Proverbs · chapter 8 · verse 27
Proverbs 8:27 in Hindi
जब उस ने अकाश को स्थिर किया, तब मैं वहां थी, जब उस ने गहिरे सागर के ऊपर आकाशमण्डल ठहराया,
Jab us ne akaash ko sthir kiyaa, tab maim vahaam thee, jab us ne gahire saagar ke oopar aakaashamandal thaharaayaa,
Proverbs 8:27 in English
- King James Version (KJV)
- When he prepared the heavens, I [was] there: when he set a compass upon the face of the depth:
- World English Bible (WEB)
- When he established the heavens, I was there. When he set a circle on the surface of the deep,
- American Standard Version (ASV)
- When he established the heavens, I was there: When he set a circle upon the face of the deep,
- Bible in Basic English (BBE)
- When he made ready the heavens I was there: when he put an arch over the face of the deep:
- Darby Translation (DBY)
- When he prepared the heavens I was there; when he ordained the circle upon the face of the deep;
- Webster's Bible (WBS)
- When he prepared the heavens, I [was] there: when he set a compass upon the face of the depth:
- Young's Literal Translation (YLT)
- In His preparing the heavens I [am] there, In His decreeing a circle on the face of the deep,
Read in context
- 25जब पहाड़ वा पहाड़ियां स्थिर न की गई थीं,
- 26जब यहोवा ने न तो पृथ्वी और न मैदान, न जगत की धूलि के परमाणु बनाए थे, इन से पहिले मैं उत्पन्न हुई।
- 27जब उस ने अकाश को स्थिर किया, तब मैं वहां थी, जब उस ने गहिरे सागर के ऊपर आकाशमण्डल ठहराया,
- 28जब उस ने आकाशमण्डल को ऊपर से स्थिर किया, और गहिरे सागर के सोते फूटने लगे,
- 29जब उस ने समुद्र का सिवाना ठहराया, कि जल उसकी आज्ञा का उल्लंघन न कर सके, और जब वह पृथ्वी की नेव की डोरी लगाता था,
Cross references
- Isaiah 40:22 यशायाह 40:22यह वह है जो पृथ्वी के घेरे के ऊपर आकाशमण्डल पर विराजमान है; और पृथ्वी के रहनेवाले टिड्डी के तुल्य है; जो आकाश को मलमल की नाईं फैलाता और ऐसा तान देता है जैसा रहने के लिये तम्बू ताना जाता है;
- Job 26:10 अय्यूब 26:10उजियाले और अन्धियारे के बीच जहां सिवाना बंधा है, वहां तक उस ने जलनिधि का सिवाना ठहरा रखा है।
- Proverbs 3:19 नीतिवचन 3:19यहोवा ने पृथ्वी की नेव बुद्धि ही से डाली; और स्वर्ग को समझ ही के द्वारा स्थिर किया।
- Colossians 1:16 कुलुस्सियों 1:16क्योंकि उसी में सारी वस्तुओं की सृष्टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं।
- Psalm 136:5 भजन संहिता 136:5उस ने अपनी बुद्धि से आकाश बनाया, उसकी करूणा सदा की है।
- Isaiah 40:11 यशायाह 40:11वह चरवाहे की नाईं अपने झुण्ड को चराएगा, वह भेड़ों के बच्चों को अंकवार में लिए रहेगा और दूध पिलानेवालियों को धीरे धीरे ले चलेगा।।
- Jeremiah 10:12 यिर्मयाह 10:12उसी ने पृथ्वी को अपनी सामर्थ से बनाया, उस ने जगत को अपनी बुध्दि से स्थिर किया, और आकाश को अपनी प्रवीणता से तान दिया है।
- Hebrews 1:2 इब्रानियों 1:2इन दिनों के अन्त में हम से पुत्रा के द्वारा बातें की, जिसे उस ने सारी वस्तुओं का वारिस ठहराया और उसी के द्वारा उस ने सारी सृष्टि रची है।
- Psalm 33:6 भजन संहिता 33:6आकाशमण्डल यहोवा के वचन से, और उसके सारे गण उसके मुंह ही श्वास से बने।
- Psalm 103:19 भजन संहिता 103:19यहोवा ने तो अपना सिंहासन स्वर्ग में स्थिर किया है, और उसका राज्य पूरी सृष्टि पर है।