Job · chapter 8 · verse 9
Job 8:9 in Hindi
क्योंकि हम तो कल ही के हैं, और कुछ नहीं जानते; और पृथ्वी पर हमारे दिन छाया की नाई बीतते जाते हैं।
Kyonki ham to kal hee ke haim, aur kuchh naheem jaanate; aur pruthvee par hamaare din chhaayaa kee naaee beetate jaate hain.
Job 8:9 in English
- King James Version (KJV)
- (For we [are but of] yesterday, and know nothing, because our days upon earth [are] a shadow:)
- World English Bible (WEB)
- (For we are but of yesterday, and know nothing, because our days on earth are a shadow.)
- American Standard Version (ASV)
- (For we are but of yesterday, and know nothing, Because our days upon earth are a shadow);
- Bible in Basic English (BBE)
- (For we are but of yesterday, and have no knowledge, because our days on earth are gone like a shade:)
- Darby Translation (DBY)
- For we are [but] of yesterday, and know nothing, for our days upon earth are a shadow.
- Webster's Bible (WBS)
- (For we [are but of] yesterday, and know nothing, because our days upon earth [are] a shadow:)
- Young's Literal Translation (YLT)
- (For of yesterday we [are], and we know not, For a shadow [are] our days on earth.)
Read in context
- 7चाहे तेरा भाग पहिले छोटा ही रहा हो परन्तु अन्त में तेरी बहुत बढती होती।
- 8अगली पीढ़ी के लोगों से तो पूछ, और जो कुछ उनके पुरखाओं ने जांच पड़ताल की है उस पर ध्यान दे।
- 9क्योंकि हम तो कल ही के हैं, और कुछ नहीं जानते; और पृथ्वी पर हमारे दिन छाया की नाई बीतते जाते हैं।
- 10क्या वे लोग तुझ से शिक्षा की बातें न कहेंगे? क्या वे अपने मन से बात न निकालेंगे?
- 11क्या कछार की घास पानी बिना बढ़ सकती है? क्या सरकणडा कीच बिना बढ़ता है?
Cross references
- 1 Chronicles 29:15 1 इतिहास 29:15तेरी दृष्टि में हम तो अपने सब पुरखाओं की नाईं पराए और परदेशी हैं; पृथ्वी पर हमारे दिन छाया की नाईं बीते जाते हैं, और हमारा कुछ ठिकाना नहीं।
- Psalm 144:4 भजन संहिता 144:4मनुष्य तो सांस के समान है; उसके दिन ढलती हुई छाया के समान हैं।।
- Job 14:2 अय्यूब 14:2वह फूल की नाई खिलता, फिर तोड़ा जाता हे; वह छाया की रीति पर ढल जाता, और कहीं ठहरता नहीं।
- Psalm 102:11 भजन संहिता 102:11मेरी आयु ढलती हुई छाया के समान है; और मैं आप घास की नाईं सूख चला हूं।।
- Genesis 47:9 उत्पत्ति 47:9याकूब ने फिरौन से कहा, मैं तो एक सौ तीस वर्ष परदेशी होकर अपना जीवन बीता चुका हूं; मेरे जीवन के दिन थोड़े और दु:ख से भरे हुए भी थे, और मेरे बापदादे परदेशी होकर जितने दिन तक जीवित रहे उतने दिन का मैं अभी नहीं हुआ।
- Job 7:6 अय्यूब 7:6मेरे दिन जुलाहे की धड़की से अधिक फुत से चलनेवाले हैं और निराशा में बीते जाते हैं।
- Psalm 90:4 भजन संहिता 90:4क्योंकि हजार वर्ष तेरी दृष्टि में ऐसे हैं, जैसा कल का दिन जो बीत गया, वा रात का एक पहर।।
- Psalm 39:5 भजन संहिता 39:5देख, तू ने मेरे आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरी अवस्था तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तौभी व्यर्थ ठहरे हैं।