Mark · chapter 10 · verse 24
Mark 10:24 in Hindi
यीशु ने चारों और देखकर अपने चेलों से कहा, धनवानों को परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है!
Yeeshu ne chaarom aur dekhakar apane chelom se kahaa, dhanavaanom ko parameshvar ke raajy mem pravesh karanaa kaisaa kathin hai!
Mark 10:24 in English
- King James Version (KJV)
- And the disciples were astonished at his words. But Jesus answereth again, and saith unto them, Children, how hard is it for them that trust in riches to enter into the kingdom of God!
- World English Bible (WEB)
- The disciples were amazed at his words. But Jesus answered again, “Children, how hard it is for those who trust in riches to enter into God’s Kingdom!
- American Standard Version (ASV)
- And the disciples were amazed at his words. But Jesus answereth again, and saith unto them, Children, how hard is it for them that trust in riches to enter into the kingdom of God!
- Bible in Basic English (BBE)
- And the disciples were full of wonder at his words. But Jesus said to them again, Children, how hard it is for those who put faith in wealth to come into the kingdom of God!
- Darby Translation (DBY)
- And the disciples were amazed at his words. And Jesus again answering says to them, Children, how difficult it is that those who trust in riches should enter into the kingdom of God!
- Webster's Bible (WBS)
- And the disciples were astonished at his words. But Jesus answereth again, and saith to them, Children, how hard is it for them that trust in riches to enter into the kingdom of God!
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the disciples were astonished at his words, and Jesus again answering saith to them, 'Children, how hard is it to those trusting on the riches to enter into the reign of God!
Read in context
- 22इस बात से उसके चिहरे पर उदासी छा गई, और वह शोक करता हुआ चला गया, क्योंकि वह बहुत धनी था।
- 23यीशु ने चारों ओर देखकर अपने चेलों से कहा, धनवानों को परमेश्वरके राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है!
- 24यीशु ने चारों और देखकर अपने चेलों से कहा, धनवानों को परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है!
- 25चेले उस की बातों से अचम्भित हुए, इस पर यीशु ने फिर उन को उत्तर दिया, हे बालको, जो धन पर भरोसा रखते हैं, उन के लिये परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है!
- 26वे बहुत ही चकित होकर आपस में कहने लगे तो फिर किस का उद्धार हो सकता है।
Cross references
- Proverbs 11:28 नीतिवचन 11:28जो अपने धन पर भरोसा रखता है वह गिर जाता है, परन्तु धर्मी लोग नये पत्ते की नाई लहलहाते हैं।
- James 5:1–3 याकूब 5:1–3हे धनवानों सुन तो लो; तुम अपने आने वाले क्लेशों पर चिल्ला-चिल्लाकर रोओ। तुम्हारा धन बिगड़ गया और तुम्हारे वस्त्रों को कीड़े खा गए। तुम्हारे सोने-चान्दी में काई लग गई है; और वह काई तुम पर गवाही देगी, और आग की नाईं तुम्हारा मांस खा जाएगी: तुम ने अन्तिम युग में धन बटोरा है।
- Psalm 52:7 भजन संहिता 52:7देखो, यह वही पुरूष है जिस ने परमेश्वर को अपनी शरण नहीं माना, परन्तु अपने धन की बहुतायत पर भरोसा रखता था, और अपने को दुष्टता में दृढ़ करता रहा!
- 1 Timothy 6:17 1 तीमुथियुस 6:17इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे, कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर आशा न रखें, परन्तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है।
- Revelation 3:17 प्रकाशितवाक्य 3:17तू जो कहता है, कि मैं धनी हूं, और धनवान हो गया हूं, और मुझे किसी वस्तु की घटी नहीं, और यह नहीं जानता, कि तू अभागा और तुच्छ और कंगाल और अन्धा, और नंगा है।
- Proverbs 18:11 नीतिवचन 18:11धनी का धन उसकी दृष्टि में गढ़वाला नगर, और ऊंचे पर बनी हुई शहरपनाह है।
- Luke 12:16–21 लूका 12:16–21उस ने उन से एक दृष्टान्त कहा, कि किसी धनवान की भूमि में बड़ी उपज हुई। तब वह अपने मन में विचार करने लगा, कि मैं क्या करूं, क्योंकि मेरे यहां जगह नहीं, जहां अपनी उपज इत्यादि रखूं। और उस ने कहा; मैं यह करूंगा: मैं अपनी बखारियां तोड़ कर उन से बड़ी बनाऊंगा; और वहां अपना सब अन्न और संपत्ति रखूंगा: और अपने प्राण से कहूंगा, कि प्राण, तेरे पास बहुत वर्षों के लिये बहुत संपत्ति रखी है; चैन कर, खा, पी, सुख से रह। परन्तु परमेश्वर ने उस से कहा; हे मूर्ख, इसी रात तेरा प्राण तुझ से ले लिया जाएगा: तब जो कुछ तू ने इकट्ठा किया है, वह किस का होगा? ऐसा ही वह मनुष्य भी है जो अपने लिये धन बटोरता है, परन्तु परमेश्वर की दृष्टि में धनी नहीं।।
- Psalm 62:10 भजन संहिता 62:10अन्धेर करने पर भरोसा मत रखो, और लूट पाट करने पर मत फूलो; चाहे धन सम्पति बढ़े, तौभी उस पर मन न लगाना।।
- Luke 16:14 लूका 16:14फरीसी जो लोभी थे, ये सब बातें सुन कर उसे ठट्ठों में उड़ाने लगे।
- Job 31:24–25 अय्यूब 31:24–25यदि मैं ने सोने का भरोसा किया होता, वा कुन्दन को अपना आसरा कहा होता, वा अपने बहुत से धन वा अपनी बड़ी कमाई के कारण आनन्द किया होता,
- Psalm 17:14 भजन संहिता 17:14अपना हाथ बढ़ाकर हे यहोवा, मुझे मनुष्यों से बचा, अर्थात् संसारी मनुष्यों से जिनका भाग इसी जीवन में है, और जिनका पेट तू अपने भण्डार से भरता है। वे बालबच्चों से सन्तुष्ट हैं; और शेष सम्पति अपने बच्चों के लिये छोड़ जाते हैं।।
- Ezekiel 28:4–5 यहेजकेल 28:4–5तू ने अपनी बुद्धि और समझ के द्वारा धन प्राप्त किया, और अपने भण्डारों में सोना- चान्दी रखा है; तू ने बड़ी बुद्धि से लेन- देन किया जिस से तेरा धन बढ़ा, और धन के कारण तेरा मन फूल उठा है।