Job · chapter 12 · verse 10
Job 12:10 in Hindi
उसके हाथ में एक एक जीवधारी का प्राण, और एक एक देहधारी मनुष्य की आत्मा भी रहती है।
Usake haath mem ek ek jeevadhaaree kaa praan, aur ek ek dehadhaaree manushy kee aatmaa bhee rahatee hai.
Job 12:10 in English
- King James Version (KJV)
- In whose hand [is] the soul of every living thing, and the breath of all mankind.
- World English Bible (WEB)
- in whose hand is the life of every living thing, and the breath of all mankind?
- American Standard Version (ASV)
- In whose hand is the soul of every living thing, And the breath of all mankind?
- Bible in Basic English (BBE)
- In whose hand is the soul of every living thing, and the breath of all flesh of man.
- Darby Translation (DBY)
- In whose hand is the soul of every living thing, and the spirit of all flesh of man.
- Webster's Bible (WBS)
- In whose hand [is] the soul of every living thing, and the breath of all mankind.
- Young's Literal Translation (YLT)
- In whose hand [is] the breath of every living thing, And the spirit of all flesh of man.'
Read in context
- 8पृथ्वी पर ध्यान दे, तब उस से तुझे शिक्षा मिलेगी; ओर समुद्र की मछलियां भी तुझ से वर्णन करेंगी।
- 9कौन इन बातों को नहीं जानता, कि यहोवा ही ने अपने हाथ से इस संसार को बनाया है।
- 10उसके हाथ में एक एक जीवधारी का प्राण, और एक एक देहधारी मनुष्य की आत्मा भी रहती है।
- 11जैसे जीभ से भोजन चखा जाता है, क्या वैसे ही कान से वचन नहीं परखे जाते?
- 12बूढ़ां में बुध्दि पाई जाती है, और लम्बी आयुवालों में समझ होती तो है।
Cross references
- Acts 17:28 प्रेरितों के काम 17:28क्योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते- फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, कि हम तो उसी के वंश भी हैं।
- Job 33:4 अय्यूब 33:4मुझे ईश्वर की आत्मा ने बनाया है, और सर्वशक्तिमान की सांस से मुझे जीवन मिलता है।
- Acts 17:25 प्रेरितों के काम 17:25न किसी वस्तु का प्रयोजन रखकर मनुष्यों के हाथों की सेवा लेता है, क्योंकि वह तो आप ही सब को जीवन और स्वास और सब कुछ देता है।
- Job 27:3 अय्यूब 27:3क्योंकि अब तक मेरी सांस बराबर आती है, और ईश्वर का आत्मा मेरे नथुनों में बना है।
- Numbers 16:22 गिनती 16:22तब वे मुंह के बल गिरके कहने लगे, हे ईश्वर, हे सब प्राणियों के आत्माओं के परमेश्वर, क्या एक पुरूष के पाप के कारण तेरा क्रोध सारी मण्डली पर होगा?
- Daniel 5:23 दानिय्येल 5:23वरन तू ने स्वर्ग के प्रभु के विरूद्ध सिर उठाकर उसके भवन के पात्रा मंगवाकर अपने साम्हने धरवा लिए, और अपने प्रधानों और रानियों और रखेलियों समेत तू ने उन में दाखमधु पिया; और चान्दी- सोने, पीतल, लोहे, काठ और पत्थर के देवता, जो न देखते न सुनते, न कुछ जानते हैं, उनकी तो स्तुति की, परन्तु परमेश्वर, जिसके हाथ में तेरा प्राण है, और जिसके वश में तेरा सब चलना फिरना है, उसका सन्मान तू ने नहीं किया।।
- Psalm 146:3–4 भजन संहिता 146:3–4तुम प्रधानों पर भरोसा न रखना, न किसी आदमी पर, क्योंकि उस में उद्धार करने की भी शक्ति नहीं। उसका भी प्राण निकलेगा, वही भी मिट्टी में मिल जाएगा; उसी दिन उसकी सब कल्पनाएं नाश हो जाएंगी।।
- Job 34:14–15 अय्यूब 34:14–15यदि वह मनुष्य से अपना मन हटाये और अपना आत्मा और श्वास अपने ही में समेट ले, तो सब देहधारी एक संग नाश हो जाएंगे, और मनुष्य फिर मिट्टी में मिल जाएगा।
- Psalm 104:29 भजन संहिता 104:29तू मुख फेर लेता है, और वे घबरा जाते हैं; तू उनकी सांस ले लेता है, और उनके प्राण छूट जाते हैं और मिट्टी में फिर मिल जाते हैं।
- John 3:6 यूहन्ना 3:6क्योंकि जो शरीर से जन्मा है, वह शरीर है; और जो आत्मा से जन्मा है, वह आत्मा है।
- Genesis 2:7 उत्पत्ति 2:7और यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा और उसके नथनो में जीवन का श्वास फूंक दिया; और आदम जीवता प्राणी बन गया।
- Genesis 6:17 उत्पत्ति 6:17और सुन, मैं आप पृथ्वी पर जलप्रलय करके सब प्राणियों को, जिन में जीवन की आत्मा है, आकाश के नीचे से नाश करने पर हूं: और सब जो पृथ्वी पर है मर जाएंगे।