Matthew · chapter 22 · verse 18
Matthew 22:18 in Hindi
यीशु ने उन की दुष्टता जानकर कहा, हे कपटियों; मुझे क्यों परखते हो?
Yeeshu ne un kee dushtataa jaanakar kahaa, he kapatiyom; mujhe kyom parakhate ho?
Matthew 22:18 in English
- King James Version (KJV)
- But Jesus perceived their wickedness, and said, Why tempt ye me, [ye] hypocrites?
- World English Bible (WEB)
- But Jesus perceived their wickedness, and said, “Why do you test me, you hypocrites?
- American Standard Version (ASV)
- But Jesus perceived their wickedness, and said, Why make ye trial of me, ye hypocrites?
- Bible in Basic English (BBE)
- But Jesus saw their trick and said, Oh false ones, why are you attempting to put me in the wrong?
- Darby Translation (DBY)
- But Jesus, knowing their wickedness, said, Why tempt ye me, hypocrites?
- Webster's Bible (WBS)
- But Jesus perceived their wickedness, and said, Why tempt ye me, [ye] hypocrites?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jesus having known their wickedness, said, 'Why me do ye tempt, hypocrites?
Read in context
- 16सो उन्हों ने अपने चेलों को हेरोदियों के साथ उसके पास यह कहने को भेजा, कि हे गुरू; हम जानते हैं, कि तू सच्चा है; और परमेश्वर का मार्ग सच्चाई से सिखाता है; और किसी की परवा नहीं करता, क्योंकि तू मनुष्यों का मुंह देखकर बातें नही करता।
- 17इस लिये हमें बता तू क्या समझता है? कैसर को कर देना उचित है, कि नहीं।
- 18यीशु ने उन की दुष्टता जानकर कहा, हे कपटियों; मुझे क्यों परखते हो?
- 19कर का सिक्का मुझे दिखाओ: तब वे उसके पास एक दीनार ले आए।
- 20उस ने, उन से पूछा, यह मूर्त्ति और नाम किस का है?
Cross references
- Luke 5:22 लूका 5:22यीशु ने उन के मन की बातें जानकर, उन से कहा कि तुम अपने मनों में क्या विवाद कर रहे हो?
- John 8:6 यूहन्ना 8:6उन्हों ने उस को परखने के लिये यह बात कही ताकि उस पर दोष लगाने के लिये कोई बात पाएं, परन्तु यीशु झुककर उंगली से भूमि पर लिखने लगा।
- John 2:25 यूहन्ना 2:25और उसे प्रयोजन न था, कि मनुष्य के विषय में कोई गवाही दे, क्योंकि वह आप जानता था, कि मनुष्य के मन में क्या है?
- Revelation 2:23 प्रकाशितवाक्य 2:23और मैं उसके बच्चों को मार डालंूगा; और तब सब कलीसियाएं जान लेंगी कि हृदय और मन का परखनेवाला मैं ही हूं: और मैं तुम में से हर एक को उसके कामों के अनुसार बदला दूंगा।
- Acts 5:9 प्रेरितों के काम 5:9पतरस ने उस से कहा; यह क्या बात है, कि तुम दोनों ने प्रभु की आत्मा की परीक्षा के लिये एका किया है? देख, तेरे पति के गाड़नेवाले द्वार ही पर खड़े हैं, और तुझे भी बाहर ले जाएंगे।
- Mark 2:8 मरकुस 2:8यीशु ने तुरन्त अपनी आत्मा में जान लिया, कि वे अपने अपने मन में ऐसा विचार कर रहे हैं, और उन से कहा, तुम अपने अपने मन में यह विचार क्यों कर रहे हो?
- Matthew 19:3 मत्ती 19:3तब फरीसी उस की परीक्षा करने के लिये पास आकर कहने लगे, क्या हर एक कारण से अपनी पत्नी को त्यागना उचित है?
- Matthew 16:1–4 मत्ती 16:1–4और फरीसियों और सदूकियों ने पास आकर उसे परखने के लिये उस से कहा, कि हमें आकाश का कोई चिन्ह दिखा। उस ने उन को उत्तर दिया, कि सांझ को तुम कहते हो कि खुला रहेगा क्योंकि आकाश लाल है। और भोर को कहते हो, कि आज आन्धी आएगी क्योंकि आकाश लाल और धुमला है; तुम आकाश का लक्षण देखकर भेद बता सकते हो पर समयों के चिन्हों को भेद नहीं बता सकते? इस युग के बुरे और व्यभिचारी लोग चिन्ह ढूंढ़ते हैं पर यूनुस के चिन्ह को छोड़ कोई और चिन्ह उन्हें न दिया जाएगा, और वह उन्हें छोड़कर चला गया।।
- Mark 12:5 मरकुस 12:5फिर उस ने एक और को भेजा, और उन्हों ने उसे मार डाला: तब उस ने और बहुतों को भेजा: उन में से उन्हों ने कितनो को पीटा, और कितनों को मार डाला।
- Luke 9:47 लूका 9:47पर यीशु ने उन के मन का विचार जान लिया: और एक बालक को लेकर अपने पास खड़ा किया।
- Luke 20:23 लूका 20:23उस ने उन की चतुराई को ताड़कर उन से कहा; एक दीनार मुझे दिखाओ।
- Luke 10:25 लूका 10:25और देखो, एक व्यवस्थापक उठा; और यह कहकर, उस की परीक्षा करने लगा; कि हे गुरू, अनन्त जीवन का वारिस होने के लिये मैं क्या करूं?