1 Corinthians · chapter 13 · verse 6
1 Corinthians 13:6 in Hindi
कुकर्म से आनन्दित नहीं होता, परन्तु सन्य से आनन्दित होता है।
Kukarm se aanandit naheem hotaa, parantu sany se aanandit hotaa hai.
1 Corinthians 13:6 in English
- King James Version (KJV)
- Rejoiceth not in iniquity, but rejoiceth in the truth;
- World English Bible (WEB)
- doesn’t rejoice in unrighteousness, but rejoices with the truth;
- American Standard Version (ASV)
- rejoiceth not in unrighteousness, but rejoiceth with the truth;
- Bible in Basic English (BBE)
- It takes no pleasure in wrongdoing, but has joy in what is true;
- Darby Translation (DBY)
- does not rejoice at iniquity but rejoices with the truth,
- Webster's Bible (WBS)
- Rejoiceth not in iniquity, but rejoiceth in the truth;
- Young's Literal Translation (YLT)
- rejoiceth not over the unrighteousness, and rejoiceth with the truth;
Read in context
- 4प्रेम धीरजवन्त है, और कृपाल है; प्रेम डाल नहीं करता; प्रेम अपनी बड़ाई नहीं करता, और फूलता नहीं।
- 5वह अनरीति नहीं चलता, वह अपनी भलाई नहीं चाहता, झुंझलाता नहीं, बुरा नहीं मानता।
- 6कुकर्म से आनन्दित नहीं होता, परन्तु सन्य से आनन्दित होता है।
- 7वह सब बातें सह लेता है, सब बातों की प्रतीति करता है, सब बातों की आशा रखता है, सब बातों में धीरज धरता है।
- 8प्रेम कभी टलता नहीं; भविष्यद्वाणियां हों, तो समाप्त हो जाएंगी, भाषाएं हो तो जाती रहेंगी; ज्ञान हो, तो मिट जाएगा।
Cross references
- Romans 12:9 रोमियों 12:9प्रेम निष्कपट हो; बुराई से घृणा करो; भलाई मे लगे रहो।
- 3 John 1:3–4 3 यूहन्ना 1:3–4क्योंकि जब भाइयों ने आकर, तेरे उस सत्य की गवाही दी, जिस पर तू सचमुच चलता है, तो मैं बहुत ही आनन्दित हुआ। मुझे इस से बढ़कर और कोई आनन्द नहीं, कि मैं सुनूं, कि मेरे लड़के- बाले सत्य पर चलते हैं।
- 2 John 1:4 2 यूहन्ना 1:4मैं बहुत आनन्दित हुआ, कि मैं ने तेरे कितने लड़के- बालों को उस आज्ञा के अनुसार, जो हमें पिता की ओर से मिली थी सत्य पर चलते हुए पाया।
- Romans 1:32 रोमियों 1:32वे तो परमेश्वर की यह विधि जानते हैं, कि ऐसे ऐसे काम करनेवाले मुत्यु के दण्ड के योग्य हैं, तौभी न केवल आप ही ऐसे काम करते हैं, बरन करनेवालों से प्रसन्न भी होते हैं।।
- Hosea 4:8 होशे 4:8वे मेरी प्रजा के पापबलियों को खाते हैं, और प्रजा के पापी होने की लालसा करते हैं।
- 2 Thessalonians 2:12 2 थिस्सलुनीकियों 2:12और जितने लोग सत्य की प्रतीति नहीं करते, वरन अधर्म से प्रसन्न होते हैं, सब दण्ड पाएं।।
- Proverbs 14:9 नीतिवचन 14:9मूढ़ लोग दोषी होने को ठट्ठा जानते हैं, परन्तु सीधे लोगों के बीच अनुग्रह होता है।
- Luke 19:41–42 लूका 19:41–42जब वह निकट आया तो नगर को देखकर उस पर रोया। और कहा, क्या ही भला होता, कि तू; हां, तू ही, इसी दिन में कुशल की बातें जानता, परन्तु अब वे तेरी आंखों से छिप गई हैं।
- Micah 7:8 मीका 7:8हे मेरी बैरिन, मुझ पर आनन्द मत कर; क्योंकि ज्योंही मैं गिरूंगा त्योंही उठूंगा; और ज्योंही मैं अन्धकार में पडूंगा त्योंहि यहोवा मेरे लिये ज्योति का काम देगा।
- Jeremiah 13:17 यिर्मयाह 13:17और यदि तुम इसे न सुनो, तो मैं अकेले में तुम्हारे गर्व के कारण रोऊंगा, और मेरी आंखों से आंसुओं की धारा बहती रहेगी, क्योंकि यहोवा की भेड़ें बंधुआ कर ली गई हैं।
- Philippians 3:18 फिलिप्पियों 3:18क्योंकि बहुतेरे ऐसी चाल चलते हैं, जिन की चर्चा मैं ने तुम से बार बार किया है और अब भी रो रोकर कहता हूं, कि वे अपनी चालचलन से मसीह के क्रूस के बैरी हैं।
- 1 Thessalonians 3:6–10 1 थिस्सलुनीकियों 3:6–10पर अभी तीमुथियुस ने जो तुम्हारे पास से हमारे यहां आकर तुम्हारे विश्वास और प्रेम का सुसमाचार सुनाया और इस बात को भी सुनाया, कि तुम सदा प्रेम के साथ हमें स्मरण करते हो, और हमारे देखने की लालसा रखते हो, जैसा हम भी तुम्हें देखने की। इसलिये हे भाइयों, हम ने अपनी सारी सकेती और क्लेश में तुम्हारे विश्वास से तुम्हारे विषय में शान्ति पाई। क्योंकि अब यदि तुम प्रभु में स्थिर रहो तो हम जीवित हैं। और जैसा आनन्द हमें तुम्हारे कारण अपने परमेश्वर के साम्हने है, उसके बदले तुम्हारे विषय में हम किस रीति से परमेश्वर का धन्यवाद करें? हम राज दिन बहुत ही प्रार्थना करते रहते हैं, कि तुम्हारा मुंह देखें, और तुम्हारे विश्वास की घटी पूरी करें।।