Proverbs · chapter 19 · verse 11
Proverbs 19:11 in Hindi
जो मनुष्य बुद्धि से चलता है वह विलम्ब से क्रोध करता है, और अपराध को झुलाना उसको सोहता है।
Jo manushy buddhi se chalataa hai vah vilamb se krodh karataa hai, aur aparaadh ko jhulaanaa usako sohataa hai.
Proverbs 19:11 in English
- King James Version (KJV)
- The discretion of a man deferreth his anger; and [it is] his glory to pass over a transgression.
- World English Bible (WEB)
- The discretion of a man makes him slow to anger. It is his glory to overlook an offense.
- American Standard Version (ASV)
- The discretion of a man maketh him slow to anger; And it is his glory to pass over a transgression.
- Bible in Basic English (BBE)
- A man's good sense makes him slow to wrath, and the overlooking of wrongdoing is his glory.
- Darby Translation (DBY)
- The discretion of a man maketh him slow to anger, and it is his glory to pass over a transgression.
- Webster's Bible (WBS)
- The discretion of a man deferreth his anger; and [it is] his glory to pass over a transgression.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The wisdom of a man hath deferred his anger, And his glory [is] to pass over transgression.
Read in context
- 9झूठा साक्षी निर्दोष नहीं ठहरता, और जो झूठ बोला करता है, वह नाश होता है।
- 10जब सुख में रहना मूर्ख को नहीं फबता, तो हाकिमों पर दास का प्रभुता करना कैसे फबे!
- 11जो मनुष्य बुद्धि से चलता है वह विलम्ब से क्रोध करता है, और अपराध को झुलाना उसको सोहता है।
- 12राजा का क्रोध सिंह की गरजन के समान है, परन्तु उसकी प्रसन्नता घास पर की ओस के तुल्य होती है।
- 13मूर्ख पुत्रा पिता के लिये विपत्ति ठहरता है, और पत्नी के झगड़े- रगड़े सदा टपकने के समान है।
Cross references
- Proverbs 16:32 नीतिवचन 16:32विलम्ब से क्रोध करना वीरता से, और अपने मन को वश में रखना, नगर के जीत लेने से उत्तम है।
- Proverbs 14:29 नीतिवचन 14:29जो विलम्ब से क्रोध करनेवाला है वह बड़ा समझवाला है, परन्तु जो अधीर है, वह मूढ़ता की बढ़ती करता है।
- James 1:19 याकूब 1:19हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो।
- Colossians 3:12–13 कुलुस्सियों 3:12–13इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्रा और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
- Proverbs 15:18 नीतिवचन 15:18क्रोधी पुरूष झगड़ा मचाता है, परन्तु जो विलम्ब से क्रोध करनेवाला है, वह मुक मों को दबा देता है।
- Proverbs 20:3 नीतिवचन 20:3मुक में से हाथ उठाना, पुरूष की महिमा ठहरती है; परन्तु सब मूढ़ झगड़ने को तैयार होते हैं।
- Proverbs 12:16 नीतिवचन 12:16मूढ़ की रिस उसी दिन प्रगट हो जाती है, परन्तु चतुर अपमान को छिपा रखता है।
- Romans 12:18–21 रोमियों 12:18–21जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो। हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। परन्तु यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला; यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला; क्योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा। बुराई से न हारो परन्तु भलाई से बुराई का जीत लो।।
- Matthew 18:21–22 मत्ती 18:21–22तब पतरस ने पास आकर, उस से कहा, हे प्रभु, यदि मेरा भाई अपराध करता रहे, तो मैं कितनी बार उसे क्षमा करूं, क्या सात बार तक? यीशु ने उस से कहा, मैं तुझ से यह नहीं कहता, कि सात बार, बरन सात बार के सत्तर गुने तक।
- Matthew 5:44–45 मत्ती 5:44–45परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सतानेवालों के लिये प्रार्थना करो। जिस से तुम अपने स्वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनो पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है।
- Proverbs 17:14 नीतिवचन 17:14झगड़े का आरम्भ बान्ध के छेद के समान है, झगड़ा बढ़ने से पहिले उसको छोड़ देता उचित है।