Matthew · chapter 17 · verse 9
Matthew 17:9 in Hindi
जब वे पहाड़ से उतर रहे थे तब यीशु ने उन्हें यह आज्ञा दी; कि जब तक मनुष्य का पुत्रा मरे हुओं में से न जी उठे तब तक जो कुछ तुम ने देखा है किसी से न कहना।
Jab ve pahaad se utar rahe the tab yeeshu ne unhem yah aajnyaa dee; ki jab tak manushy kaa putraa mare huom mem se na jee uthe tab tak jo kuchh tum ne dekhaa hai kisee se na kahanaa.
Matthew 17:9 in English
- King James Version (KJV)
- And as they came down from the mountain, Jesus charged them, saying, Tell the vision to no man, until the Son of man be risen again from the dead.
- World English Bible (WEB)
- As they were coming down from the mountain, Jesus commanded them, saying, “Don’t tell anyone what you saw, until the Son of Man has risen from the dead.”
- American Standard Version (ASV)
- And as they were coming down from the mountain, Jesus commanded them, saying, Tell the vision to no man, until the Son of man be risen from the dead.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when they were coming down from the mountain, Jesus gave them orders, saying, Let no man have word of what you have seen, till the Son of man has come again from the dead.
- Darby Translation (DBY)
- And as they descended from the mountain, Jesus charged them, saying, Tell the vision to no one, until the Son of man be risen up from among [the] dead.
- Webster's Bible (WBS)
- And as they were descending the mountain, Jesus charged them, saying, Tell the vision to no man, until the Son of man be raised again from the dead.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And as they are coming down from the mount, Jesus charged them, saying, 'Say to no one the vision, till the Son of Man out of the dead may rise.'
Read in context
- 7यीशु ने पास आकर उन्हें छूआ, और कहा, उठो; डरो मत।
- 8तब उन्हों ने अपनी आंखे उठाकर यीशु को छोड़ और किसी को न देखा।
- 9जब वे पहाड़ से उतर रहे थे तब यीशु ने उन्हें यह आज्ञा दी; कि जब तक मनुष्य का पुत्रा मरे हुओं में से न जी उठे तब तक जो कुछ तुम ने देखा है किसी से न कहना।
- 10और उसके चेलों ने उस से पूछा, फिर शास्त्री क्यों कहते हैं, कि एलिरयाह का पहले आना अवश्य है?
- 11उस ने उत्तर दिया, कि एलिरयाह तो आएगा: और सब कुछ सुधारेगा।
Cross references
- Mark 8:30 मरकुस 8:30तब उस ने उन्हें चिताकर कहा, कि मेरे विषय में यह किसी से न कहना।
- Luke 24:46–47 लूका 24:46–47और उन से कहा, यों लिखा है; कि मसीह दु:ख उठाएगा, और तीसरे दिन मरे हुओं में से जी उठेगा। और यरूशलेम से लेकर सब जातियों में मन फिराव का और पापों की क्षमा का प्रचार, उसी के नाम से किया जाएगा।
- Matthew 8:20 मत्ती 8:20यीशु ने उस से कहा, लोमड़ियों के भट और आकाश के पक्षियों के बसेरे होते हैं; परन्तु मनुष्य के पुत्रा के लिये सिर धरने की भी जगह नहीं है।
- Luke 8:56 लूका 8:56उसके माता-पिता चकित हुए, परन्तु उस ने उन्हें चिताया, कि यह जो हुआ है, किसी से न कहना॥
- Mark 9:9–13 मरकुस 9:9–13पहाड़ से उतरते हुए, उस ने उन्हें आज्ञा दी, कि जब तक मनुष्य का पुत्रा मरे हुओं में से जी न उठे, तब तक जो कुछ तुम ने देखा है वह किसी से न कहना। उन्हों ने इस बात को स्मरण रखा; और आपस में वाद- विवाद करने लगे, कि मरे हुओं में से जी उठने का क्या अर्थ है? और उन्हों ने उस से पूछा, शास्त्री क्यों कहते हैं, कि एलिरयाह का पहिले आना अवश्य है? उस ने उन्हें उत्तर दिया कि एलिरयाह सचमुच पहिले आकर सब कुछ सुधारेगा, परन्तु मनुष्य के पुत्रा के विषय में यह क्यों लिखा है, कि वह बहुत दुख उठाएगा, और तुच्छ गिना जाएगा? परन्तु मैं तुम से कहता हूं, कि एलिरयाह तो आ चुका, और जैसा उसके विषय में लिखा है, उन्हों ने जो कुछ चाहा उसके साथ किया।।
- Matthew 17:12 मत्ती 17:12परन्तु मैं तुम से कहता हूं, कि एलिरयाह आ चुका; और उन्हों ने उसे नहीं पहचाना; परन्तु जैसा चाहा वैसा ही उसके साथ किया: इसी रीति से मनुष्य का पुत्रा भी उन के हाथ से दुख उठाएगा।
- Matthew 16:20–21 मत्ती 16:20–21तब उस ने चेलों को चिताया, कि किसी से न कहना! कि मैं मसीह हूं। उस समय से यीशु अपने चेलों को बताने लगा, कि मुझे अवश्य है, कि यरूशलेम को जाऊं, और पुरनियों और महायाजकों और शास्त्रियों के हाथ से बहुत दुख उठाऊं; और मार डाला जाऊं; और तीसरे दिन जी उठूं।
- Matthew 17:23 मत्ती 17:23इस पर वे बहुत उदास हुए।।
- Matthew 8:4 मत्ती 8:4यीशु ने उस से कहा; देख, किसी से न कहना परन्तु जाकर अपने आप को याजक को दिखला और जो चढ़ावा मूसा ने ठहराया है उसे चढ़ा, ताकि उन के लिये गवाही हो।
- Luke 9:21–22 लूका 9:21–22तब उस ने उन्हें चिताकर कहा, कि यह किसी से न कहना। और उस ने कहा, मनुष्य के पुत्रा के लिये अवश्य है, कि वह बहुत दुख उठाए, और पुरनिए और महायाजक और शास्त्री उसे तुच्छ समझकर मार डालें, और वह तीसरे दिन जी उठे।
- Luke 18:33–34 लूका 18:33–34और उसे कोड़े मारेंगे, और घात करेंगे, और वह तीसरे दिन जी उठेगा। और उन्हों ने इन बातों में से कोई बात न समझी: और यह बात उन में छिपी रही, और जो कहा गया था वह उन की समझ में न आया।।