Mark · chapter 9 · verse 9
Mark 9:9 in Hindi
पहाड़ से उतरते हुए, उस ने उन्हें आज्ञा दी, कि जब तक मनुष्य का पुत्रा मरे हुओं में से जी न उठे, तब तक जो कुछ तुम ने देखा है वह किसी से न कहना।
Pahaad se utarate hue, us ne unhem aajnyaa dee, ki jab tak manushy kaa putraa mare huom mem se jee na uthe, tab tak jo kuchh tum ne dekhaa hai vah kisee se na kahanaa.
Mark 9:9 in English
- King James Version (KJV)
- And as they came down from the mountain, he charged them that they should tell no man what things they had seen, till the Son of man were risen from the dead.
- World English Bible (WEB)
- As they were coming down from the mountain, he commanded them that they should tell no one what things they had seen, until after the Son of Man had risen from the dead.
- American Standard Version (ASV)
- And as they were coming down from the mountain, he charged them that they should tell no man what things they had seen, save when the Son of man should have risen again from the dead.
- Bible in Basic English (BBE)
- And while they were coming down from the mountain, he gave them orders not to give word to any man of the things they had seen, till the Son of man had come back from the dead.
- Darby Translation (DBY)
- And as they descended from the mountain, he charged them that they should relate to no one what they had seen, unless when the Son of man should be risen from among [the] dead.
- Webster's Bible (WBS)
- And as they came down from the mountain, he charged them that they should tell no man what things they had seen, till the Son of man were risen from the dead.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And as they are coming down from the mount, he charged them that they may declare to no one the things that they saw, except when the Son of Man may rise out of the dead;
Read in context
- 7तब एक बादल ने उन्हें छा लिया, और उस बादल में से यह शब्द निकला, कि यह मेरा प्रिय पुत्रा है; उस की सुनो।
- 8तब उन्हों ने एकाएक चारों और दृष्टि की, और यीशु को छोड़ अपने साथ और किसी को न देखा।।
- 9पहाड़ से उतरते हुए, उस ने उन्हें आज्ञा दी, कि जब तक मनुष्य का पुत्रा मरे हुओं में से जी न उठे, तब तक जो कुछ तुम ने देखा है वह किसी से न कहना।
- 10उन्हों ने इस बात को स्मरण रखा; और आपस में वाद- विवाद करने लगे, कि मरे हुओं में से जी उठने का क्या अर्थ है?
- 11और उन्हों ने उस से पूछा, शास्त्री क्यों कहते हैं, कि एलिरयाह का पहिले आना अवश्य है?
Cross references
- Mark 5:43 मरकुस 5:43फिर उस ने उन्हें चिताकर आज्ञा दी कि यह बात कोई जानने न पाए और कहा; कि उसे कुछ खाने को दिया जाए।।
- Matthew 17:9–13 मत्ती 17:9–13जब वे पहाड़ से उतर रहे थे तब यीशु ने उन्हें यह आज्ञा दी; कि जब तक मनुष्य का पुत्रा मरे हुओं में से न जी उठे तब तक जो कुछ तुम ने देखा है किसी से न कहना। और उसके चेलों ने उस से पूछा, फिर शास्त्री क्यों कहते हैं, कि एलिरयाह का पहले आना अवश्य है? उस ने उत्तर दिया, कि एलिरयाह तो आएगा: और सब कुछ सुधारेगा। परन्तु मैं तुम से कहता हूं, कि एलिरयाह आ चुका; और उन्हों ने उसे नहीं पहचाना; परन्तु जैसा चाहा वैसा ही उसके साथ किया: इसी रीति से मनुष्य का पुत्रा भी उन के हाथ से दुख उठाएगा। तब चेलों ने समझा कि उस ने हम से यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले के विषय में कहा है।
- Matthew 12:40 मत्ती 12:40यूनुस तीन राज दिन जल जन्तु के पेट में रहा, वैसे ही मनुष्य का पुत्रा तीन रात दिन पृथ्वी के भीतर रहेगा।
- Luke 24:46 लूका 24:46और उन से कहा, यों लिखा है; कि मसीह दु:ख उठाएगा, और तीसरे दिन मरे हुओं में से जी उठेगा।
- Mark 10:32–34 मरकुस 10:32–34और वे यरूशलेम को जाते हुए मार्ग में थे, और यीशु उन के आगे आगे जा रहा था: और वे अचम्भा करने लगे और जो उसके पीछे पीछे चलते थे डरने लगे, तब वह फिर उन बारहों को लेकर उन से वे बातें कहने लगा, जो उस पर आनेवाली थीं। कि देखो, हम यरूशलेम को जाते हैं, और मनुष्य का पुत्रा महायाजकों और शास्त्रियों के हाथ पकड़वाया जाएगा, और वे उस को घात के योग्य ठहराएंगे, और अन्यजातियों के हाथ में सौंपेंगे। और वे उस को ठट्ठों में उड़ाएंगे, और उस पर थूकेंगे, और उसे कोड़े मारेंगे, और उसे घात करेंगे, और तीन दिन के बाद वह जी उठेगा।।
- Matthew 27:63 मत्ती 27:63हे महाराज, हमें स्मरण है, कि उस भरमानेवाले ने अपने जीते जी कहा था, कि मैं तीन दिन के बाद जी उठूंगा।
- Matthew 16:21 मत्ती 16:21उस समय से यीशु अपने चेलों को बताने लगा, कि मुझे अवश्य है, कि यरूशलेम को जाऊं, और पुरनियों और महायाजकों और शास्त्रियों के हाथ से बहुत दुख उठाऊं; और मार डाला जाऊं; और तीसरे दिन जी उठूं।
- Mark 8:29–31 मरकुस 8:29–31उस ने उन से पूछा; परन्तु तुम मुझे क्या कहते हो? पतरस ने उस को उत्तर दिया; तू मसीह है। तब उस ने उन्हें चिताकर कहा, कि मेरे विषय में यह किसी से न कहना। और वह उन्हें सिखाने लगा, कि मनुष्य के पुत्रा के लिये अवश्य है, कि वह बहुत दुख उठाए, और पुरनिए और महायाजक और शास्त्री उसे तुच्छ समझकर मार डालें और वह तीन दिन के बाद जी उठे।
- Mark 9:30–31 मरकुस 9:30–31फिर वे वहां से चले, और गलील में होकर जा रहे थे, और वह अपने चेलों को उपदेश देता और उन से कहता था, कि मनुष्य का पुत्रा मनुष्यों के हाथ में पकड़वाया जाएगा, और वे उसे मार डालेंगे, और वह मरने के तीन दिन बाद जी उठेगा। पर यह बात उन की समझ में नहीं आई, और वे उस से पूछने से डरते थे।।
- Matthew 8:4 मत्ती 8:4यीशु ने उस से कहा; देख, किसी से न कहना परन्तु जाकर अपने आप को याजक को दिखला और जो चढ़ावा मूसा ने ठहराया है उसे चढ़ा, ताकि उन के लिये गवाही हो।
- Matthew 12:19 मत्ती 12:19वह न झगड़ा करेगा, और न धूम मचाएगा; और न बाजारों में कोई उसका शब्द सुनेगा।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- as · G2597καταβαίνω katabaínō
- down · G846αὐτός autós
- from · G575ἀπό apó
- mountain · G3735ὄρος óros
- charged · G1291διαστέλλομαι diastéllomai
- them · G846αὐτός autós
- that · G2443ἵνα hína
- tell · G1334διηγέομαι diēgéomai
- man · G3367μηδείς mēdeís
- things · G3739ὅς hós
- seen · G1492εἴδω eídō
- till · G3752ὅταν hótan
- Son · G5207υἱός huiós
- man · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- risen · G450ἀνίστημι anístēmi
- from · G1537ἐκ ek
- dead · G3498νεκρός nekrós