Proverbs · chapter 2 · verse 12
Proverbs 2:12 in Hindi
ताकि तुझे बुराई के मार्ग से, और उलट फेर की बातों के कहने वालों से बचाए,
Taaki tujhe buraaee ke maarg se, aur ulat pher kee baatom ke kahane vaalom se bachaae,
Proverbs 2:12 in English
- King James Version (KJV)
- To deliver thee from the way of the evil [man], from the man that speaketh froward things;
- World English Bible (WEB)
- to deliver you from the way of evil, from the men who speak perverse things,
- American Standard Version (ASV)
- To deliver thee from the way of evil, From the men that speak perverse things;
- Bible in Basic English (BBE)
- Giving you salvation from the evil man, from those whose words are false;
- Darby Translation (DBY)
- To deliver thee from the way of evil, from the man that speaketh froward things;
- Webster's Bible (WBS)
- To deliver thee from the way of the evil [man] , from the man that speaketh froward things;
- Young's Literal Translation (YLT)
- To deliver thee from an evil way, From any speaking froward things,
Read in context
- 10क्योंकि बुद्धि तो तेरे हृदय में प्रवेश करेगी, और ज्ञान तुझे मनभाऊ लगेगा;
- 11विवेक तुझे सुरक्षित रखेगा; और समझ तेरी रक्षक होगी;
- 12ताकि तुझे बुराई के मार्ग से, और उलट फेर की बातों के कहने वालों से बचाए,
- 13जो सीधाई के मार्ग को छोड़ देते हैं, ताकि अन्धेरे मार्ग में चलें;
- 14जो बुराई करने से आनन्दित होते हैं, और दुष्ट जन की उलट फेर की बातों में मगन रहते हैं;
Cross references
- 1 Corinthians 15:33 1 कुरिन्थियों 15:33धोखा न खाना, बुरी संगति अच्छे चरित्रा को बिगाड़ देती है।
- Proverbs 13:20 नीतिवचन 13:20बुद्धिमानों की संगति कर, तब तू भी बुद्धिमान हो जाएगा, परन्तु मूर्खों का साथी नाश हो जाएगा।
- Proverbs 8:13 नीतिवचन 8:13यहोवा का भय मानना बुराई से बैर रखना है। घमण्ड, अंहकार, और बुरी चाल से, और उलट फेर की बात से भी मैं बैर रखती हूं।
- 2 Corinthians 6:17 2 कुरिन्थियों 6:17इसलिये प्रभु कहता है, कि उन के बीच में से निकलो और अलग रहो; और अशुद्ध वस्तु को मत छूओ, तो मैं तुम्हें ग्रहण करूंगा।
- Isaiah 59:3–5 यशायाह 59:3–5क्योंकि तुम्हारे हाथ हत्या से और तुम्हारी अंगुलियां अधर्म के कर्मों से अपवित्रा हो गईं हैं; तुम्हारे मुंह से तो झूठ और तुम्हारी जीभ से कुटिल बातें निकलती हैं। कोई धर्म के साथ नालिश नहीं करता, न कोई सच्चाई से मुक मा लड़ता है; वे मिथ्या पर भरोसा रखते हैं और झूठ बातें बकते हैं, उसको मानो उत्पात का गर्भ रहता, और वे अनर्थ को जन्म देते हैं। वे सांपिन के अण्डे सेते और मकड़ी के जाले बनाते हैं; जो कोई उनके अण्डे खाता वह मर जाता है, और जब कोई एक को फोड़ता तब उस में से सपोला निकलता है।
- Proverbs 16:28–30 नीतिवचन 16:28–30टेढ़ा मनुष्य बहुत झगड़े को उठाता है, और कानाफूसी करनेवाला परम मित्रों में भी फूट करा देता है। उपद्रवी मनुष्य अपने पड़ोसी को फुसलाकर कुमार्ग पर चलाता है। आंख मूंदनेवाला छल की कल्पनाएं करता है, और ओंठ दबानेवाला बुराई करता है।
- Psalm 17:4–5 भजन संहिता 17:4–5मानवी कामों में मैं तेरे मुंह के वचन के द्वारा क्रूरों की सी चाल से अपने को बचाए रहा। मेरे पांव तेरे पथों में स्थिर रहे, फिसले नहीं।।
- Proverbs 9:6 नीतिवचन 9:6भोलों का संग छोड़ो, और जीवित रहो, समझ के मार्ग में सीधे चलो।
- Proverbs 1:10–19 नीतिवचन 1:10–19हे मेरे पुत्रा, यदि पापी लोग तुझे फुसलाए, तो उनकी बात न मानना। यदि वे कहें, हमारे संग चल कि, हम हत्या करने के लिये घात जगाएं हम निर्दोषों की ताक में रहें; हम अधोलोक की नाईं उनको जीवता, कबर में पड़े हुओं के समान समूचा निगल जाएं; हम को सब प्रकार के अनमोल पदार्थ मिलेंगे, हम अपने घरों को लूट से भर लेंगे; तू हमारा साझी हो जा, हम सभों का एक ही बटुआ हो, तो, हे मेरे पुत्रा तू उनके संग मार्ग में न चलना, वरन उनकी डगर में पांव भी न धरना; क्योंकि वे बुराई की करने को दौड़ते हैं, और हत्या करने को फुर्ती करते हैं। क्योंकि पक्षी के देखते हुए जाल फैलाना व्यर्थ होता है; और ये लोग तो अपनी ही हत्या करने के लिये घात लगाते हैं, और अपने ही प्राणों की घात की ताक में रहते हैं। सब लालचियों की चाल ऐसी ही होती है; उनका प्राण लालच ही के कारण नाश हो जाता है।।
- Proverbs 4:14–17 नीतिवचन 4:14–17दुष्टों की बाट में पांव न धरना, और न बुरे लोगों के मार्ग पर चलना। उसे छोड़ दे, उसके पास से भी न चल, उसके निकट से मुड़कर आगे बढ़ जा। क्योंकि दुष्ट लोग यदि बुराई न करें, तो उनको नींद नहीं आती; और जब तक वे किसी को ठोकर न खिलाएं, तब तक उन्हें नींद नहीं मिलती। वे तो दुष्टता से कमाई हुई रोटी खाते, और उपद्रव के द्वारा पाया हुआ दाखमधु पीते हैं।
- Psalm 141:4 भजन संहिता 141:4मेरा मन किसी बुरी बात की ओर फिरने न दे; मैं अनर्थकारी पुरूषों के संग, दुष्ट कामों में न लगूं, और मै उनके स्वादिष्ट भोजनवस्तुओं में से कुछ न खाऊं!
- Psalm 26:4–5 भजन संहिता 26:4–5मैं निकम्मी चाल चलनेवालों के संग नहीं बैठा, और न मैं कपटियों के साथ कहीं जाऊंगा; मैं कुकर्मियों की संगति से घृणा रखता हूं, और दुष्टों के संग न बैठूंगा।।