Psalms · chapter 66 · verse 19
Psalm 66:19 in Hindi
परन्तु परमेश्वर ने तो सुना है; उस ने मेरी प्रार्थना की ओर ध्यान दिया है।।
Parantu parameshvar ne to sunaa hai; us ne meree praarthanaa kee or dhyaan diyaa hai..
Psalm 66:19 in English
- King James Version (KJV)
- [But] verily God hath heard [me;] he hath attended to the voice of my prayer.
- World English Bible (WEB)
- But most certainly, God has listened. He has heard the voice of my prayer.
- American Standard Version (ASV)
- But verily God hath heard; He hath attended to the voice of my prayer.
- Bible in Basic English (BBE)
- But truly God's ear has been open; he has give attention to the voice of my prayer.
- Darby Translation (DBY)
- But God hath heard; he hath attended to the voice of my prayer.
- Webster's Bible (WBS)
- [But] verily God hath heard [me] ; he hath attended to the voice of my prayer.
- Young's Literal Translation (YLT)
- But God hath heard, He hath attended to the voice of my prayer.
Read in context
- 17मैं ने उसको पुकारा, और उसी का गुणानुवाद मुझ से हुआ।
- 18यदि मैं मन में अनर्थ बात सोचता तो प्रभु मेरी न सुनता।
- 19परन्तु परमेश्वर ने तो सुना है; उस ने मेरी प्रार्थना की ओर ध्यान दिया है।।
- 20धन्य है परमेश्वर, जिस ने न तो मेरी प्रार्थना अनसुनी की, और न मुझ से अपनी करूणा दूर कर दी है!
Cross references
- Psalm 116:1–2 भजन संहिता 116:1–2मैं प्रेम रखता हूं, इसलिये कि यहोवा ने मेरे गिड़गिड़ाने को सुना है। उस ने जो मेरी ओर कान लगाया है, इसलिये मैं जीवन भर उसको पुकारा करूंगा।
- Hebrews 5:7 इब्रानियों 5:7उस ने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊंचे शब्द से पुकार पुकारकर, और आंसू बहा बहाकर उस से जो उस को मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएं और बिनती की और भक्ति के कारण उस की सुनी गई।
- Lamentations 3:55–56 विलापगीत 3:55–56हे यहोवा, गहिरे गड़हे में से मैं ने तुझ से प्रार्थना की; तू ने मेरी सुनी कि जो दोहाई देकर मैं चिल्लाता हूँ उस से कान न फेर ले!
- Psalm 6:9 भजन संहिता 6:9यहोवा ने मेरा गिड़गिड़ाना सुना है; यहोवा मेरी प्रार्थना को ग्रहण भी करेगा।
- 1 John 3:20–22 1 यूहन्ना 3:20–22क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है। हे प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोष न दे, तो हमें परमेश्वर के साम्हने हियाव होता है। और जो कुछ हम मांगते हैं, वह हमें उस से मिलता है; क्योंकि हम उस की आज्ञाओं को मानते हैं; और जो उसे भाता है वही करते हैं।
- Psalm 34:6 भजन संहिता 34:6इस दीन जन ने पुकारा तब यहोवा ने सुन लिया, और उसको उसके सब कष्टों से छुड़ा लिया।।