Acts · chapter 18 · verse 22
Acts 18:22 in Hindi
तब इफिसुस से जहाज खोलकर चल दिया, और कैसरिया में उतर कर (यरूशलेम को) गया और कलीसिया को नमस्कार करके अन्ताकिया में आया।
Tab iphisus se jahaaj kholakar chal diyaa, aur kaisariyaa mem utar kar (yarooshalem ko) gayaa aur kaleesiyaa ko namaskaar karake antaakiyaa mem aayaa.
Acts 18:22 in English
- King James Version (KJV)
- And when he had landed at Cæsarea, and gone up, and saluted the church, he went down to Antioch.
- World English Bible (WEB)
- When he had landed at Caesarea, he went up and greeted the assembly, and went down to Antioch.
- American Standard Version (ASV)
- And when he had landed at Cæsarea, he went up and saluted the church, and went down to Antioch.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when he had come to land at Caesarea, he went to see the church, and then went down to Antioch.
- Darby Translation (DBY)
- And landing at Caesarea, and having gone up and saluted the assembly, he went down to Antioch.
- Webster's Bible (WBS)
- And when he had landed at Cesarea, and gone up and saluted the church, he went down to Antioch.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and having come down to Caesarea, having gone up, and having saluted the assembly, he went down to Antioch.
Read in context
- 20जब उन्हों ने उस से बिनती की, कि हमारे साथ और कुछ दिन रह, तो उस ने स्वीकार न किया।
- 21परन्तु यह कहकर उन से विदा हुआ, कि यदि परमेश्वर चाहे तो मैं तुम्हारे पास फिर आऊंगा।
- 22तब इफिसुस से जहाज खोलकर चल दिया, और कैसरिया में उतर कर (यरूशलेम को) गया और कलीसिया को नमस्कार करके अन्ताकिया में आया।
- 23फिर कुछ दिन रहकर वहां से चला गया, और एक ओर से गलतिया और फ्रूगिया में सब चेलों को स्थिर करता फिरा।।
- 24अपुल्लोस नाम एक यहूदी जिस का जन्म सिकन्दरिया में हुआ था, जो विद्वान पुरूष था और पवित्रा शास्त्रा को अच्छी तरह से जानता था इफिसुस में आया।
Cross references
- Acts 8:40 प्रेरितों के काम 8:40और फिलिप्पुस अशदोद में आ निकला, और जब तक कैसरिया में न पहुंचा, तब तक नगर नगर सुसमाचार सुनाता गया।।
- Acts 15:4 प्रेरितों के काम 15:4जब यरूशलेम में पहुंचे, तो कलीसिया और प्रेरित और प्राचीन उन से आनन्द क:साथ मिले, और उन्हों ने बताया कि परमेश्वर ने उन के साथ होकर कैसे कैसे काम किए थे।
- Acts 25:9 प्रेरितों के काम 25:9तब फेस्तुस ने यहूदियों को खुश करने की इच्छा से पौलुस को उत्तर दिया, क्या तू चाहता है कि यरूशलेम को जाए; और वहां मेरे साम्हने तेरा यह मुक मा तय किया जाए?
- Acts 21:17–19 प्रेरितों के काम 21:17–19जब हम यरूशलेम में पहुंचे, तो भाई बड़े आनन्द के साथ हम से मिले। दूसरे दिन पौलुस हमें लेकर याकूब के पास गया, जहां सब प्राचीन इकट्ठे थे। तब उस ने उन्हें नमस्कार करके, जो जो काम परमेश्वर ने उस की सेवकाई के द्वारा अन्यजातियों में किए थे, एक एक करके सब बताया।
- Acts 11:19–27 प्रेरितों के काम 11:19–27सो जो लोग उस क्लेश के मारे जो स्तिफनुस के कारण पड़ा था, तित्तर बित्तर हो गए थे, वे फिरते फिरते फीनीके और कुप्रुस और अन्ताकिया में पहुंचे; परन्तु यहूदियों को छोड़ किसी और को वचन न सुनाते थे। परन्तु उन में से कितने कुप्रुसी और कुरेनी थे, जो अन्ताकिया में आकर युनानियों को भी प्रभु यीशु का सुसमचार की बातें सुनाने लगे। और प्रभु का हाथ उन पर था, और बहुत लोग विश्वास करके प्रभु की ओर फिरे। तब उन की चर्चा यरूशलेम की कलीसिया के सुनने में आई, और उन्हों ने बरनबास को अन्ताकिया भेजा। वह वहां पहुंचकर, और परमेश्वर के अनुग्रह को देखकर आनन्दित हुआ; और सब को उपदेश दिया कि तन मन लगाकर प्रभु से लिपटे रहो। क्योंकि वह एक भला मनुष्य था; और पवित्रा आत्मा से परिपूर्ण था: और और बहुत से लोग प्रभु में आ मिले। तब वह शाऊल को ढूंढने के लिये तरसुस को चला गया। और जब उन से मिला तो उसे अन्ताकिया में लाया, और ऐसा हुआ कि वे एक वर्ष तक कलीसिया के साथ मिलते और बहुत लोगों को उपदेश देते रहे, और चेले सब से पहिले अन्ताकिया ही में मसीही कहलाए।। उन्हीं दिनों में कई भविष्यद्वक्ता यरूशलेम से अन्ताकिया में आए।
- Acts 15:30 प्रेरितों के काम 15:30फिर वे विदा होकर अन्ताकिया में पहुंचे, और सभा को इकट्ठी करके वह उन्हें पत्री दे दी।
- Acts 14:26 प्रेरितों के काम 14:26और वहां से जहाज से अन्ताकिया में आए, जहां से वे उस काम के लिये जो उन्हों ने पूरा किया था परमेश्वर के अनुग्रह पर सौंपे गए थे।
- Acts 11:11 प्रेरितों के काम 11:11और देखो, तुरन्त तीन मनुष्य जो कैसरिया से मेरे पास भेजे गए थे, उस घर पर जिस में हम थे, आ खड़े हुए।
- Acts 15:35 प्रेरितों के काम 15:35और पौलुस और बरनबास अन्ताकिया में रह गए: और बहुत और लोगों के साथ प्रभु के वचन का उपदेश करते और सुसमाचार सुनाते रहे।।
- Acts 18:21–22 प्रेरितों के काम 18:21–22परन्तु यह कहकर उन से विदा हुआ, कि यदि परमेश्वर चाहे तो मैं तुम्हारे पास फिर आऊंगा। तब इफिसुस से जहाज खोलकर चल दिया, और कैसरिया में उतर कर (यरूशलेम को) गया और कलीसिया को नमस्कार करके अन्ताकिया में आया।
- Acts 23:23 प्रेरितों के काम 23:23और दो सूबेदारों को बुलाकर कहा; दो सौ सिपाही, सत्तर सवार, और दो सौ भालैत, पहर रात बीते कैसरिया को जाने के लिये तैयार कर रखो।
- Acts 25:1 प्रेरितों के काम 25:1फेस्तुस उन प्रान्त में पहुंचकर तीन दिन के बार कैसरिया से यरूशलेम को गया।