Proverbs · chapter 4 · verse 2
Proverbs 4:2 in Hindi
क्योंकि मैं ने तुम को उत्तम शिक्षा दी है; मेरी शिक्षा को न छोड़ो।
Kyonki maim ne tum ko uttam shikshaa dee hai; meree shikshaa ko na chhodo.
Proverbs 4:2 in English
- King James Version (KJV)
- For I give you good doctrine, forsake ye not my law.
- World English Bible (WEB)
- for I give you sound learning. Don’t forsake my law.
- American Standard Version (ASV)
- For I give you good doctrine; Forsake ye not my law.
- Bible in Basic English (BBE)
- For I give you good teaching; do not give up the knowledge you are getting from me.
- Darby Translation (DBY)
- for I give you good doctrine: forsake ye not my law.
- Webster's Bible (WBS)
- For I give you good doctrine, forsake ye not my law.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For good learning I have given to you, My law forsake not.
Read in context
- 1हे मेरे पुत्रो, पिता की शिक्षा सुनो, और समझ प्राप्त करने में मन लगाओ।
- 2क्योंकि मैं ने तुम को उत्तम शिक्षा दी है; मेरी शिक्षा को न छोड़ो।
- 3देखो, मैं भी अपने पिता का पुत्रा था, और माता का अकेला दुलारा था,
- 4और मेरा पिता मुझे यह कहकर सिखाता था, कि तेरा मन मेरे वचन पर लगा रहे; तू मेरी आज्ञाओं का पालन कर, तब जीवित रहेगा।
Cross references
- 1 Timothy 4:6 1 तीमुथियुस 4:6यदि तू भाइयों को इन बातों की सुधि दिलाता रहेगा, तो मसीह यीशु का अच्छा सेवक ठहरेगा: और विश्वास और उस अच्छे उपदेश की बातों से, जा तू मानता आया है, तेरा पालन- पोषण होता रहेगा।
- Titus 1:9 तीतुस 1:9और विश्वासयोग्य वचन पर जो धर्मोपदेश के अनुसार है, स्थिर रहे; कि खरी शिक्षा से उपदेश दे सके; और विवादियों का मुंह भी बन्द कर सके।।
- Proverbs 8:6–9 नीतिवचन 8:6–9सुनो, क्योंकि मैं उत्तम बातें कहूंगी, और जब मुंह खोलूंगी, तब उस से सीधी बातें निकलेंगी; क्योंकि मुझ से सच्चाई की बातों का वर्णन होगा; दुष्टता की बातों से मुझ को घृणा आती है।। मेरे मुंह की सब बातें धर्म की होती हैं, उन में से कोई टेढ़ी वा उलट फेर की बात नहीं निकलती है। समझवाले के लिये वे सब सहज, और ज्ञान के प्राप्त करनेवालों के लिये अति सीधी हैं।
- Job 33:3 अय्यूब 33:3मेरी बातें मेरे मन की सिधाई प्रगट करेंगी; जो ज्ञान मैं रखता हूं उसे खराई के साथ कहूंगा।
- Psalm 89:30–32 भजन संहिता 89:30–32यदि उसके वंश के लोग मेरी व्यवस्था को छोड़ें और मेरे नियमों के अनुसार न चलें, यदि वे मेरी विधियों का उल्लंघन करें, और मेरी आज्ञाओं को न मानें, तो मैं उनके अपराध का दण्ड सोंटें से, और उनके अधर्म का दण्ड कोड़ों से दूंगा।
- Deuteronomy 32:2 व्यवस्थाविवरण 32:2मेरा उपदेश मेंह की नाईं बरसेगा और मेरी बातें ओस की नाईं टपकेंगी, जैसे कि हरी घास पर झीसी, और पौधों पर झड़ियां।।
- Job 11:4 अय्यूब 11:4तू तो यह कहता है कि मेरा सिठ्ठान्त शुठ्ठ है और मैं ईश्वर की दृष्टि में पवित्रा हूँ।
- 2 Chronicles 7:19 2 इतिहास 7:19परन्तु यदि तुम लोग फिरो, और मेरी विधियों और आज्ञाओं को जो मैं ने तुम को दी हैं त्यागो, और जाकर पराये देवताओं की उपासना करो और उन्हें दणडवत करो,
- Proverbs 22:20–21 नीतिवचन 22:20–21मैं बहुत दिनों से तेरे हित के उपदेश और ज्ञान की बातें लिखता आया हूं, कि मैं तुझे सत्य वचनों का निश्चय करा दूं, जिस से जो तुझे काम में लगाएं, उनको सच्चा उत्तर दे सके।।
- Psalm 49:1–3 भजन संहिता 49:1–3हे देश देश के सब लोगों यह सुनो! हे संसार के सब निवासियों, कान लगाओ! क्या ऊंच, क्या नीच क्या धनी, क्या दरिद्र, कान लगाओ! मेरे मुंह से बुद्धि की बातें निकलेंगी; और मेरे हृदय की बातें समझ की होंगी।
- 1 Chronicles 28:9 1 इतिहास 28:9और हे मेरे पुत्रा सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा।
- John 7:16–17 यूहन्ना 7:16–17यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, कि मेरा उपदेश मेरा नहीं, परन्तु मेरे भेजनेवाले का है। यदि कोई उस की इच्छा पर चलना चाहे, तो वह इस उपदेश के विषय में जान जाएगा कि वह परमेश्वर की ओर से है, या मैं अपनी ओर से कहता हूं।