1 Corinthians · chapter 14 · verse 15
1 Corinthians 14:15 in Hindi
सो क्या करना चाहिए? मैं आत्मा से भी प्रार्थना करूंगा, और बुद्धि से भी प्रार्थना करूंगा; मैं आत्मा से गाऊंगा, और बुद्धि से भी गाऊंगा।
So kyaa karanaa chaahie? Maim aatmaa se bhee praarthanaa karoongaa, aur buddhi se bhee praarthanaa karoongaa; maim aatmaa se gaaoongaa, aur buddhi se bhee gaaoongaa.
1 Corinthians 14:15 in English
- King James Version (KJV)
- What is it then? I will pray with the spirit, and I will pray with the understanding also: I will sing with the spirit, and I will sing with the understanding also.
- World English Bible (WEB)
- What should I do? I will pray with the spirit, and I will pray with the understanding also. I will sing with the spirit, and I will sing with the understanding also.
- American Standard Version (ASV)
- What is it then? I will pray with the spirit, and I will pray with the understanding also: I will sing with the spirit, and I will sing with the understanding also.
- Bible in Basic English (BBE)
- What then? let my prayer be from the spirit, and equally from the mind; let my song be from the spirit, and equally from mind.
- Darby Translation (DBY)
- What is it then? I will pray with the spirit, but I will pray also with the understanding; I will sing with the spirit, but I will sing also with the understanding.
- Webster's Bible (WBS)
- What is it then? I will pray with the spirit, and I will pray with the understanding also: I will sing with the spirit, and I will sing with the understanding also.
- Young's Literal Translation (YLT)
- What then is it? I will pray with the spirit, and I will pray also with the understanding; I will sing psalms with the spirit, and I will sing psalms also with the understanding;
Read in context
- 13इस कारण जो अन्य भाषा बोले, तो वह प्रार्थना करे, कि उसका अनुवाद भी कर सके।
- 14इसलिये यदि मैं अन्य भाषा में प्रार्थना करूं, तो मेरी आत्मा प्रार्थना करती है, परन्तु मेरी बुद्धि काम नहीं देती।
- 15सो क्या करना चाहिए? मैं आत्मा से भी प्रार्थना करूंगा, और बुद्धि से भी प्रार्थना करूंगा; मैं आत्मा से गाऊंगा, और बुद्धि से भी गाऊंगा।
- 16नहीं तो यदि तू आत्मा ही से धन्यवाद करेगा, तो फिर अज्ञानी तेरे धन्यवाद पर आमीन क्योंकि कहेगा? इसलिये कि वह तो नहीं जानता, कि तू क्या कहता है?
- 17तू तो भली भांति से धन्यवाद करता है, परन्तु दूसरे की उन्नति नहीं होती।
Cross references
- Colossians 3:16 कुलुस्सियों 3:16मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।
- Ephesians 6:18 इफिसियों 6:18और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्रा लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो।
- Ephesians 5:17–20 इफिसियों 5:17–20इस कारण निर्बुद्धि न हो, पर ध्यान से समझो, कि प्रभु की इच्छा क्या है? और दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इस से लुचपर होता है, पर आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ। और आपस में भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाया करो, और अपने अपने मन में प्रभु के साम्हने गाते और कीर्तन करते रहो। और सदा सब बातों के लिये हमारे प्रभु यीशु मसीह के नाम से परमेश्वर पिता का धन्यवाद करते रहो।
- John 4:23–24 यूहन्ना 4:23–24परन्तु वह समय आता है, बरन अब भी है जिस में सच्चे भक्त पिता का भजन आत्मा और सच्चाई से करेंगे, क्योंकि पिता अपने लिये ऐसे ही भजन करनेवालों को ढूंढ़ता है। परमेश्वर आत्मा है, और अवश्य है कि उसके भजन करनेवाले आत्मा और सच्चाई से भजन करें।
- Jude 1:20 यहूदा 1:20पर हे प्रियों तुम अपने अति पवित्रा विश्वास में अपनी उन्नति करते हुए और पवित्रा आत्मा में प्रार्थना करते हुए।
- Psalm 47:7 भजन संहिता 47:7क्योंकि परमेश्वर सारी पृथ्वी का महाराजा है; समझ बूझकर बुद्धि से भजन गाओ
- Romans 12:1–2 रोमियों 12:1–2इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरो कों जीवित, और पवित्रा, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान करके चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल- चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।।
- 1 Corinthians 14:19 1 कुरिन्थियों 14:19परन्तु कलीसिया में अन्य भाषा में दस हजार बातें कहने से यह मुझे और भी अच्छा जान पड़ता है, कि औरों के सिखाने के लिये बुद्धि से पांच ही बातें कहूं।।
- Romans 1:9 रोमियों 1:9परमेश्वर जिस की सेवा मैं अपनी आत्मा से उसके पुत्रा के सुसमाचार के विषय में करता हूं, वही मेरा गवाह है; कि मैं तुम्हें किस प्रकार लगातार स्मरण करता रहता हूं।
- 1 Corinthians 10:19 1 कुरिन्थियों 10:19फिर मैं क्या कहता हूं? क्या यह कि मूरत का बलिदान कुछ है, या मूरत कुछ है?
- Philippians 1:18 फिलिप्पियों 1:18सो क्या हुआ? केवल यह, कि हर प्रकार से चाहे बहाने से, चाहे सच्चाई से, मसीह की कथा सुनाई जाती है, और मैं इस से आनन्दित हूं, और आनन्दित रहूंगा भी।
- Romans 3:5 रोमियों 3:5सो यदि हमारा अधर्म परमेश्वर की धार्मिकता ठहरा देता है, तो हम क्या कहें? क्या यह कि परमेश्वर जो क्रोध करता है अन्यायी है? (यह तो मैं मनुष्य की रीति पर कहता हूं)।
Original words (Greek)
- What · G5101τίς tís
- it · G2076ἐστί estí
- then · G3767οὖν oûn
- pray · G4336προσεύχομαι proseúchomai
- spirit · G4151πνεῦμα pneûma
- and · G1161δέ dé
- pray · G4336προσεύχομαι proseúchomai
- understanding · G3563νοῦς noûs
- also · G2532καί kaí
- sing · G5567ψάλλω psállō
- spirit · G4151πνεῦμα pneûma
- and · G1161δέ dé
- sing · G5567ψάλλω psállō
- understanding · G3563νοῦς noûs
- also · G2532καί kaí