Genesis · chapter 42 · verse 19
Genesis 42:19 in Hindi
फिर, क्या देखा, कि उनके पीछे सात और गायें निकली, जो दुबली, और बहुत कुरूप, और दुर्बल हैं; मै ने तो सारे मि देश में ऐसी कुडौल गायें कभी नहीं देखीं।
Phir, kyaa dekhaa, ki unake peechhe saat aur gaayem nikalee, jo dubalee, aur bahut kuroop, aur durbal haim; mai ne to saare mi desh mem aisee kudaul gaayem kabhee naheem dekheen.
Genesis 42:19 in English
- King James Version (KJV)
- If ye [be] true [men], let one of your brethren be bound in the house of your prison: go ye, carry corn for the famine of your houses:
- World English Bible (WEB)
- If you are honest men, then let one of your brothers be bound in your prison; but you go, carry grain for the famine of your houses.
- American Standard Version (ASV)
- if ye be true men, let one of your brethren be bound in your prison-house; but go ye, carry grain for the famine of your houses:
- Bible in Basic English (BBE)
- If you are true men, let one of you be kept in prison, while you go and take grain for the needs of your families;
- Darby Translation (DBY)
- If ye are honest, let one of your brethren remain bound in the house of your prison, but go ye, carry grain for the hunger of your households;
- Webster's Bible (WBS)
- If ye [are] true [men], let one of your brethren be bound in the house of your prison: go ye, carry corn for the famine of your houses:
- Young's Literal Translation (YLT)
- if ye [are] right men, let one of your brethren be bound in the house of your ward, and ye, go, carry in corn [for] the famine of your houses,
Read in context
- 17फिर फिरौन यूसुफ से कहने लगा, मै ने अपने स्वप्न में देखा, कि मैं नील नदी के किनारे पर खड़ा हूं
- 18फिर, क्या देखा, कि नदी में से सात मोटी और सुन्दर सुन्दर गायें निकलकर कछार की घास चरने लगी।
- 19फिर, क्या देखा, कि उनके पीछे सात और गायें निकली, जो दुबली, और बहुत कुरूप, और दुर्बल हैं; मै ने तो सारे मि देश में ऐसी कुडौल गायें कभी नहीं देखीं।
- 20और इन दुर्बल और कुडौल गायों ने उन पहली सातों मोटी मोटी गायों को खा लिया।
- 21और जब वे उनको खा गई तब यह मालूम नहीं होता था कि वे उनको खा गई हैं, क्योंकि वे पहिले की नाई जैसी की तैसी कुडौल रहीं। तब मैं जाग उठा।
Cross references
- Genesis 43:1–2 उत्पत्ति 43:1–2और अकाल देश में और भी भयंकर होता गया। जब वह अन्न जो वे मि से ले आए थे समाप्त हो गया तब उनके पिता ने उन से कहा, फिर जाकर हमारे लिये थोड़ी सी भोजनवस्तु मोल ले आओ।
- Genesis 42:26 उत्पत्ति 42:26वे सात अच्छी अच्छी गायें सात वर्ष हैं; और वे सात अच्छी अच्छी बालें भी सात वर्ष हैं; स्वप्न एक ही है।
- Genesis 40:3 उत्पत्ति 40:3उन्हें कैद कराके, जल्लादों के प्रधान के घर के उसी बन्दीगृह में, जहां यूसुफ बन्धुआ था, डलवा दिया।
- Isaiah 42:22 यशायाह 42:22परन्तु ये लोग लुट गए हैं, ये सब के सब गड़हियों में फंसे हुए और कालकोठरियों में बन्द किए हुए हैं; ये पकड़े गए और कोई इन्हें नहीं छुड़ाता; ये लुट गए और कोई आज्ञा नहीं देता कि फेर दो।
- Jeremiah 37:15 यिर्मयाह 37:15तब हाकिमों ने यिर्मयाह से क्रोधित होकर उसे पिटवाया, और योनातान प्रधान के घर में बन्दी बनाकर डलवा दिया; क्योंकि उन्हों ने उसको साधारण बन्दीगृह बना दिया था।
- Genesis 42:1–2 उत्पत्ति 42:1–2पूरे दो बरस के बीतने पर फिरौन ने यह स्वप्न देखा, कि वह नील नदी के किनारे पर खड़ा है। और उस नदी में से सात सुन्दर और मोटी मोटी गायें निकलकर कछार की घास चरने लगीं।
- Isaiah 42:7 यशायाह 42:7बंधुओं को बन्दीगृह से निकाले और जो अन्धियारे में बैठे हैं उनको कालकोठरी से निकाले।
- Genesis 45:23 उत्पत्ति 45:23और अपने पिता के पास उस ने जो भेजा वह यह है, अर्थात् मि की अच्छी वस्तुओं से लदे हुए दस गदहे, और अन्न और रोटी और उसके पिता के मार्ग के लिये भोजनवस्तु से लदी हुई दस गदहियां।
- Genesis 41:56 उत्पत्ति 41:56सो जब अकाल सारी पृथ्वी पर फैल गया, और मि देश में काल का भयंकर रूप हो गया, तब यूसुफ सब भण्डारों को खोल खोलके मिस्त्रियों के हाथ अन्न बेचने लगा।