Mark · chapter 9 · verse 32
Mark 9:32 in Hindi
फिर वे कफरनहूम में आए; और घर में आकर उस ने उन से पूछा कि रास्ते में तुम किस बात पर विवाद करते थे?
Phir ve kapharanahoom mem aae; aur ghar mem aakar us ne un se poochhaa ki raaste mem tum kis baat par vivaad karate the?
Mark 9:32 in English
- King James Version (KJV)
- But they understood not that saying, and were afraid to ask him.
- World English Bible (WEB)
- But they didn’t understand the saying, and were afraid to ask him.
- American Standard Version (ASV)
- But they understood not the saying, and were afraid to ask him.
- Bible in Basic English (BBE)
- But the saying was not clear to them, and they were in fear of questioning him about it.
- Darby Translation (DBY)
- But they understood not the saying, and feared to ask him.
- Webster's Bible (WBS)
- But they understood not that saying, and were afraid to ask him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- but they were not understanding the saying, and they were afraid to question him.
Read in context
- 30फिर वे वहां से चले, और गलील में होकर जा रहे थे, और वह अपने चेलों को उपदेश देता और उन से कहता था, कि मनुष्य का पुत्रा मनुष्यों के हाथ में पकड़वाया जाएगा, और वे उसे मार डालेंगे, और वह मरने के तीन दिन बाद जी उठेगा।
- 31पर यह बात उन की समझ में नहीं आई, और वे उस से पूछने से डरते थे।।
- 32फिर वे कफरनहूम में आए; और घर में आकर उस ने उन से पूछा कि रास्ते में तुम किस बात पर विवाद करते थे?
- 33वे चुप रहे, क्योंकि मार्ग में उन्हों ने आपस में यह वाद- विवाद किया था, कि हम में से बड़ा कौन है?
- 34वे चुप रहे, क्योंकि मार्ग में उन्हों ने आपस में यह वाद- विवाद किया था, कि हम में से बड़ा कौन है?
Cross references
- John 16:19 यूहन्ना 16:19यीशु ने यह जानकर, कि वे मुझ से पूछना चाहते हैं, उन से कहा, क्या तुम आपस में मेरी इस बाते के विषय में पूछ पाछ करते हो, कि थोड़ी देर में तुम मुझे न देखोगे, और फिर थोड़ी देर में मुझे देखोगे।
- Luke 9:45 लूका 9:45परन्तु वे इस बात को न समझते थे, और यह उन से छिपी रही; कि वे उसे जानने न पाएं, और वे इस बात के विषय में उस से पूछने से डरते थे।।
- Luke 2:50 लूका 2:50परन्तु जो बात उस ने उन से कही, उन्हों ने उसे नहीं समझा।
- Luke 18:34 लूका 18:34और उन्हों ने इन बातों में से कोई बात न समझी: और यह बात उन में छिपी रही, और जो कहा गया था वह उन की समझ में न आया।।
- John 12:16 यूहन्ना 12:16उसके चेले, ये बातें पहिले न समझे थे; परन्तु जब यीशु की महिमा प्रगट हुई, तो उन को स्मरण आया, कि ये बातें उसके विषय में लिखी हुई थीं; और लोगों ने उस से इस प्रकार का व्यवहार किया था।
- Mark 9:10 मरकुस 9:10उन्हों ने इस बात को स्मरण रखा; और आपस में वाद- विवाद करने लगे, कि मरे हुओं में से जी उठने का क्या अर्थ है?
- Luke 24:45 लूका 24:45तब उस ने पवित्रा शास्त्रा बूझने के लिये उन की समझ खोल दी।
- Mark 16:14 मरकुस 16:14पीछे वह उन ग्यारहों को भी, जब वे भोजन करने बैठे थे दिखाई दिया, और उन के अविश्वास और मन की कठोरता पर उलाहना दिया, क्योंकि जिन्हों ने उसके जी उठने के बाद उसे देखा था, इन्होंने उन की प्रतीति न की थी।
- Mark 8:17–18 मरकुस 8:17–18यह जानकर यीशु ने उन से कहा; तुम क्यों आपस में विचार कर रहे हो कि हमारे पास रोटी नहीं? क्या अब तक नहीं जानते और नहीं समझते? क्या तुम्हारा मन कठोर हो गया है? क्या आंखे रखते हुए भी नहीं देखते, और कान रखते हुए भी नहीं सुनते? और तुम्हें स्मरण नहीं।
- Mark 8:33 मरकुस 8:33परन्तु उस ने फिरकर, और अपने चेलों की ओर देखकर पतरस को झिड़कर कर कहा; कि हे शैतान, मेरे साम्हने से दूर हो; क्योंकि तू परमेश्वर की बातों पर नहीं, परन्तु मनुष्य की बातों पर मन लगाता है।
- John 4:27 यूहन्ना 4:27इतने में उसके चेले आ गए, और अचम्भा करने लगे, कि वह स्त्री से बातें कर रहा है; तौभी किसी ने न कहा, कि तू क्या चाहता है? या किस लिये उस से बातें करता है।
- Mark 7:18 मरकुस 7:18उस ने उन से कहा; क्या तुम भी ऐसे ना समझ हो? क्या तुम नहीं समझते, कि जो वस्तु बाहर से मनुष्य के भीतर जाती है, वह उसे अशुद्ध नहीं कर सकती?