Genesis · chapter 13 · verse 9
Genesis 13:9 in Hindi
क्या सारा देश तेरे साम्हने नहीं? सो मुझ से अलग हो, यदि तू बाईं ओर जाए तो मैं दहिनी ओर जाऊंगा; और यदि तू दहिनी ओर जाए तो मैं बाईं ओर जाऊंगा।
Kyaa saaraa desh tere saamhane naheem? So mujh se alag ho, yadi too baaeem or jaae to maim dahinee or jaaoongaa; aur yadi too dahinee or jaae to maim baaeem or jaaoongaa.
Genesis 13:9 in English
- King James Version (KJV)
- [Is] not the whole land before thee? separate thyself, I pray thee, from me: if [thou wilt take] the left hand, then I will go to the right; or if [thou depart] to the right hand, then I will go to the left.
- World English Bible (WEB)
- Isn’t the whole land before you? Please separate yourself from me. If you go to the left hand, then I will go to the right. Or if you go to the right hand, then I will go to the left.”
- American Standard Version (ASV)
- Is not the whole land before thee? separate thyself, I pray thee, from me: if [thou wilt take] the left hand, then I will go to the right; or if [thou take] the right hand, then I will go to the left.
- Bible in Basic English (BBE)
- Is not all the land before you? then let us go our separate ways: if you go to the left, I will go to the right; or if you take the right, I will go to the left.
- Darby Translation (DBY)
- Is not the whole land before thee? Separate thyself, I pray thee, from me: if to the left, then I will take the right; and if to the right, then I will take the left.
- Webster's Bible (WBS)
- [Is] not the whole land before thee? Separate thyself, I pray thee, from me: if [thou wilt take] the left hand, then I will go to the right; or if [thou wilt depart] to the right hand, then I will go to the left.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Is not all the land before thee? be parted, I pray thee, from me; if to the left, then I to the right; and if to the right, then I to the left.'
Read in context
- 7सो अब्राम, और लूत की भेड़- बकरी, और गाय- बैल के चरवाहों के बीच में झगड़ा हुआ: और उस समय कनानी, और परिज्जी लोग, उस देश में रहते थे।
- 8तब अब्राम लूत से कहने लगा, मेरे और तेरे बीच, और मेरे और तेरे चरवाहों के बीच में झगड़ा न होने पाए; क्योंकि हम लोग भाई बन्धु हैं।
- 9क्या सारा देश तेरे साम्हने नहीं? सो मुझ से अलग हो, यदि तू बाईं ओर जाए तो मैं दहिनी ओर जाऊंगा; और यदि तू दहिनी ओर जाए तो मैं बाईं ओर जाऊंगा।
- 10तब लूत ने आंख उठाकर, यरदन नदी के पास वाली सारी तराई को देखा, कि वह सब सिंची हुई है।
- 11जब तक यहोवा ने सदोम और अमोरा को नाश न किया था, तब तक सोअर के मार्ग तक वह तराई यहोवा की बाटिका, और मि देश के समान उपजाऊ थी।
Cross references
- Genesis 20:15 उत्पत्ति 20:15और अबीमेलेक ने कहा, देख, मेरा देश तेरे साम्हने है; जहां तुझे भावे वहां रह।
- 1 Peter 3:8–12 1 पतरस 3:8–12निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखनेवाले, और करूणामय, और नम्र बनो। बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो। क्योंकि जो कोई जीवन की इच्छा रखता है, और अच्छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे। वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई की करे; वह मेल मिलाप को ढूंढ़े, और उस के यत्न में रहे। क्योंकि प्रभु की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान उस की बिनती की ओर लगे रहते हैं, परन्तु प्रभु बुराई करनेवालों के विमुख रहता है।।
- Genesis 34:10 उत्पत्ति 34:10और हमारे संग बसे रहो: और यह देश तुम्हारे सामने पड़ा है; इस में रहकर लेनदेन करो, और इसकी भूमि को अपने लिये ले लो।
- Hebrews 12:14 इब्रानियों 12:14सब से मेल मिलाप रखने, और उस पवित्राता के खोजी हो जिस के बिना कोई प्रभु को कदापि न देखेगा।
- Romans 12:18 रोमियों 12:18जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो।
- 1 Corinthians 6:7 1 कुरिन्थियों 6:7परन्तु सचमुच तुम में बड़ा दोष तो यह है, कि आपस में मुक मा करते हो: बरन अन्याय क्यों नहीं सहते? अपनी हानि क्यों नहीं सहते?
- Psalm 120:7 भजन संहिता 120:7मैं तो मेल चाहता हूं; परन्तु मेरे बोलते ही, वे लड़ना चाहते हैं!
- James 3:13–18 याकूब 3:13–18तुम में ज्ञानवान और समझदार कौन है? जो ऐसा हो वह अपने कामों को अच्छे चालचलन से उस नम्रता सहित प्रगट करे जो ज्ञान से उत्पन्न होती है। पर यदि तुम अपने अपने मन में कड़वी डाह और विरोध रखते हो, तो सत्य के विरोध में घमण्ड न करना, और न तो झूठ बोलना। यह ज्ञान वह नहीं, जो ऊपर से उतरता है बरन सांसारिक, और शारीरिक, और शैतानी है। इसलिये कि जहां डाह और विरोध होता है, वहां बखेड़ा और हर प्रकार का दुष्कर्म भी होता है। पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्रा होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है। और मिलाप करानेवालों के लिये धार्मिकता का फल मेल- मिलाप के साथ बोया जाता है।।