Psalms · chapter 94 · verse 15
Psalm 94:15 in Hindi
परन्तु न्याय फिर धर्म के अनुसार किया जाएगा, और सारे सीधे मनवाले उसके पीछे पीछे हो लेंगे।।
Parantu nyaay phir dharm ke anusaar kiyaa jaaegaa, aur saare seedhe manavaale usake peechhe peechhe ho lenge..
Psalm 94:15 in English
- King James Version (KJV)
- But judgment shall return unto righteousness: and all the upright in heart shall follow it.
- World English Bible (WEB)
- For judgment will return to righteousness. All the upright in heart shall follow it.
- American Standard Version (ASV)
- For judgment shall return unto righteousness; And all the upright in heart shall follow it.
- Bible in Basic English (BBE)
- But decisions will again be made in righteousness; and they will be kept by all whose hearts are true.
- Darby Translation (DBY)
- For judgment shall return unto righteousness, and all the upright in heart shall follow it.
- Webster's Bible (WBS)
- But judgment shall return to righteousness: and all the upright in heart shall follow it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For to righteousness judgment turneth back, And after it all the upright of heart,
Read in context
- 13क्योंकि तू उसको विपत्ति के दिनों में उस समय तक चैन देता रहता है, जब तक दुष्टों के लिये गड़हा नहीं खोदा जाता।
- 14क्योंकि यहोवा अपनी प्रजा को न तजेगा, वह अपने निज भाग को न छोड़ेगा;
- 15परन्तु न्याय फिर धर्म के अनुसार किया जाएगा, और सारे सीधे मनवाले उसके पीछे पीछे हो लेंगे।।
- 16कुकर्मियों के विरूद्ध मेरी ओर कौन खड़ा होगा? मेरी ओर से अनर्थकारियों का कौन साम्हना करेगा?
- 17यदि यहोवा मेरा सहायक न होता, तो क्षण भर में मुझे चुपचाप होकर रहना पड़ता।
Cross references
- Micah 7:9 मीका 7:9मैं ने यहोवा के विरूद्ध पाप किया है, इस कारण मैं उस समय तक उसके क्रोध को सहता रहूंगा जब तक कि वह मेरा मुक मा लड़कर मेरा न्याय न चुकाएगा। उस समय वह मुझे उजियाले में निकाल ले आएगा, और मैं उसका धर्म देखूंगा।
- Psalm 37:34 भजन संहिता 37:34यहोवा की बाट जोहता रह, और उसके मार्ग पर बना रह, और वह तुझे बढ़ाकर पृथ्वी का अधिकारी कर देगा; जब दुष्ट काट डाले जाएंगे, तब तू देखेगा।।
- Psalm 97:2 भजन संहिता 97:2बादल और अन्धकार उसके चारों ओर हैं; उसके सिंहासन का मूल धर्म और न्याय है।
- Psalm 125:3–5 भजन संहिता 125:3–5क्योंकि दुष्टों का राजदण्ड धर्मियों के भाग पर बना न रहेगा, ऐसा न हो कि धर्मी अपने हाथ कुटिल काम की ओर बढ़ाएं।। हे यहोवा, भलों का, और सीधे मनवालों का भला कर! परन्तु जो मुड़कर टेढ़े मार्गों में चलते हैं, उनको यहोवा अनर्थकारियों के संग निकाल देगा! इस्राएल को शान्ति मिले!
- Malachi 3:18 मलाकी 3:18तब तुम फिरकर धर्मी और दुष्ट का भेद, अर्थात् जो परमेश्वर की सेवा करता है, और जो उसकी सेवा नहीं करता, उन दोनों को भेद पहिचान सकोगे।।
- Psalm 58:11 भजन संहिता 58:11तब मनुष्य कहने लगेंगे, निश्चय धर्मी के लिये फल है; निश्चय परमेश्वर है, जो पृथ्वी पर न्याय करता है।।
- Revelation 15:3–4 प्रकाशितवाक्य 15:3–4और वे परमेश्वर के दास मूसा का गीत, और मेम्ने का गीत गा गाकर कहते थे, कि हे र्स्वशक्तिमान प्रभु परमेश्वर, तेरे कारर्य बड़े, और अद्भुत हैं, हे युग युग के राजा, तेरी चाल ठीक और सच्ची है। हे प्रभु, कौन तुझ से न डरेगा? और तेरे नाम की महिमा न करेगा? क्योंकि केवल तू ही पवित्रा है, और सारी जातियां आकर तेरे साम्हने दण्डवत् करेंगी, क्योंकि तेरे न्याय के काम प्रगट हो गए हैं।।
- Psalm 94:2–3 भजन संहिता 94:2–3हे पृथ्वी के न्यायी उठ; और घमण्ड़ियों को बदला दे! हे यहोवा, दुष्ट लोग कब तक, दुष्ट लोग कब तक डींग मारते रहेंगे?
- Psalm 9:16 भजन संहिता 9:16यहोवा ने अपने को प्रगट किया, उस ने न्याय किया है; दुष्ट अपने किए हुए कामों में फंस जाता है।
- Psalm 7:8–9 भजन संहिता 7:8–9यहोवा समाज समाज का न्याय करता है; यहोवा मेरे धर्म और खराई के अनुसार मेरा न्याय चुका दे।। भला हो कि दुष्टों की बुराई का अन्त हो जाए, परन्तु धर्म को तू स्थिर कर; क्योंकि धर्मी परमेश्वर मन और मर्म का ज्ञाता है।
- Job 23:11–12 अय्यूब 23:11–12मेरे पैर उसके माग में स्थिर रहे; और मैं उसी का मार्ग बिना मुड़े थामे रहा। उसकी आज्ञा का पालन करने से मैं न हटा, और मैं ने उसके वचन अपनी इच्छा से कहीं अधिक काम के जानकर सुरक्षित रखे।
- James 5:7–11 याकूब 5:7–11सो हे भाइयों, प्रभु के आगमन तक धीरज धरो, देखो, गृहस्थ पृथ्वी के बहुमूल्य फल की आशा रखता हुआ प्रथम और अन्तिम वर्षा होने तक धीरज धरता है। तुम भी धीरज धरो, और अपने हृदय को दृढ़ करो, क्योंकि प्रभु का शुभागमन निकट है। हे भाइयों, एक दूसरे पर दोष न लगाओ ताकि तुम दोषी न ठहरो, देखो, हाकिम द्वार पर खड़ा है। हे भाइयो, जिन भविष्यद्वक्ताओं ने प्रभु के नाम से बातें की, उन्हें दुख उठाने और धीरज धरने का एक आदर्श समझो। देखो, हम धीरज धरने वालों को धन्य कहते हैं: तुम ने अय्यूब के धीरज के विषय में तो सुना ही है, और प्रभु की ओर से जो उसका प्रतिफल हुआ उसे भी जान लिया है, जिस से प्रभु की अत्यन्त करूणा और दया प्रगट होती है।