Psalms · chapter 136 · verse 5
Psalm 136:5 in Hindi
उस ने अपनी बुद्धि से आकाश बनाया, उसकी करूणा सदा की है।
Us ne apanee buddhi se aakaash banaayaa, usakee karoonaa sadaa kee hai.
Psalm 136:5 in English
- King James Version (KJV)
- To him that by wisdom made the heavens: for his mercy [endureth] for ever.
- World English Bible (WEB)
- to him who by understanding made the heavens, for his loving kindness endures forever;
- American Standard Version (ASV)
- To him that by understanding made the heavens; For his lovingkindness [endureth] for ever:
- Bible in Basic English (BBE)
- To him who by wisdom made the heavens: for his mercy is unchanging for ever.
- Darby Translation (DBY)
- To him that by understanding made the heavens, for his loving-kindness [endureth] for ever;
- Webster's Bible (WBS)
- To him that by wisdom made the heavens: for his mercy [endureth] for ever.
- Young's Literal Translation (YLT)
- To Him making the heavens by understanding, For to the age [is] His kindness.
Read in context
- 3जो प्रभुओं का प्रभु है, उसका धन्यवाद करो, उसकी करूणा सदा की है।।
- 4उसको छोड़कर कोई बड़े बड़े अशचर्यकर्म नहीं करता, उसकी करूणा सदा की है।
- 5उस ने अपनी बुद्धि से आकाश बनाया, उसकी करूणा सदा की है।
- 6उस ने पृथ्वी को जल के ऊपर फैलाया है, उसकी करूणा सदा की है।
- 7उस ने बड़ी बड़ी ज्योतियों बनाईं, उसकी करूणा सदा की है।
Cross references
- Genesis 1:1 उत्पत्ति 1:1आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की।
- Psalm 104:24 भजन संहिता 104:24हे यहोवा तेरे काम अनगिनित हैं! इन सब वस्तुओं को तू ने बुद्धि से बनाया है; पृथ्वी तेरी सम्पत्ति से परिपूर्ण है।
- Psalm 33:6 भजन संहिता 33:6आकाशमण्डल यहोवा के वचन से, और उसके सारे गण उसके मुंह ही श्वास से बने।
- Jeremiah 51:15 यिर्मयाह 51:15उसी ने पृथ्वी को अपने सामर्थ से बनाया, और जगत को अपनी बुद्वि से स्थिर किया; और आकाश को अपनी प्रवीणता से तान दिया है।
- Proverbs 8:22–29 नीतिवचन 8:22–29यहोवा ने मुझे काम करते के आरम्भ में, वरन अपने प्राचीनकाल के कामों से भी पहिले उत्पन्न किया। मैं सदा से वरन आदि ही से पृथ्वी की सृष्टि के पहिले ही से ठहराई गई हूं। जब न तो गहिरा सागर था, और न जल के सोते थे तब ही से मैं उत्पन्न हुई। जब पहाड़ वा पहाड़ियां स्थिर न की गई थीं, जब यहोवा ने न तो पृथ्वी और न मैदान, न जगत की धूलि के परमाणु बनाए थे, इन से पहिले मैं उत्पन्न हुई। जब उस ने अकाश को स्थिर किया, तब मैं वहां थी, जब उस ने गहिरे सागर के ऊपर आकाशमण्डल ठहराया, जब उस ने आकाशमण्डल को ऊपर से स्थिर किया, और गहिरे सागर के सोते फूटने लगे, जब उस ने समुद्र का सिवाना ठहराया, कि जल उसकी आज्ञा का उल्लंघन न कर सके, और जब वह पृथ्वी की नेव की डोरी लगाता था,
- Proverbs 3:19–20 नीतिवचन 3:19–20यहोवा ने पृथ्वी की नेव बुद्धि ही से डाली; और स्वर्ग को समझ ही के द्वारा स्थिर किया। उसी के ज्ञान के द्वारा गहिरे सागर फूट निकले, और आकाशमण्डल से ओस टपकती है।।
- Jeremiah 10:12 यिर्मयाह 10:12उसी ने पृथ्वी को अपनी सामर्थ से बनाया, उस ने जगत को अपनी बुध्दि से स्थिर किया, और आकाश को अपनी प्रवीणता से तान दिया है।