Proverbs · chapter 31 · verse 26
Proverbs 31:26 in Hindi
वह बुद्धि की बात बोलती है, और उसके वचन कृपा की शिक्षा के अनुसार होते हैं।
Vah buddhi kee baat bolatee hai, aur usake vachan krupaa kee shikshaa ke anusaar hote hain.
Proverbs 31:26 in English
- King James Version (KJV)
- She openeth her mouth with wisdom; and in her tongue [is] the law of kindness.
- World English Bible (WEB)
- She opens her mouth with wisdom. Kind instruction is on her tongue.
- American Standard Version (ASV)
- She openeth her mouth with wisdom; And the law of kindness is on her tongue.
- Bible in Basic English (BBE)
- Her mouth is open to give out wisdom, and the law of mercy is on her tongue.
- Darby Translation (DBY)
- She openeth her mouth with wisdom; and upon her tongue is the law of kindness.
- Webster's Bible (WBS)
- She openeth her mouth with wisdom; and on her tongue [is] the law of kindness.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Her mouth she hath opened in wisdom, And the law of kindness [is] on her tongue.
Read in context
- 24वह सन के वस्त्रा बनाकर बेचती है; और व्योपारी को कमरबन्द देती है।
- 25वह बल और प्रताप का पहिरावा पहिने रहती है, और आनेवाले काल के विषय पर हंसती है।
- 26वह बुद्धि की बात बोलती है, और उसके वचन कृपा की शिक्षा के अनुसार होते हैं।
- 27वह अपने घराने के चालचलन को ध्यान से देखती है, और अपनी रोटी बिना परिश्रम नहीं खाती।
- 28उसके पुत्रा उठ उठकर उसको धन्य कहते हैं, उनका पति भी उठकर उसकी ऐसी प्रशंसा करता है:
Cross references
- Ephesians 4:29 इफिसियों 4:29कोई गन्दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुननेवालों पर अनुग्रह हो।
- Proverbs 16:24 नीतिवचन 16:24मनभावने वचन मधुभरे छते की नाईं प्राणों को मीठे लगते, और हडि्डयों को हरी- भरी करते हैं।
- Proverbs 10:31 नीतिवचन 10:31धर्मी के मुंह से बुद्धि टपकती है, पर उलट फेर की बात कहने वाले की जीभ काटी जायेगी।
- Proverbs 12:18 नीतिवचन 12:18ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोचविचार का बोलना तलवार की नाई चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं।
- Colossians 4:5 कुलुस्सियों 4:5अवसर को बहुमूल्य समझकर बाहरवालों के साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करो।
- 1 Peter 3:4–5 1 पतरस 3:4–5बरन तुम्हारा छिपा हुआ और गुप्त मनुष्यत्व, नम्रता और मन की दीनता की अविनाशी सजावट से सुसज्जित रहे, क्योंकि परमेश्वर की दृष्टि में इसका मूल्य बड़ा है। और पूर्वकाल में पवित्रा स्त्रियां भी, जो परमेश्वर पर आशा रखती थीं, अपने आप को इसी रीति से संवारती और अपने अपने पति के आधीन रहती थीं।
- Proverbs 31:8–9 नीतिवचन 31:8–9गूंगे के लिये अपना मुंह खोल, और सब अनाथों का न्याय उचित रीति से किया कर। अपना मुंह खोल और धर्म से न्याय कर, और दीन दरिद्रों का न्याय कर।
- 1 Peter 3:8–9 1 पतरस 3:8–9निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखनेवाले, और करूणामय, और नम्र बनो। बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।
- Malachi 2:6 मलाकी 2:6उसको मेरी सच्ची व्यवस्था कण्ठ थी, और उसके मुंह से कुटिल बात न निकलती थी। वह शान्ति और सीधाई से मेरे संग संग चलता था, और बहुतों को अधर्म से लौटा ले आया था।
- Proverbs 25:15 नीतिवचन 25:15धीरज धरने से न्यायी मनाया जाता है, और कोमल वचन हड्डी को भी तोड़ डालता है।
- Judges 13:23 न्यायियों 13:23उसकी पत्नी ने उस से कहा, यदि यहोवा हमें मार डालना चाहता, तो हमारे हाथ से होमबलि और अन्नबलि ग्रहण न करता, और न वह ऐसी सब बातें हम को दिखाता, और न वह इस समय हमें ऐसी बातें सुनाता।
- 1 Peter 3:1 1 पतरस 3:1हे पत्नियों, तुम भी अपने पति के आधीन रहो।