Psalms · chapter 10 · verse 2
Psalm 10:2 in Hindi
दुष्टों के अहंकार के कारण दी मनुष्य खदेड़े जाते हैं; वे अपनी ही निकाली हुई युक्तियों में फंस जाएं।।
Dushtom ke ahankaar ke kaaran dee manushy khadede jaate haim; ve apanee hee nikaalee huee yuktiyom mem phans jaaen..
Psalm 10:2 in English
- King James Version (KJV)
- The wicked in [his] pride doth persecute the poor: let them be taken in the devices that they have imagined.
- World English Bible (WEB)
- In arrogance, the wicked hunt down the weak. They are caught in the schemes that they devise.
- American Standard Version (ASV)
- In the pride of the wicked the poor is hotly pursued; Let them be taken in the devices that they have conceived.
- Bible in Basic English (BBE)
- The evil-doer in his pride is cruel to the poor; let him be taken by the tricks of his invention.
- Darby Translation (DBY)
- The wicked, in his pride, doth hotly pursue the afflicted. They shall be taken in the devices that they have imagined.
- Webster's Bible (WBS)
- The wicked in [his] pride doth persecute the poor: let them be taken in the devices that they have imagined.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Through the pride of the wicked, Is the poor inflamed, They are caught in devices that they devised.
Read in context
- 1हे यहोवा तू क्यों दूर खड़ा रहता है? संकट के समय में क्यों छिपा रहता है?
- 2दुष्टों के अहंकार के कारण दी मनुष्य खदेड़े जाते हैं; वे अपनी ही निकाली हुई युक्तियों में फंस जाएं।।
- 3क्योंकि दुष्ट अपनी अभिलाषा पर घमण्ड करता है, और लोभी परमेश्वर को त्याग देता है और उसका तिरस्कार करता है।।
- 4दुष्ट अपने अभिमान के कारण कहता है कि वह लेखा नहीं लेने का; उसका पूरा विचार यही है कि कोई परमेश्वर है ही नहीं।।
Cross references
- Psalm 59:12 भजन संहिता 59:12वह अपने मुंह के पाप, और ओठों के वचन, और शाप देने, और झूठ बोलने के कारण, अभिमान में फंसे हुए पकड़े जाएं।
- Psalm 36:11 भजन संहिता 36:11अहंकारी मुझ पर लात उठाने न पाए, और न दुष्ट अपने हाथ के बल से मुझे भगाने पाए।
- Psalm 7:16 भजन संहिता 7:16उसका उत्पात पलट कर उसी के सिर पर पडेगा; और उसका उपद्रव उसी के माथे पर पड़ेगा।।
- Proverbs 5:22 नीतिवचन 5:22दुष्ट अपने ही अधर्म के कर्मों से फंसेगा, और अपने ही पाप के बन्धनों में बन्धा रहेगा।
- Psalm 31:18 भजन संहिता 31:18जो अंहकार और अपमान से धर्मी की निन्दा करते हैं, उनके झूठ बोलनेवाले मुंह बन्द किए जाएं।।
- Psalm 119:122 भजन संहिता 119:122अपने दास की भलाई के लिये जामिन हो, ताकि अभिमानी मुझ पर अन्धेर न करने पांए।
- Psalm 140:5 भजन संहिता 140:5घमण्डियों ने मेरे लिये फन्दा और पासे लगाए, और पथ के किनारे जाल बिछाया है; उन्हों ने मेरे लिये फन्दे लगा रखे हैं।।
- Isaiah 10:12–13 यशायाह 10:12–13इस कारण जब प्रभु सिरयोन पर्वत पर और यरूशलेम में अपना सब काम का चुकेगा, तब मैं अश्शूर के राजा के गर्व की बातों का, और उसकी घमण्ड भरी आंखों का पलटा दूंगा। उस ने कहा है, अपने ही बाहुबल और बुद्धि से मैं ने यह काम किया है, क्योंकि मैं चतुर हूं; मैं ने देश देश के सिवानों को हटा दिया, और उनके रखे हुए धन को लूअ लिया; मैं ने वीर की नाई गद्दी पर विराजनेहारों को उतार दिया है।
- Psalm 119:69 भजन संहिता 119:69अभिमानियों ने तो मेरे विरूद्ध झूठ बात गढ़ी है, परन्तु मैं तेरे उपदेशों को पूरे मन से पकड़े रहूंगा।
- Psalm 119:85 भजन संहिता 119:85अभिमानी जो तरी व्यवस्था के अनुसार नहीं चलते, उन्हों ने मेरे लिये गड़हे खोदे हैं।
- Isaiah 14:13 यशायाह 14:13तू मन में कहता तो था कि मैं स्वर्ग पर चढूंगा; मैं अपने सिंहासन को ईश्वर के तारागण से अधिक ऊंचा करूंगा; और उत्तर दिशा की छोर पर सभा के पर्वत पर बिराजूंगा;
- Jeremiah 43:2 यिर्मयाह 43:2तब होशाया के पुत्रा अजर्याह और कारेह के पुत्रा योहानान और सब अभिमानी पुरूषों ने यिर्मयाह से कहा, तू झूठ बोलता है। हमारे परमेश्वर यहोवा ने तुझे यह कहने के लिये नहीं भेजा कि मिस्र में रहने के लिये मत जाओ;