Luke · chapter 19 · verse 29
Luke 19:29 in Hindi
और जब वह जैतून नाम पहाड़ पर बैतफगे और बैतनियाह के पास पहुंचा, तो उस ने अपने चेलों में से दो को यह कहके भेजा।
Aur jab vah jaitoon naam pahaad par baitaphage aur baitaniyaah ke paas pahunchaa, to us ne apane chelom mem se do ko yah kahake bhejaa.
Luke 19:29 in English
- King James Version (KJV)
- And it came to pass, when he was come nigh to Bethphage and Bethany, at the mount called [the mount] of Olives, he sent two of his disciples,
- World English Bible (WEB)
- When he came near to Bethsphage and Bethany, at the mountain that is called Olivet, he sent two of his disciples,
- American Standard Version (ASV)
- And it came to pass, when he drew nigh unto Bethphage and Bethany, at the mount that is called Olivet, he sent two of the disciples,
- Bible in Basic English (BBE)
- And it came about that when he got near Beth-phage and Bethany by the mountain which is named the Mountain of Olives, he sent two of the disciples,
- Darby Translation (DBY)
- And it came to pass as he drew near to Bethphage and Bethany at the mountain called [the mount] of Olives, he sent two of his disciples,
- Webster's Bible (WBS)
- And it came to pass, when he had come nigh to Bethphage and Bethany, at the mount called [the mount] of Olives, he sent two of his disciples,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it came to pass, as he came nigh to Bethphage and Bethany, unto the mount called of the Olives, he sent two of his disciples,
Read in context
- 27परन्तु मेरे उन बैरियों को जो नहीं चाहते थे कि मैं उन पर राज्य करूं, उन को यहां लाकर मेरे सामने घात करो।।
- 28ये बातें कहकर वह यरूशलेम की ओर उन के आगे आगे चला।।
- 29और जब वह जैतून नाम पहाड़ पर बैतफगे और बैतनियाह के पास पहुंचा, तो उस ने अपने चेलों में से दो को यह कहके भेजा।
- 30कि साम्हने के गांव में जाओ, और उस में पहुंचते ही एक गदही का बच्चा जिस पर कभी कोई सवार नहीं हुआ, बन्धा हुआ तुम्हें मिलेगा, उसे खोलकर लाओ।
- 31और यदि कोई तुम से पूछे, कि क्यों खोलते हो, तो यह कह देना, कि प्रभु को इस का प्रयोजन है।
Cross references
- Matthew 21:1–11 मत्ती 21:1–11जब वे यरूशलेम के निकट पहुंचे और जैतून पहाड़ पर बैतफगे के पास आए, तो यीशु ने दो चेलों को यह कहकर भेजा। कि अपने साम्हने के गांव में जाओ, वहां पंहुचते ही एक गदही बन्धी हुई, और उसके साथ बच्चा तुम्हें मिलेगा; उन्हें खोलकर, मेरे पास ले आओ। यदि तुम में से कोई कुछ कहे, तो कहो, कि प्रभु को इन का प्रयोजन है: तब वह तुरन्त उन्हें भेज देगा। यह इसलिये हुआ, कि जो वचन भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हो; कि सिरयोन की बेटी से कहो, देख, तेरा राजा तेरे पास आता है; वह नम्र है और गदहे पर बैठा है; बरन लादू के बच्चे पर। चेलों ने जाकर, जैसा यीशु ने उन से कहा था, वैसा ही किया। और गदही और बच्चे को लाकर, उन पर अपने कपड़े डाले, और वह उन पर बैठ गया। और बहुतेरे लोगों ने अपने कपड़े मार्ग में बिछाए, और और लोगों ने पेड़ों से डालियां काटकर मार्ग में बिछाई। और जो भीड़ आगे आगे जाती और पीछे पीछे चली आती थी, पुकार पुकार कर कहती थी, कि दाऊद की सन्तान को होशाना; धन्य है वह जो प्रभु के नाम से आता है, आकाश में होशाना। जब उस ने यरूशलेम में प्रवेश किया, तो सारे नगर में हलचल मच गई; और लोग कहने लगे, यह कौन है? लोगों ने कहा, यह गलील के नासरत का भविष्यद्वक्ता यीशु है।।
- Acts 1:12 प्रेरितों के काम 1:12तब वे जैतून नाम के पहाड़ से जो यरूशलेम के निकट एक सब्त के दिन की दूरी पर है, यरूशलेम को लौटे।
- Matthew 21:17 मत्ती 21:17तब वह उन्हें छोड़कर नगर के बाहर बैतनिरयाह को गया, ओर वहंा रात बिताई।।
- Zechariah 14:4 जकर्याह 14:4और उस समय वह जलपाई के पर्वत पर पांव धरेगा, जो पूरब ओर यरूशलेम के साम्हने है; तब जलपाई का पर्वत पूरब से लेकर पच्छिम तक बीचोबीच से फटकर बहुत बड़ा खड्ड हो जाएगा; तब आधा पर्वत उत्तर की ओर और आधा दक्खिन की ओर हट जाएगा।
- Mark 11:1–11 मरकुस 11:1–11जब वे यरूशलेम के निकट जैतून पहाड़ पर बैतफगे और बैतनिरयाह के पास आए, तो उस ने अपने चेलों में से दो को यह कहकर भेजा। कि अपने साम्हने के गांव में जाओ, और उस में पंहुचते ही एक गदही का बच्चा जिस पर कभी कोई नहीं चढ़ा, बन्धाहुआ तुम्हें मिलेगा, उसे खोल लाओ। यदि तुम से कोई पूछे, यह क्यों करते हो? तो कहना, कि प्रभु को इस का प्रयोजन है; और वह शीघ्र उसे यहां भेज देगा। उन्हों ने जाकर उस बच्चे को बाहर द्वार के पास चौक में बन्धा हुआ पाया, और खोलते लगे। और उन में से जो वहां खड़े थे, कोई कोई कहने लगे कि यह क्या करते हो, गदही के बच्चे को क्यों खेलते हो? उन्हों ने जैसा यीशु ने कहा था, वैसा ही उन से कह दिया; तब उन्हों ने उन्हें जाने दिया। और उन्हों ने बच्चे को यीशु के पास लाकर उस पर अपने कपड़े डाले और वह उस पर बैठ गया। और बहुतों ने अपने कपड़े मार्ग में बिछाए और औरों ने खेतों में से डालियां काट काट कर फैला दीं। और जो उसके आगे आगे जाते और पीछे पीछे चले आते थे, पुकार पुकार कर कहते जाते थे, कि होशाना; धन्य है वह जो प्रभु के नाम से आता है। हमारे पिता दाऊद का राज्य जो आ रहा है; धन्य है: आकाश में होशाना।। और वह यरूशलेम पहुंचकर मन्दिर में आया, और चारों ओर सब वस्तुओं को देखकर बारहों के साथ बैतनिरयाह गया क्योंकि सांझ हो गई थी।।
- Luke 22:39 लूका 22:39तब वह बाहर निकलकर अपनी रीति के अनुसार जैतून के पहाड़ पर गया, और चेले उसके पीछे हो लिए।
- Luke 19:37 लूका 19:37और निकट आते हुए जब वह जैतून पहाड़ की ढलान पर पहुंचा, तो चेलों की सारी मण्डली उन सब सामर्थ के कामों के कारण जो उन्हों ने देखे थे, आनन्दित होकर बड़े शब्द से परमेश्वर की स्तुति करने लगी।
- John 12:12–16 यूहन्ना 12:12–16दूसरे दिन बहुत से लोगों ने जो पर्ब्ब में आए थे, यह सुनकर, कि यीशु यरूशलेम में आता है। खजूर की, डालियां लीें, और उस से भेंट करने को निकले, और पुकारने लगे, कि होशाना, धन्य इस्त्राएल का राजा, जो प्रभु के नाम से आता है। जब यीशु को एक गदहे का बच्चा मिला, तो उस पर बैठा। जैसा लिखा है, कि हे सिरयोन की बेटी, मत डर, देख, तेरा राजा गदहे के बच्चे पर चढ़ा हुआ चला आता है। उसके चेले, ये बातें पहिले न समझे थे; परन्तु जब यीशु की महिमा प्रगट हुई, तो उन को स्मरण आया, कि ये बातें उसके विषय में लिखी हुई थीं; और लोगों ने उस से इस प्रकार का व्यवहार किया था।
- Luke 24:50 लूका 24:50तब वह उन्हें बैतनिरयाह तक बाहर ले गया, और अपने हाथ उठाकर उन्हें आशीष दी।
- Luke 21:37 लूका 21:37और वह दिन को मन्दिर में उपदेश करता था; और रात को बाहर जाकर जैतून नाम पहाड़ पर रहा करता था।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- pass · G1096γίνομαι gínomai
- when · G5613ὡς hōs
- nigh · G1448ἐγγίζω engízō
- to · G1519εἰς eis
- Bethphage · G967Βηθφαγή Bēthphagḗ
- and · G2532καί kaí
- Bethany · G963Βηθανία Bēthanía
- at · G4314πρός prós
- mount · G3735ὄρος óros
- called · G2564καλέω kaléō
- Olives · G1636ἐλαία elaía
- sent · G649ἀποστέλλω apostéllō
- two · G1417δύο dýo
- his · G846αὐτός autós
- disciples · G3101μαθητής mathētḗs