Matthew · chapter 18 · verse 31
Matthew 18:31 in Hindi
उसके संगी दास यह जो हुआ था देखकर बहुत उदास हुए, और जाकर अपने स्वामी को पूरा हाल बता दिया।
Usake sangee daas yah jo huaa thaa dekhakar bahut udaas hue, aur jaakar apane svaamee ko pooraa haal bataa diyaa.
Matthew 18:31 in English
- King James Version (KJV)
- So when his fellowservants saw what was done, they were very sorry, and came and told unto their lord all that was done.
- World English Bible (WEB)
- So when his fellow servants saw what was done, they were exceedingly sorry, and came and told their lord all that was done.
- American Standard Version (ASV)
- So when his fellow-servants saw what was done, they were exceeding sorry, and came and told unto their lord all that was done.
- Bible in Basic English (BBE)
- So when the other servants saw what was done they were very sad, and came and gave word to their lord of what had been done.
- Darby Translation (DBY)
- But his fellow-bondmen, having seen what had taken place, were greatly grieved, and went and recounted to their lord all that had taken place.
- Webster's Bible (WBS)
- So when his fellow-servants saw what was done, they were very sorry, and came and told to their lord all that was done.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And his fellow-servants having seen the things that were done, were grieved exceedingly, and having come, shewed fully to their lord all the things that were done;
Read in context
- 29इस पर उसका संगी दास गिरकर, उस से बिनती करने लगा; कि धीरज धर मैं सब भर दूंगा।
- 30उस ने न माना, परन्तु जाकर उसे बन्दीगृह में डाल दिया; कि जब तक कर्ज को भर न दे, तब तक वहीं रहे।
- 31उसके संगी दास यह जो हुआ था देखकर बहुत उदास हुए, और जाकर अपने स्वामी को पूरा हाल बता दिया।
- 32तब उसके स्वामी ने उस को बुलाकर उस से कहा, हे दुष्ट दास, तू ने जो मुझ से बिनती की, तो मैं ने तो तेरा वह पूरा कर्ज क्षमा किया।
- 33सो जैसा मैं ने तुझ पर दया की, वैसे ही क्या तुझे भी अपने संगी दास पर दया करना नहीं चाहिए था?
Cross references
- Romans 12:15 रोमियों 12:15आनन्द करनेवालों के साथ आनन्द करो; और रोनेवालों के साथ रोओ।
- Mark 3:5 मरकुस 3:5और उस ने उन के मन की कठोरता से उदास होकर, उन को क्रोध से चारों ओर देखा, और उस मनुष्य से कहा, अपना हाथ बढ़ा उस ने बढ़ाया, और उसका हाथ अच्छा हो गया।
- Hebrews 13:3 इब्रानियों 13:3कैदियों की ऐसी सुधि लो, कि मानो उन के साथ तुम भी कैद हो; और जिन के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है, उन की भी यह समझकर सुधि लिया करो, कि हमारी भी देह है।
- Psalm 119:136 भजन संहिता 119:136मेरी आंखों से जल की धारा बहती रहती है, क्योंकि लोग तेरी व्यवस्था को नहीं मानते।।
- Luke 19:41 लूका 19:41जब वह निकट आया तो नगर को देखकर उस पर रोया।
- Genesis 37:2 उत्पत्ति 37:2और याकूब के वंश का वृत्तान्त यह है: कि यूसुफ सतरह वर्ष का होकर भाइयों के संग भेड़- बकरियों को चराता था; और वह लड़का अपने पिता की पत्नी बिल्हा, और जिल्पा के पुत्रों के संग रहा करता था: और उनकी बुराईयों का समाचार अपने पिता के पास पहुंचाया करता था:
- Hebrews 13:17 इब्रानियों 13:17अपने अगुवों की मानो; और उनके अधीन रहो, क्योंकि वे उन की नाई तुम्हारे प्राणों के लिये जागते रहते, जिन्हें लेखा देना पड़ेगा, कि वे यह काम आनन्द से करें, न कि ठंडी सांस ले लेकर, क्योंकि इस दशा में तुम्हें कुछ लाभ नहीं।
- Jeremiah 9:1 यिर्मयाह 9:1भला होता, कि मेरा सिर जल ही जल, और मेरी आंखें आँसुओं का सोता होतीं, कि मैं रात दिन अपने मारे हुए लोगों के लिये रोता रहता।
- Luke 14:21 लूका 14:21उस दास ने आकर अपने स्वामी को ये बातें कह सुनाईं, तब घर के स्वामी ने क्रोध में आकर अपने दास से कहा, नगर के बाजारों और गलियों में तुरन्त जाकर कंगालों, टुण्डों, लंगड़ों और अन्धों को यहां ले आओ।
- Psalm 119:158 भजन संहिता 119:158मैं विश्वासघातियों को देखकर उदास हुआ, क्योंकि वे तेरे वचन को नहीं मानते।
- Romans 9:1–3 रोमियों 9:1–3मैं मसीह में सच कहता हूं, झूठ नहीं बोलता और मेरा विवेक भी पवित्रा आत्मा में गवाही देता है। कि मुझे बड़ा शोक है, और मेरा मन सदा दुखता रहता है। क्योंकि मैं यहां तक चाहता था, कि अपने भाईयों, के लिये जो शरीर के भाव से मेरे कुटुम्बी हैं, आप ही मसीह से शापित हो जाता।