Mark · chapter 9 · verse 33
Mark 9:33 in Hindi
वे चुप रहे, क्योंकि मार्ग में उन्हों ने आपस में यह वाद- विवाद किया था, कि हम में से बड़ा कौन है?
Ve chup rahe, kyonki maarg mem unhom ne aapas mem yah vaada- vivaad kiyaa thaa, ki ham mem se badaa kaun hai?
Mark 9:33 in English
- King James Version (KJV)
- And he came to Capernaum: and being in the house he asked them, What was it that ye disputed among yourselves by the way?
- World English Bible (WEB)
- He came to Capernaum, and when he was in the house he asked them, “What were you arguing among yourselves on the way?”
- American Standard Version (ASV)
- And they came to Capernaum: and when he was in the house he asked them, What were ye reasoning on the way?
- Bible in Basic English (BBE)
- And they came to Capernaum: and when he was in the house, he put the question to them, What were you talking about on the way?
- Darby Translation (DBY)
- And he came to Capernaum, and being in the house, he asked them, Of what were ye reasoning by the way?
- Webster's Bible (WBS)
- And he came to Capernaum: and being in the house, he asked them, What was it that ye disputed among yourselves by the way?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he came to Capernaum, and being in the house, he was questioning them, 'What were ye reasoning in the way among yourselves?'
Read in context
- 31पर यह बात उन की समझ में नहीं आई, और वे उस से पूछने से डरते थे।।
- 32फिर वे कफरनहूम में आए; और घर में आकर उस ने उन से पूछा कि रास्ते में तुम किस बात पर विवाद करते थे?
- 33वे चुप रहे, क्योंकि मार्ग में उन्हों ने आपस में यह वाद- विवाद किया था, कि हम में से बड़ा कौन है?
- 34वे चुप रहे, क्योंकि मार्ग में उन्हों ने आपस में यह वाद- विवाद किया था, कि हम में से बड़ा कौन है?
- 35तब उस ने बैठकर बारहों को बुलाया, और उन से कहा, यदि कोई बड़ा होना चाहे, तो सब से छोटा और सब का सेवक बने।
Cross references
- Matthew 18:1–5 मत्ती 18:1–5उसी घड़ी चेले यीशु के पास आकर पूछने लगे, कि स्वर्ग के राज्य में बड़ा कौन है? इस पर उस ने एक बालक को पास बुलाकर उन के बीच में खड़ा किया। और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे। जो कोई अपने आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा। और जो कोई मेरे नाम से एक ऐसे बालक को ग्रहण करता है वह मुझे ग्रहण करता है।
- Hebrews 4:13 इब्रानियों 4:13और सृष्टि की कोई वस्तु उस से छिपी नहीं है बरन जिस से हमें काम है, उस की आंखों के साम्हने सब वस्तुएं खुली और बेपरद हैं।।
- Luke 9:46–48 लूका 9:46–48फिर उन में यह विवाद होने लगा, कि हम में से बड़ा कौन है? पर यीशु ने उन के मन का विचार जान लिया: और एक बालक को लेकर अपने पास खड़ा किया। और उन से कहा; जो कोई मेरे नाम से इस बालक को ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है, वह मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है क्योंकि जो तुम में सब से छोटे से छोटा है, वही बड़ा है।
- John 2:25 यूहन्ना 2:25और उसे प्रयोजन न था, कि मनुष्य के विषय में कोई गवाही दे, क्योंकि वह आप जानता था, कि मनुष्य के मन में क्या है?
- John 21:17 यूहन्ना 21:17उस ने तीसरी बार उस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? पतरस उदास हुआ, कि उस ने उसे तीसरी बार ऐसा कहा; कि क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? और उस से कहा, हे प्रभु, तू तो सब कुछ जानता है: तू यह जानता है कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: यीशु ने उस से कहा, मेरी भेड़ों को चरा।
- Revelation 2:23 प्रकाशितवाक्य 2:23और मैं उसके बच्चों को मार डालंूगा; और तब सब कलीसियाएं जान लेंगी कि हृदय और मन का परखनेवाला मैं ही हूं: और मैं तुम में से हर एक को उसके कामों के अनुसार बदला दूंगा।
- Psalm 139:1–4 भजन संहिता 139:1–4हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।। तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है। मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है। हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो।
- Matthew 17:24 मत्ती 17:24जब वे कफरनहूम में पहुंचे, तो मन्दिर के लिये कर लेनेवालों ने पतरस के पास आकर पूछा, कि क्या तुम्हारा गुरू मन्दिर का कर नहीं देता? उस ने कहा, हां देता तो है।
- Mark 2:8 मरकुस 2:8यीशु ने तुरन्त अपनी आत्मा में जान लिया, कि वे अपने अपने मन में ऐसा विचार कर रहे हैं, और उन से कहा, तुम अपने अपने मन में यह विचार क्यों कर रहे हो?