Psalms · chapter 59 · verse 12
Psalm 59:12 in Hindi
वह अपने मुंह के पाप, और ओठों के वचन, और शाप देने, और झूठ बोलने के कारण, अभिमान में फंसे हुए पकड़े जाएं।
Vah apane munh ke paap, aur othom ke vachan, aur shaap dene, aur jhooth bolane ke kaaran, abhimaan mem phanse hue pakade jaaen.
Psalm 59:12 in English
- King James Version (KJV)
- [For] the sin of their mouth [and] the words of their lips let them even be taken in their pride: and for cursing and lying [which] they speak.
- World English Bible (WEB)
- For the sin of their mouth, and the words of their lips, let them be caught in their pride, for the curses and lies which they utter.
- American Standard Version (ASV)
- [For] the sin of their mouth, [and] the words of their lips, Let them even be taken in their pride, And for cursing and lying which they speak.
- Bible in Basic English (BBE)
- Because of the sin of their mouths and the word of their lips, let them even be taken in their pride; and for their curses and their deceit,
- Darby Translation (DBY)
- [Because of] the sin of their mouth, the word of their lips, let them even be taken in their pride; and because of cursing and lying which they speak.
- Webster's Bible (WBS)
- [For] the sin of their mouth [and] the words of their lips let them even be taken in their pride: and for cursing and lying [which] they speak.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The sin of their mouth [is] a word of their lips, And they are captured in their pride, And from the curse and lying they recount.
Read in context
- 10परमेश्वर करूणा करता हुआ मुझ से मिलेगा; परमेश्वर मेरे द्रोहियों के विषय मेरी इच्छा पूरी कर देगा।।
- 11उन्हें घात न कर, न हो कि मेरी प्रजा भूल जाए; हे प्रभु, हे हमारी ढाल! अपनी शक्ति के उन्हें तितर बितर कर, उन्हें दबा दे।
- 12वह अपने मुंह के पाप, और ओठों के वचन, और शाप देने, और झूठ बोलने के कारण, अभिमान में फंसे हुए पकड़े जाएं।
- 13जलजलाहट में आकर उनका अन्त कर, उनका अन्त कर दे ताकि वे नष्ट हो जाएं तब लोग जानेंगे कि परमेश्वर याकूब पर, वरन पृथ्वी की छोर तक प्रभुता करता है।।
- 14वे सांझ को लौटकर कुत्ते की नाईं गुर्राएं, और नगर के चारों ओर घूमें।
Cross references
- Proverbs 12:13 नीतिवचन 12:13बुरा मनुष्य अपने दुर्वचनों के कारण फन्दे में फंसता है, परन्तु धर्मी संकट से निकास पाता है।
- Psalm 10:7 भजन संहिता 10:7उसका मुंह शाप और छल और अन्धेर से भरा है; उत्पात और अनर्थ की बातें उसके मुंह में हैं।
- Hosea 4:2 होशे 4:2यहां शाप देने, झूठ बोलने, वध करने, चुराने, और व्यभिचार करने को छोड़ कुछ नहीं होता; वे व्यवस्था की सीमा को लांघकर कुकर्म करते हैं और खून ही खून होता रहता है।
- Proverbs 18:7 नीतिवचन 18:7मूर्ख का विनाश उसकी बातों से होता है, और उसके वचन उसके प्राण के लिये फन्दे होते हैं।
- Matthew 12:36–37 मत्ती 12:36–37और मै तुम से कहता हूं, कि जो जो निकम्मी बातें मनुष्य कहेंगे, न्याय के दिन हर एक बात का लेखा देंगे। क्योंकि तू अपनी बातों के कारण निर्दोष और अपनी बातों ही के कारण दोषी ठहराया जाएगा।।
- Psalm 120:3–4 भजन संहिता 120:3–4हे छली जीभ, तुझ को क्या मिले? और तेरे साथ और क्या अधिक किया जाए? वीर के नोकीले तीर और झाऊ के अंगारे!
- Psalm 10:2 भजन संहिता 10:2दुष्टों के अहंकार के कारण दी मनुष्य खदेड़े जाते हैं; वे अपनी ही निकाली हुई युक्तियों में फंस जाएं।।
- Psalm 109:17–18 भजन संहिता 109:17–18वह शाप देने में प्रीति रखता था, और शाप उस पर आ पड़ा; वह आशीर्वाद देने से प्रसन्न न होता था, सो आर्शीवाद उस से दूर रहा। वह शाप देना वस्त्रा की नाई पहिनता था, और वह उसके पेट में जल की नाई और उसकी हडि्डयों में तेल की नाई समा गया।
- Matthew 27:25 मत्ती 27:25सब लोगों ने उत्तर दिया, कि इस का लोहू हम पर और हमारी सन्तान पर हो।
- Matthew 27:63 मत्ती 27:63हे महाराज, हमें स्मरण है, कि उस भरमानेवाले ने अपने जीते जी कहा था, कि मैं तीन दिन के बाद जी उठूंगा।
- Zephaniah 3:11 सपन्याह 3:11उस दिन, तू अपने सब बड़े से बड़े कामों से जिन्हें करके तू मुझ से फिर गई थी, फिर लज्जित न होगी। उस समय मैं तेरे बीच से सब फूले हुए घमण्डियों को दूर करूंगा, और तू मेरे पवित्रा पर्वत पर फिर कभी अभिमान न करेगी।
- Proverbs 11:6 नीतिवचन 11:6सीधे लोगों को बचाव उनके धर्म के कारण होता है, परन्तु विश्वासघाती लोग अपनी ही दुष्टता में फंसते हैं।