Proverbs · chapter 14 · verse 9
Proverbs 14:9 in Hindi
मूढ़ लोग दोषी होने को ठट्ठा जानते हैं, परन्तु सीधे लोगों के बीच अनुग्रह होता है।
Moodh log doshee hone ko thatthaa jaanate haim, parantu seedhe logom ke beech anugrah hotaa hai.
Proverbs 14:9 in English
- King James Version (KJV)
- Fools make a mock at sin: but among the righteous [there is] favour.
- World English Bible (WEB)
- Fools mock at making atonement for sins, but among the upright there is good will.
- American Standard Version (ASV)
- A trespass-offering mocketh fools; But among the upright there is good will.
- Bible in Basic English (BBE)
- In the tents of those hating authority there is error, but in the house of the upright man there is grace.
- Darby Translation (DBY)
- Fools make a mock at trespass; but for the upright there is favour.
- Webster's Bible (WBS)
- Fools make a mock at sin: but among the righteous [there is] favor.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Fools mock at a guilt-offering, And among the upright — a pleasing thing.
Read in context
- 7मूर्ख से अलग हो जा, तू उस से ज्ञान की बात न पाएगा।
- 8चतुर की बुद्धि अपनी चाल का जानना है, परन्तु मूर्खों की मूढ़ता छल करना है।
- 9मूढ़ लोग दोषी होने को ठट्ठा जानते हैं, परन्तु सीधे लोगों के बीच अनुग्रह होता है।
- 10मन अपना ही दु:ख जानता है, और परदेशी उसके आनन्द में हाथ नहीं डाल सकता।
- 11दुष्टों को घर विनाश हो जाता है, परन्तु सीधे लोगों के तम्बू में आबादी होती है।
Cross references
- Proverbs 26:18–19 नीतिवचन 26:18–19जैसा एक पागल जो जंगली लकड़ियां और मृत्यु के तीर फेंकता है, वैसा ही वह भी होता है जो अपने पड़ोसी को धोखा देकर कहता है, कि मैं तो ठट्ठा कर रहा था।
- Romans 14:17–18 रोमियों 14:17–18क्योंकि परमशॆवर का राज्या खानापीना नहीं; परन्तु धर्म और मिलाप और वह आनन्द है; जो पवित्राआत्मा से होता है और जो कोई इस रीति से मसीह की सेवा करता है, वह परमेश्वर को भाता है और मनुष्यों में ग्रहणयोग्य ठहरता है।
- Proverbs 10:23 नीतिवचन 10:23मूर्ख को तो महापाप करना हंसी की बात जान पड़ती है, परन्तु समझवाले पुरूष में बुद्धि रहती है।
- Proverbs 30:20 नीतिवचन 30:20व्यभिचारिणी की चाल भी वैसी ही है; वह भोजन करके मुंह पोंछती, और कहती है, मैं ने कोई अनर्थ काम नहीं किया।।
- Proverbs 8:35 नीतिवचन 8:35क्योंकि जो मुझे पाता है, वह जीवन को पाता है, और यहोवा उस से प्रसन्न होता है।
- Jude 1:18 यहूदा 1:18वे तुम से कहा करते थे, कि पिछले दिनों में ऐसे ठट्ठा करनेवाले होंगे, जो अपनी अभक्ति के अभिलाषाओं के अनुसार चलेंगे।
- Proverbs 13:15 नीतिवचन 13:15सुबुद्धि के कारण अनुग्रह होता है, परन्तु विश्वासघातियों का मार्ग कड़ा होता है।
- Proverbs 1:22 नीतिवचन 1:22हे भोले लोगो, तुम कब तक भोलेपन से प्रीति रखोगे? और हे ठट्ठा करनेवालो, तुम कब तक ठट्ठा करने से प्रसन्न रहोगे? और हे मूर्खों, तुम कब तक ज्ञान से बैर रखोगे?
- Proverbs 12:2 नीतिवचन 12:2भले मनुष्य से तो यहोवा प्रसन्न होता है, परन्तु बुरी युक्ति करनेवाले को वह दोषी ठहराता है।
- Proverbs 3:4 नीतिवचन 3:4और तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा, तू अति बुद्धिमान होगा।।
- Job 34:7–9 अय्यूब 34:7–9अरयूब के तुल्य कौन शूरवीर है, जो ईश्वर की निन्दा पानी की नाई पीता है, जो अनर्थ करनेवालों का साथ देता, और दुष्ट मनुष्यों की संगति रखता है? उस ने तो कहा है, कि मनुष्य को इस से कुछ लाभ नहीं कि वह आनन्द से परमेश्वर की संगति रखे।
- Job 15:16 अय्यूब 15:16फिर मनुष्य अधिक घिनौना और मलीन है जो कुटिलता को पानी की नाई पीता है।