Job · chapter 26 · verse 10
Job 26:10 in Hindi
उजियाले और अन्धियारे के बीच जहां सिवाना बंधा है, वहां तक उस ने जलनिधि का सिवाना ठहरा रखा है।
Ujiyaale aur andhiyaare ke beech jahaam sivaanaa bandhaa hai, vahaam tak us ne jalanidhi kaa sivaanaa thaharaa rakhaa hai.
Job 26:10 in English
- King James Version (KJV)
- He hath compassed the waters with bounds, until the day and night come to an end.
- World English Bible (WEB)
- He has described a boundary on the surface of the waters, and to the confines of light and darkness.
- American Standard Version (ASV)
- He hath described a boundary upon the face of the waters, Unto the confines of light and darkness.
- Bible in Basic English (BBE)
- By him a circle is marked out on the face of the waters, to the limits of the light and the dark.
- Darby Translation (DBY)
- He hath traced a fixed circle over the waters, unto the confines of light and darkness.
- Webster's Bible (WBS)
- He hath encompassed the waters with bounds, until the day and night come to an end.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A limit He hath placed on the waters, Unto the boundary of light with darkness.
Read in context
- 8वह जल को अपनी काली घटाओं में बान्ध रखता, और बादल उसके बोझ से नहीं फटता।
- 9वह अपने सिंहासन के साम्हने बादल फैलाकर उसको छिपाए रखता है।
- 10उजियाले और अन्धियारे के बीच जहां सिवाना बंधा है, वहां तक उस ने जलनिधि का सिवाना ठहरा रखा है।
- 11उसकी घुड़की से आकाश के खम्भे थरथराकर चकित होते हैं।
- 12वह अपने बल से समुद्र को उछालता, और अपनी बुध्दि से घपणड को छेद देता है।
Cross references
- Proverbs 8:29 नीतिवचन 8:29जब उस ने समुद्र का सिवाना ठहराया, कि जल उसकी आज्ञा का उल्लंघन न कर सके, और जब वह पृथ्वी की नेव की डोरी लगाता था,
- Job 38:8–11 अय्यूब 38:8–11फिर जब समुद्र ऐसा फूट निकला मानो वह गर्भ से फूट निकला, तब किस ने द्वार मूंदकर उसको रोक दिया; जब कि मैं ने उसको बादल पहिनाया और घोर अन्धकार में लमेट दिया, और उसके लिये सिवाना बान्धा और यह कहकर बेंड़े और किवाड़े लगा दिए, कि यहीं तक आ, और आगे न बढ़, और तेरी उमंडनेवाली लहरें यहीं थम जाएं?
- Jeremiah 5:22 यिर्मयाह 5:22यहोवा की यह वाणी है, क्या तुम लोग मेरा भय नहीं मानते? क्या तुम मेरे सम्मुख नहीं थरथराते? मैं ने बालू को समुद्र का सिवाना ठहराकर युग युग का ऐसा बान्ध ठहराया कि वह उसे लांध न सके; और चाहे उसकी लहरें भी उठें, तौभी वे प्रबल न हो सकें, या जब वे गरजें तौभी उसको न लांध सकें।
- Psalm 33:7 भजन संहिता 33:7वह समुद्र का जल ढेर की नाई इकट्ठा करता; वह गहिरे सागर को अपने भण्डार में रखता है।।
- Genesis 8:22 उत्पत्ति 8:22अब से जब तक पृथ्वी बनी रहेगी, तब तक बोने और काटने के समय, ठण्ड और तपन, धूपकाल और शीतकाल, दिन और रात, निरन्तर होते चले जाएंगे।।
- Isaiah 54:9–10 यशायाह 54:9–10यह मेरी दृष्टि में नूह के समय के जलप्रलय के समान है; क्योंकि जैसे मैं ने शपथ खाई थी कि नूह के समय के जलप्रलय से पृथ्वी फिर न डूबेगी, वैसे ही मैं ने यह भी शपथ खाई है कि फिर कभी तुझ पर क्रोध न करूंगा और न तुझ को धमकी दूंगा। चाहे पहाड़ हट जाएं और पहाडिय़ां टल जाएं, तौभी मेरी करूणा तुझ पर से कभी न हटेगी, और मेरी शान्तिदायक वाचा न टलेगी, यहोवा, जो तुझ पर दया करता है, उसका यही वचन है॥
- Psalm 104:6–9 भजन संहिता 104:6–9तू ने उसको गहिरे सागर से ढांप दिया है जैसे वस्त्रा से; जल पहाड़ों के ऊपर ठहर गया। तेरी घुड़की से वह भाग गया; तेरे गरजने का शब्द सुनते ही, वह उतावली करके बह गया। वह पहाड़ों पर चढ़ गया, और तराईयों के मार्ग से उस स्थान में उतर गया जिसे तू ने उसके लिये तैयार किया था। तू ने एक सिवाना ठहराया जिसको वह नहीं लांघ सकता है, और न फिरकर स्थल को ढांप सकता है।।