Proverbs · chapter 4 · verse 1
Proverbs 4:1 in Hindi
हे मेरे पुत्रो, पिता की शिक्षा सुनो, और समझ प्राप्त करने में मन लगाओ।
He mere putro, pitaa kee shikshaa suno, aur samajh praapt karane mem man lagaao.
Proverbs 4:1 in English
- King James Version (KJV)
- Hear, ye children, the instruction of a father, and attend to know understanding.
- World English Bible (WEB)
- Listen, sons, to a father’s instruction. Pay attention and know understanding;
- American Standard Version (ASV)
- Hear, [my] sons, the instruction of a father, And attend to know understanding:
- Bible in Basic English (BBE)
- Give ear, my sons, to the teaching of a father; give attention so that you may have knowledge:
- Darby Translation (DBY)
- Hear, ye children, the instruction of a father, and attend to know intelligence;
- Webster's Bible (WBS)
- Hear, ye children, the instruction of a father, and attend to know understanding.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Hear, ye sons, the instruction of a father, And give attention to know understanding.
Read in context
- 1हे मेरे पुत्रो, पिता की शिक्षा सुनो, और समझ प्राप्त करने में मन लगाओ।
- 2क्योंकि मैं ने तुम को उत्तम शिक्षा दी है; मेरी शिक्षा को न छोड़ो।
- 3देखो, मैं भी अपने पिता का पुत्रा था, और माता का अकेला दुलारा था,
Cross references
- Hebrews 2:1 इब्रानियों 2:1इस कारण चाहिए, कि हम उन बातों पर जो हम ने सुनी हैं और भी मन लगाएं, ऐसा न हो कि बहक कर उन से दूर चले जाएं।
- Psalm 34:11 भजन संहिता 34:11हे लड़कों, आओ, मेरी सुनो, मैं तुम को यहोवा का भय मानना सिखाऊंगा।
- Proverbs 1:8 नीतिवचन 1:8हे मेरे पुत्रा, अपने पिता की शिक्षा पर कान लगा, और अपनी माता की शिक्षा को न तज;
- Proverbs 2:1–5 नीतिवचन 2:1–5हे मेरे पुत्रा, यदि तू मेरे वचन ग्रहण करे, और मेरी आज्ञाओं को अपने हृदय में रख छोड़े, और बुद्धि की बात ध्यान से सुने, और समझ की बात मन लगाकर सोचे; और प्रवीणता और समझ के लिये अति यत्न से पुकारे, ओर उसको चान्दी की नाईं ढूंढ़े, और गुप्त धन के समान उसी खोज में लगा रहे; तो तू यहोवा के भय को समझेगा, और परमेश्वर का ज्ञान तुझे प्राप्त होगा।
- 1 Thessalonians 2:11–12 1 थिस्सलुनीकियों 2:11–12जैसे तुम जानते हो, कि जैसा पिता अपने बालकों के साथ बर्ताव करता है, वैसे ही हम तुम में से हर एक को भी उपदेश करते, और शान्ति देते, और समझाते थे। कि तुम्हारा चाल चलन परमेश्वर के योग्य हो, जो तुम्हें अपने राज्य और महिमा में बुलाता है।।
- Proverbs 5:1 नीतिवचन 5:1हे मेरे पुत्रा, मेरी बुद्धि की बातों पर ध्यान दे, मेरी समझ की ओर कान लगा;
- Proverbs 22:17 नीतिवचन 22:17कान लगाकर बुद्धिमानों के वचन सुन, और मेरी ज्ञान की बातों की ओर मन लगा;
- Proverbs 7:4 नीतिवचन 7:4बुद्धि से कह कि, तू मेरी बहिन है, और समझ को अपनी साथिन बना;
- Proverbs 19:20 नीतिवचन 19:20सम्मति को सुन ले, और शिक्षा को ग्रहण कर, कि तू अन्तकाल में बुद्धिमान ठहरे।
- Proverbs 8:32–36 नीतिवचन 8:32–36इसलिये अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो; क्या ही धन्य हैं वे जो मेरे मार्ग को पकड़े रहते हैं। शिक्षा को सुनो, और बुद्धिमान हो जाओ, उसके विषय में अनसुनी न करो। क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो मेरी सुनता, वरन मेरी डेवढ़ी पर प्रति दिन खड़ा रहता, और मेरे द्वारों के खंभों के पास दृष्टि लगाए रहता है। क्योंकि जो मुझे पाता है, वह जीवन को पाता है, और यहोवा उस से प्रसन्न होता है। परन्तु जो मेरा अपराध करता है, वह अपने ही पर उपद्रव करता है; जितने मुझ से बैर रखते वे मृत्यु से प्रीति रखते हैं।।
- Proverbs 6:20–23 नीतिवचन 6:20–23हे मेरे पुत्रा, मेरी आज्ञा को मान, और अपनी माता की शिक्षा का न तज। इन को अपने हृदय में सदा गांठ बान्धे रख; और अपने गले का हार बना ले। वह तेरे चलने में तेरी अगुवाई, और सोते समय तेरी रक्षा, और जागते समय तुझ से बातें करेगी। आज्ञा तो दीपक है और शिक्षा ज्योति, और सिखानेवाले की डांट जीवन का मार्ग है,