Mark · chapter 9 · verse 34
Mark 9:34 in Hindi
वे चुप रहे, क्योंकि मार्ग में उन्हों ने आपस में यह वाद- विवाद किया था, कि हम में से बड़ा कौन है?
Ve chup rahe, kyonki maarg mem unhom ne aapas mem yah vaada- vivaad kiyaa thaa, ki ham mem se badaa kaun hai?
Mark 9:34 in English
- King James Version (KJV)
- But they held their peace: for by the way they had disputed among themselves, who [should be] the greatest.
- World English Bible (WEB)
- But they were silent, for they had disputed with one another on the way about who was the greatest.
- American Standard Version (ASV)
- But they held their peace: for they had disputed one with another on the way, who [was] the greatest.
- Bible in Basic English (BBE)
- But they said nothing: because they had had an argument between themselves on the way, about who was the greatest.
- Darby Translation (DBY)
- And they remained silent, for by the way they had been reasoning with one another who [was] greatest.
- Webster's Bible (WBS)
- But they held their peace: for by the way they had disputed among themselves, who [should be] the greatest.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they were silent, for with one another they did reason in the way who is greater;
Read in context
- 32फिर वे कफरनहूम में आए; और घर में आकर उस ने उन से पूछा कि रास्ते में तुम किस बात पर विवाद करते थे?
- 33वे चुप रहे, क्योंकि मार्ग में उन्हों ने आपस में यह वाद- विवाद किया था, कि हम में से बड़ा कौन है?
- 34वे चुप रहे, क्योंकि मार्ग में उन्हों ने आपस में यह वाद- विवाद किया था, कि हम में से बड़ा कौन है?
- 35तब उस ने बैठकर बारहों को बुलाया, और उन से कहा, यदि कोई बड़ा होना चाहे, तो सब से छोटा और सब का सेवक बने।
- 36और उस ने एक बालक को लेकर उन के बीच में खड़ा किया, और उसके गोद में लेकर उन से कहा।
Cross references
- Mark 9:50 मरकुस 9:50नमक अच्छा है, पर यदि नमक की नमकीनी जाती रहे, तो उसे किस से स्वादित करोगे? अपने में नमक रखो, और आपस में मेल मिलाप से रहो।।
- 1 Peter 5:3 1 पतरस 5:3और जो लोग तुम्हें सौंपे गए हैं, उन पर अधिकार न जताओ, बरन झुंड के लिये आदर्श बनो।
- Romans 12:10 रोमियों 12:10भाईचारे के प्रेम से एक दूसरे पर मया रखो; परस्पर आदर करने में एक दूसरे से बढ़ चलो।
- Luke 22:24–30 लूका 22:24–30उन में यह वाद- विवाद भी हुआ; कि हम में से कौन बड़ा समझा जाता है? उस ने उन से कहा, अन्यजातियों के राजा उन पर प्रभुता करते हैं; और जो उन पर अधिकार रखते हैं, वे उपकारक कहलाते हैं। परन्तु तुम ऐसे न होना; वरन जो तुम में बड़ा है, वह छोटे की नाई और जो प्रधान है, वह सेवक की नाई बने। क्योंकि बड़ा कौन है; वह जो भोजन पर बैठा या वह जो सेवा करता है? क्या वह नहीं जो भोजन पर बैठा है? पर मैं तुम्हारे बीच में सेवक की नाईं हूं। परन्तु तुम वह हो, जो मेरी परीक्षाओं में लगातार मेरे साथ रहे। और जैसे मेरे पिता ने मेरे लिये एक राज्य ठहराया है, वैसे ही मैं भी तुम्हारे लिये ठहराता हूं, ताकि तुम मेरे राज्य में मेरी मेज पर खाओ- पिओ; बरन सिंहासनों पर बैठकर इस्त्राएल के बारह गोत्रों का न्याय करो।
- Philippians 2:3–7 फिलिप्पियों 2:3–7विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्ता करे। जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो। जिस ने परमेश्वर के स्वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।
- Luke 9:46–48 लूका 9:46–48फिर उन में यह विवाद होने लगा, कि हम में से बड़ा कौन है? पर यीशु ने उन के मन का विचार जान लिया: और एक बालक को लेकर अपने पास खड़ा किया। और उन से कहा; जो कोई मेरे नाम से इस बालक को ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है, वह मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है क्योंकि जो तुम में सब से छोटे से छोटा है, वही बड़ा है।
- 3 John 1:9 3 यूहन्ना 1:9मैं ने मण्डली को कुछ लिखा था; पर दियुत्रिफेस जो उन में बड़ा बनना चाहता है, हमें ग्रहण नहीं करता।
- Matthew 20:21–24 मत्ती 20:21–24उस ने उस से कहा, तू क्या चाहती है? वह उस से बोली, यह कह, कि मेरे ये दो पुत्रा तेरे राज्य में एक तेरे दहिने और एक तेरे बाएं बैठें। यीशु ने उत्तर दिया, तुम नहीं जानते कि क्या मांगते हो? जो कटोरा मैं पीने पर हूं, क्या तुम पी सकते हो? उन्हों ने उस से कहा, पी सकते हैं। उस ने उन से कहा, तुम मेरा कटोरा तो पीओगे पर अपने दहिने बाएं किसी को बिठाना मेरा काम नहीं, पर जिन के लिये मेरे पिता की ओर से तैयार किया गया, उन्हें के लिये है। यह सुनकर, दसों चेले उन दोनों भाइयों पर क्रुद्ध हुए।
- Matthew 18:1–5 मत्ती 18:1–5उसी घड़ी चेले यीशु के पास आकर पूछने लगे, कि स्वर्ग के राज्य में बड़ा कौन है? इस पर उस ने एक बालक को पास बुलाकर उन के बीच में खड़ा किया। और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे। जो कोई अपने आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा। और जो कोई मेरे नाम से एक ऐसे बालक को ग्रहण करता है वह मुझे ग्रहण करता है।