त्यागकर, दूसरी से ब्याह करे, वह व्यभिचार करता है: और जो छोड़ी हुई को ब्याह करे, वह भी व्यभिचार करता है। चेलों ने उस से कहा, यदि पुरूष का स्त्री के साथ ऐसा सम्बन्ध है, तो ब्याह करना अच्छा नहीं। उस ने उन से कहा, सब यह वचन ग्रहण नहीं कर सकते, केवल वे जिन को यह दान दिया गया है। क्योंकि कुछ नपुंसक ऐसे हैं जो माता के गर्भ ही से ऐसे जन्में; और कुछ नंपुसक ऐसे हैं, जिन्हें मनुष्य ने नपुंसक बनाया: और कुछ नपुंसक एसे हैं, जिन्हों ने स्वर्ग के राज्य के लिये अपने आप को नपुंसक बनाया है, जो इस को ग्रहण कर सकता है, वह ग्रहण करे।
- Ecclesiastes 12:9 सभोपदेशक 12:9उपदेशक जो बुद्धिमान था, वह प्रजा को ज्ञान भी सिखाता रहा, और ध्यान लगाकर और पूछपाछ करके बहुत से नीतिवचन क्रम से रखता था।
Original words (Greek)
- And · G2547κἀκεῖθεν kakeîthen
- arose · G450ἀνίστημι anístēmi
- thence · G2547κἀκεῖθεν kakeîthen
- cometh · G2064ἔρχομαι érchomai
- into · G1519εἰς eis
- coasts · G3725ὅριον hórion
- Judæa · G2449Ἰουδαία Ioudaía
- by · G1223διά diá
- side · G4008πέραν péran
- Jordan · G2446Ἰορδάνης Iordánēs
- and · G2532καί kaí
- people · G3793ὄχλος óchlos
- resort · G4848συμπορεύομαι symporeúomai
- unto · G4314πρός prós
- him · G846αὐτός autós
- again · G3825πάλιν pálin
- and · G2532καί kaí
- as · G5613ὡς hōs
- wont · G1486ἔθω éthō
- taught · G1321διδάσκω didáskō
- them · G846αὐτός autós
- again · G3825πάλιν pálin