Mark · chapter 11 · verse 1
Mark 11:1 in Hindi
जब वे यरूशलेम के निकट जैतून पहाड़ पर बैतफगे और बैतनिरयाह के पास आए, तो उस ने अपने चेलों में से दो को यह कहकर भेजा।
Jab ve yarooshalem ke nikat jaitoon pahaad par baitaphage aur baitanirayaah ke paas aae, to us ne apane chelom mem se do ko yah kahakar bhejaa.
Mark 11:1 in English
- King James Version (KJV)
- And when they came nigh to Jerusalem, unto Bethphage and Bethany, at the mount of Olives, he sendeth forth two of his disciples,
- World English Bible (WEB)
- When they came near to Jerusalem, to Bethsphage and Bethany, at the Mount of Olives, he sent two of his disciples
- American Standard Version (ASV)
- And when they draw nigh unto Jerusalem, unto Bethphage and Bethany, at the mount of Olives, he sendeth two of his disciples,
- Bible in Basic English (BBE)
- And when they came near to Jerusalem, to Beth-phage and Bethany, at the Mountain of Olives, he sent two of his disciples,
- Darby Translation (DBY)
- And when they draw near to Jerusalem, to Bethphage and Bethany, at the mount of Olives, he sends two of his disciples,
- Webster's Bible (WBS)
- And when they came nigh to Jerusalem, to Bethphage, and Bethany, at the mount of Olives, he sendeth forth two of his disciples,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And when they come nigh to Jerusalem, to Bethphage, and Bethany, unto the mount of the Olives, he sendeth forth two of his disciples,
Read in context
- 1जब वे यरूशलेम के निकट जैतून पहाड़ पर बैतफगे और बैतनिरयाह के पास आए, तो उस ने अपने चेलों में से दो को यह कहकर भेजा।
- 2कि अपने साम्हने के गांव में जाओ, और उस में पंहुचते ही एक गदही का बच्चा जिस पर कभी कोई नहीं चढ़ा, बन्धाहुआ तुम्हें मिलेगा, उसे खोल लाओ।
- 3यदि तुम से कोई पूछे, यह क्यों करते हो? तो कहना, कि प्रभु को इस का प्रयोजन है; और वह शीघ्र उसे यहां भेज देगा।
Cross references
- Matthew 21:1–11 मत्ती 21:1–11जब वे यरूशलेम के निकट पहुंचे और जैतून पहाड़ पर बैतफगे के पास आए, तो यीशु ने दो चेलों को यह कहकर भेजा। कि अपने साम्हने के गांव में जाओ, वहां पंहुचते ही एक गदही बन्धी हुई, और उसके साथ बच्चा तुम्हें मिलेगा; उन्हें खोलकर, मेरे पास ले आओ। यदि तुम में से कोई कुछ कहे, तो कहो, कि प्रभु को इन का प्रयोजन है: तब वह तुरन्त उन्हें भेज देगा। यह इसलिये हुआ, कि जो वचन भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हो; कि सिरयोन की बेटी से कहो, देख, तेरा राजा तेरे पास आता है; वह नम्र है और गदहे पर बैठा है; बरन लादू के बच्चे पर। चेलों ने जाकर, जैसा यीशु ने उन से कहा था, वैसा ही किया। और गदही और बच्चे को लाकर, उन पर अपने कपड़े डाले, और वह उन पर बैठ गया। और बहुतेरे लोगों ने अपने कपड़े मार्ग में बिछाए, और और लोगों ने पेड़ों से डालियां काटकर मार्ग में बिछाई। और जो भीड़ आगे आगे जाती और पीछे पीछे चली आती थी, पुकार पुकार कर कहती थी, कि दाऊद की सन्तान को होशाना; धन्य है वह जो प्रभु के नाम से आता है, आकाश में होशाना। जब उस ने यरूशलेम में प्रवेश किया, तो सारे नगर में हलचल मच गई; और लोग कहने लगे, यह कौन है? लोगों ने कहा, यह गलील के नासरत का भविष्यद्वक्ता यीशु है।।
- John 12:14–19 यूहन्ना 12:14–19जब यीशु को एक गदहे का बच्चा मिला, तो उस पर बैठा। जैसा लिखा है, कि हे सिरयोन की बेटी, मत डर, देख, तेरा राजा गदहे के बच्चे पर चढ़ा हुआ चला आता है। उसके चेले, ये बातें पहिले न समझे थे; परन्तु जब यीशु की महिमा प्रगट हुई, तो उन को स्मरण आया, कि ये बातें उसके विषय में लिखी हुई थीं; और लोगों ने उस से इस प्रकार का व्यवहार किया था। तब भीड़ के लोगों ने जो उस समय उसके साथ थे यह गवाही दी कि उस ने लाजर को कब्र में से बुलाकर, मरे हुओं में से जिलाया था। इसी कारण लोग उस से भेंट करने को आए थे क्योंकि उन्हों ने सुना था, कि उस ने यह आश्चर्यकर्म दिखाया है। तब फरीसियों ने आपस में कहा, सोचो तो सही कि तुम से कुछ नहीं बन पड़ता: देखो, संसार उसके पीछे हो चला है।।
- Luke 19:29–40 लूका 19:29–40और जब वह जैतून नाम पहाड़ पर बैतफगे और बैतनियाह के पास पहुंचा, तो उस ने अपने चेलों में से दो को यह कहके भेजा। कि साम्हने के गांव में जाओ, और उस में पहुंचते ही एक गदही का बच्चा जिस पर कभी कोई सवार नहीं हुआ, बन्धा हुआ तुम्हें मिलेगा, उसे खोलकर लाओ। और यदि कोई तुम से पूछे, कि क्यों खोलते हो, तो यह कह देना, कि प्रभु को इस का प्रयोजन है। जो भेजे गए थे; उन्हों ने जाकर जैसा उस ने उन से कहा था, वैसा ही पाया। जब वे गदहे के बच्चे को खोल रहे थे, तो उसके मालिकों ने उन से पूछा; इस बच्चे को क्यों खोलते हो? उन्हों ने कहा, प्रभु को इस का प्रयोजन है। वे उस को यीशु के पास ले आए और अपने कपड़े उस बच्चे पर डालकर यीशु को उस पर सवार किया। जब वह जा रहा था, तो वे अपने कपड़े मार्ग में बिछाते जाते थे। और निकट आते हुए जब वह जैतून पहाड़ की ढलान पर पहुंचा, तो चेलों की सारी मण्डली उन सब सामर्थ के कामों के कारण जो उन्हों ने देखे थे, आनन्दित होकर बड़े शब्द से परमेश्वर की स्तुति करने लगी। कि धन्य है वह राजा, जो प्रभु के नाम से आता है; स्वर्ग में शान्ति और आकाश मण्डल में महिमा हो। तब भीड़ में से कितने फरीसी उस से कहने लगे, हे गुरू अपने चेलों को डांट। उस ने उत्तर दिया, कि तुम में से कहता हूं, यदि ये चुप रहें, तो पत्थर चिल्ला उठेंगे।।
- Matthew 21:17 मत्ती 21:17तब वह उन्हें छोड़कर नगर के बाहर बैतनिरयाह को गया, ओर वहंा रात बिताई।।
- Matthew 24:3 मत्ती 24:3और जब वह जैतून पहाड़ पर बैठा था, तो चेलों ने अलग उसके पास आकर कहा, हम से कह कि ये बातें कब होंगी और तेरे आने का, और जगत के अन्त का क्या चिन्ह होगा?
- Acts 1:12 प्रेरितों के काम 1:12तब वे जैतून नाम के पहाड़ से जो यरूशलेम के निकट एक सब्त के दिन की दूरी पर है, यरूशलेम को लौटे।
- Zechariah 14:4 जकर्याह 14:4और उस समय वह जलपाई के पर्वत पर पांव धरेगा, जो पूरब ओर यरूशलेम के साम्हने है; तब जलपाई का पर्वत पूरब से लेकर पच्छिम तक बीचोबीच से फटकर बहुत बड़ा खड्ड हो जाएगा; तब आधा पर्वत उत्तर की ओर और आधा दक्खिन की ओर हट जाएगा।
- John 8:1 यूहन्ना 8:1परन्तु यीशु जैतून के पहाड़ पर गया।
- Mark 6:7 मरकुस 6:7और वह बारहों को अपने पास बुलाकर उन्हें दो दो करके भेजने लगा; और उन्हें अशुद्ध आत्माओं पर अधिकार दिया।
- Matthew 26:30 मत्ती 26:30फिर वे भजन गाकर जैतून पहाड़ पर गए।।
- Mark 14:13 मरकुस 14:13उस ने अपने चेलों में से दो को यह कहकर भेजा, कि नगर में जाओ, और एक मनुष्य जल का घड़ा उठाए, हुए तुम्हें मिलेगा, उसके पीछे हो लेना।
- Mark 13:3 मरकुस 13:3जब वह जैतून के पहाड़ पर मन्दिर के साम्हने बैठा था, तो पतरस और याकूब और यूहन्ना और अन्द्रियास ने अलग जाकर उस से पूछा।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- when · G3753ὅτε hóte
- nigh · G1448ἐγγίζω engízō
- to · G1519εἰς eis
- Jerusalem · G2419Ἱερουσαλήμ Hierousalḗm
- unto · G1519εἰς eis
- Bethphage · G967Βηθφαγή Bēthphagḗ
- and · G2532καί kaí
- Bethany · G963Βηθανία Bēthanía
- at · G4314πρός prós
- mount · G3735ὄρος óros
- Olives · G1636ἐλαία elaía
- forth · G649ἀποστέλλω apostéllō
- two · G1417δύο dýo
- his · G846αὐτός autós
- disciples · G3101μαθητής mathētḗs