Job · chapter 7 · verse 4
Job 7:4 in Hindi
जब मैं लेट लाता, तब कहता हूँ, मैं कब उठूंगा? और रात कब बीतेगी? और पौ फटने तक छटपटाते छटपटाते उकता जाता हूँ।
Jab maim let laataa, tab kahataa hoon, maim kab uthoongaa? Aur raat kab beetegee? Aur pau phatane tak chhatapataate chhatapataate ukataa jaataa hoon.
Job 7:4 in English
- King James Version (KJV)
- When I lie down, I say, When shall I arise, and the night be gone? and I am full of tossings to and fro unto the dawning of the day.
- World English Bible (WEB)
- When I lie down, I say, ‘When will I arise, and the night be gone?’ I toss and turn until the dawning of the day.
- American Standard Version (ASV)
- When I lie down, I say, When shall I arise, and the night be gone? And I am full of tossings to and fro unto the dawning of the day.
- Bible in Basic English (BBE)
- When I go to my bed, I say, When will it be time to get up? but the night is long, and I am turning from side to side till morning light.
- Darby Translation (DBY)
- If I lie down, I say, When shall I rise up, and the darkness be gone? and I am full of tossings until the dawn.
- Webster's Bible (WBS)
- When I lie down, I say, When shall I arise, and the night be gone? and I am full of tossings to and fro to the dawning of the day.
- Young's Literal Translation (YLT)
- If I lay down then I said, 'When do I rise!' And evening hath been measured, And I have been full of tossings till dawn.
Read in context
- 2जैसा कोई दास छाया की अभिलाषा करे, वा मजदूर अपनी मजदूरी की आशा रखे;
- 3वैसा ही मैं अनर्थ के महीनों का स्वामी बनाया गया हूँ, और मेरे लिये क्लेश से भरी रातें ठहराई गई हैं।
- 4जब मैं लेट लाता, तब कहता हूँ, मैं कब उठूंगा? और रात कब बीतेगी? और पौ फटने तक छटपटाते छटपटाते उकता जाता हूँ।
- 5मेरी देह कीड़ों और और मिट्टी के ढेलों से ढकी हुई है; मेरा चमड़ा सिमट जाता, और फिर गल जाता है।
- 6मेरे दिन जुलाहे की धड़की से अधिक फुत से चलनेवाले हैं और निराशा में बीते जाते हैं।
Cross references
- Deuteronomy 28:67 व्यवस्थाविवरण 28:67तेरे मन में जो भय बना रहेगा, उसके कारण तू भोर को आह मारके कहेगा, कि सांझ कब होगी! और सांझ को आह मारके कहेगा, कि भोर कब होगा।
- Job 7:13–14 अय्यूब 7:13–14जब जब मैं सोचता हूं कि मुझे खाट पर शान्ति मिलेगी, और बिछौने पर मेरा खेद कुछ हलका होगा; तब तब तू मुझे स्वप्नों से घबरा देता, और दर्शनों से भयभीत कर देता है;
- Psalm 77:4 भजन संहिता 77:4तू मुझे झपकी लगने नहीं देता; मैं ऐसा घबराया हूं कि मेरे मुंह से बात नहीं निकलती।।
- Psalm 130:6 भजन संहिता 130:6पहरूए जितना भोर को चाहते हैं, हां, पहरूए जितना भोर को चाहते हैं, उस से भी अधिक मैं यहोवा को अपने प्राणों से चाहता हूं।।
- Psalm 6:6 भजन संहिता 6:6मैं कराहते कराहते थक गया; मैं अपनी खाट आंसुओं से भिगोता हूं; प्रति रात मेरा बिछौना भीगता है।
- Job 30:17 अय्यूब 30:17रात को मेरी हड्डियां मेरे अन्दर छिद जाती हैं और मेरी नसोंमें चैन नहीं पड़ती
- Job 17:12 अय्यूब 17:12वे रात को दिन ठहराते; वे कहते हैं, अन्धियारे के निकट उजियाला है।
- Isaiah 54:11 यशायाह 54:11हे दु:खियारी, तू जो आंधी की सताई है और जिस को शान्ति नहीं मिली, सुन, मैं तेरे पत्थरों की पच्चीकारी कर के बैठाऊंगा, और तेरी नेव नीलमणि से डालूंगा।
- Psalm 109:23 भजन संहिता 109:23मैं ढलती हुई छाया की नाई जाता रहा हूं; मैं टिड्डी के समान उड़ा दिया गया हूं।